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Udham Singh Nagar News: खुरपिया के श्रमिकों को आवासीय भूखंड देंगी पन्ना विनय साह
Sun, 02 Apr 2023 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:42 PM IST
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किच्छा। खुरपिया फार्म की मालकिन पन्ना विनय साह को 30 साल बाद अपनी जमीन पर कब्जा मिला है। जमीन पर कब्जा मिलने के बाद पहली बार यहां पहुंची साह ने उनकी भूमि पर वर्षों से काबिज श्रमिकों को आवासीय भूखंड देने की घोषणा की। उन्होंने जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि 30 साल बाद उन्हें न्याय मिला है। आवासीय भूखंड देने की घोषणा पर वहां मौजूद श्रमिकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस मौके पर पन्ना विनय साह ने कहा कि इस फार्म से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं। उनके परिवार की जमीन पर किसी कंपनी ने कब्जा कर लिया था। लंबी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है। उनके पिता ने हां 1933 में एक कंपनी की स्थापना की थी। दुर्भाग्य रहा कि पारिवारिक विभाजन के बाद कंपनी के बाहुबली मैनेजरों और गुंडों मुझे और फार्म पर कार्यरत लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। कंपनी में काम करने वाले ईमानदार लोगों को धमकाया। बिना किसी बात के नौकरी से निकाल दिया। उन्होंन कहा कि वह इस जमीन पर वर्षो से रह रहे श्रमिकों को आवासीय भूखंड दान कर रही हैं। उनकी कोई संतान नहीं है। पूरा जीवन लोक सेवा में लगाया। इस फार्म में बैठे लोग ही उनकी संतान हैं।उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि फार्म परिसर में साल 2014 से बंद पड़े प्राथमिक स्कूल को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा ताकि इस स्कूल में श्रमिकों के बच्चे शिक्षा ले सकें। इस मौके पर उनके भाई कार्तिक किलाचंद, वकील दीपक गोयल, चंचल सिंह मनराल आदि थे।
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इस मौके पर पन्ना विनय साह ने कहा कि इस फार्म से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हैं। उनके परिवार की जमीन पर किसी कंपनी ने कब्जा कर लिया था। लंबी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है। उनके पिता ने हां 1933 में एक कंपनी की स्थापना की थी। दुर्भाग्य रहा कि पारिवारिक विभाजन के बाद कंपनी के बाहुबली मैनेजरों और गुंडों मुझे और फार्म पर कार्यरत लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। कंपनी में काम करने वाले ईमानदार लोगों को धमकाया। बिना किसी बात के नौकरी से निकाल दिया। उन्होंन कहा कि वह इस जमीन पर वर्षो से रह रहे श्रमिकों को आवासीय भूखंड दान कर रही हैं। उनकी कोई संतान नहीं है। पूरा जीवन लोक सेवा में लगाया। इस फार्म में बैठे लोग ही उनकी संतान हैं।उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि फार्म परिसर में साल 2014 से बंद पड़े प्राथमिक स्कूल को शीघ्र ही शुरू किया जाएगा ताकि इस स्कूल में श्रमिकों के बच्चे शिक्षा ले सकें। इस मौके पर उनके भाई कार्तिक किलाचंद, वकील दीपक गोयल, चंचल सिंह मनराल आदि थे।
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