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शिक्षामंत्री व अन्य के खिलाफ काशीपुर में दर्ज मुकदमा वापसी के आदेश
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काशीपुर। उत्तराखंड शासन ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री समेत 110 लोगों के खिलाफ छह वर्ष पूर्व काशीपुर कोतवाली में दर्ज कराया गया मुकदमा वापस ले लिया है। इन लोगों ने सचिन उर्फ मोनू हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर 8 नवंबर 2013 को कोतवाली में धरना दिया था। शासन के अपर सचिव (गृह) ने डीएम को पत्र भेजकर इस संबंध में शासन के निर्णय से अवगत करा दिया है।
महेशपुरा निवासी सचिन वाल्मीकि उर्फ मोनू भारती की 2 नवंबर 2013 को हत्या कर दी गई थी। उसका शव आर्य नगर में एक खाली भूखंड में पड़ा मिला था। मृतक का एक हाथ काटकर नाले में डाल दिया गया था। इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लंबा आंदोलन चलाया था। इसी क्रम में भाजपाइयों ने 8 नवंबर 2019 को कोतवाली में धरना भी दिया।
तत्कालीन एसएसआई धीरेंद्र कुमार ने 10 भाजपा नेताओं को नामजद करते हुए 110 अन्य के खिलाफ पुलिस के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पूर्व सांसद बलराज पासी, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, राम मेहरोत्रा, गुरविंदर सिंह चंडोक, अजय शर्मा, खिलेंद्र चौधरी, मनोज पाल, ईश्वर चंद्र गुप्ता, वासु शर्मा, गगन कांबोज आदि के खिलाफ धारा 147, 353, 341 व 500 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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वर्ष 2015 में पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट दायर की। तब से यह मुकदमा न्यायालय में लंबित है। 30 जुलाई 2019 को उत्तराखंड शासन के अपर सचिव (गृह) अतर सिंह ने डीएम, ऊधमसिंह नगर को अवगत कराया है कि काशीपुर कोतवाली में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 544/2013 सरकार बनाम अरविंद पांडेय और अन्य से संबंधित अभियोग शासन ने वापस लेने का निर्णय लिया है। अत: सीपीसी 1973 की धारा 321 के अंतर्गत उक्त मुकदमा न्यायालय की सम्मति से वापस ले लिया जाए।
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महेशपुरा निवासी सचिन वाल्मीकि उर्फ मोनू भारती की 2 नवंबर 2013 को हत्या कर दी गई थी। उसका शव आर्य नगर में एक खाली भूखंड में पड़ा मिला था। मृतक का एक हाथ काटकर नाले में डाल दिया गया था। इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लंबा आंदोलन चलाया था। इसी क्रम में भाजपाइयों ने 8 नवंबर 2019 को कोतवाली में धरना भी दिया।
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तत्कालीन एसएसआई धीरेंद्र कुमार ने 10 भाजपा नेताओं को नामजद करते हुए 110 अन्य के खिलाफ पुलिस के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने और सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पूर्व सांसद बलराज पासी, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, राम मेहरोत्रा, गुरविंदर सिंह चंडोक, अजय शर्मा, खिलेंद्र चौधरी, मनोज पाल, ईश्वर चंद्र गुप्ता, वासु शर्मा, गगन कांबोज आदि के खिलाफ धारा 147, 353, 341 व 500 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
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वर्ष 2015 में पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट दायर की। तब से यह मुकदमा न्यायालय में लंबित है। 30 जुलाई 2019 को उत्तराखंड शासन के अपर सचिव (गृह) अतर सिंह ने डीएम, ऊधमसिंह नगर को अवगत कराया है कि काशीपुर कोतवाली में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 544/2013 सरकार बनाम अरविंद पांडेय और अन्य से संबंधित अभियोग शासन ने वापस लेने का निर्णय लिया है। अत: सीपीसी 1973 की धारा 321 के अंतर्गत उक्त मुकदमा न्यायालय की सम्मति से वापस ले लिया जाए।