{"_id":"598627bc4f1c1bd7058b46c7","slug":"opposition-to-the-businessman-s-arrest","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली पुलिस को गिरफ्तारी से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली पुलिस को गिरफ्तारी से रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीपुर।
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:47 AM IST
विज्ञापन
व्यापारी की गिरफ्तारी का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। रिश्ता तोड़ने पर युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में कई परिजनों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को काशीपुर में दबिश दी लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके। दिल्ली पुलिस को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। आरोपियों के पक्ष में एकजुट लोगों ने कोतवाली पहुंच कर आरोपी पक्ष को निर्दोष बताया। इस कारण दिल्ली पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
विज्ञापन
शिवनगर कॉलोनी विपिन मित्तल के पुत्र विदित मित्तल मर्चेंट नेवी में सेकेंड अफसर हैं। विदित का रिश्ता दिल्ली की कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी निजी स्कूल की शिक्षिका से तय हुआ था। सात दिसंबर 2016 को इनकी सगाई हुई। मई में दोनों का विवाह होना था लेकिन बाद में वधू को तेज बताते हुए विदित के परिजनों ने विवाह से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
दोनों पक्षों के बीच बात बिगड़ जाने पर युवती ने दो अगस्त को दिल्ली के कृष्णानगर थाने में विदित के खिलाफ दुष्कर्म, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में विदित के पिता और दो अन्य को भी आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस की उपनिरीक्षक शिल्पी मामले की विवेचना कर रही हैं।
विज्ञापन
इसलिए वह शनिवार को पुलिस टीम के साथ काशीपुर पहुंची। दिल्ली पुलिस ने काशीपुर पुलिस की मदद से शिवनगर कॉलोनी स्थित मित्तल के आवास पर दबिश दी लेकिन वहां पुलिस को कोई आरोपी नहीं मिला। विवेचना अधिकारी शिल्पी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया गया है।
कड़कड़डूमा कोर्ट में 164 सीआरपीसी के तहत पीड़िता के इकबालिया बयान भी दर्ज कराए गए हैं। पुलिस ने कोर्ट से दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी हासिल किए हैं। वहीं भाजपा, कांग्रेस के नेताओं, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना था कि युवती पक्ष ने मित्तल परिवार पर निराधार आरोप लगाए हैं।
रिश्ता तय करते समय वर पक्ष को वादी पक्ष की कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी थी। ऐसे में दहेज की मांग का कोई औचित्य नहीं बनता। विवेचनाधिकारी ने उनसे कहा कि आरोपी अपना पक्ष संबंधित कोर्ट में रख सकते हैं। वहां पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, इंका नेता मनोज जोशी, दीपक वर्मा, अंशु रस्तोगी, अश्वनी छाबड़ा, लवीश अरोरा आदि थे।