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जिला पंचायत का काम लोनिवि को देने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 11 Jan 2018 12:20 AM IST
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रुद्रपुर में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक करते जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार और अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
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जिला पंचायत की बोर्ड बैैठक में वर्ष 2017-18 का 36 करोड़ 41 लाख 15 हजार रुपये का पुनरीक्षित बजट और 2018-19 के लिए 38 करोड़, 24 लाख, 70 हजार रुपये का अनुमानित बजट पारित किया गया। इसके अलावा जिले के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग से चार करोड़, 69 लाख, 25 हजार रुपये का बजट मिला।
बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय में बोर्ड बैठक में सदस्यों ने जिला योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले जिला योजना के तहत विकास कार्य जिला पंचायत कराती थी। इस वर्ष जिला योजना से जिला पंचायत को विकास कार्यों के लिए सात करोड़ 30 लाख रुपये का बजट मिलने वाला था।
लेकिन सरकार ने लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाते हुए यह बजट लोनिवि को दे दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति धीमी होगी। पिछले वर्ष इस मद से जिला पंचायत को करीब चार करोड़ रुपये मिले थे। जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी लाल गंगवार ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए विकास कार्यों में गति लाने के लिए आपसी सामंजस्य बनाकर कार्य करने को कहा।
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कहा कि जिस क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे है, वहां के जिला पंचायत सदस्यों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्या को 15 दिन के भीतर सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालों के लिखित जवाब देने को कहा। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति, लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान, शिक्षा, चिकित्सा आदि विभागों की समीक्षा की गई।
जिला पंचायत सदस्यों ने नहरों की सफाई, जिला योजना के अंतर्गत अधूरे मार्ग निर्माण की सूची उपलब्ध कराने की मांग की। प्रभारी डीएम आलोक पांडेय ने कहा कि योजनाओं की जानकारी देने और गांवों के विकास के लिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारी सप्ताह में दो दिन और जिला स्तरीय अधिकारी 15 दिन में दो गांवों का भ्रमण करेंगे। किसानों को न्यूनतम दर में कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को प्रति पौध एक रुपये की दर से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर विधायक हरभजन चीमा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, सीएमओ डॉ. एसके शाह, जिला विकास अधिकारी अजय सिंह, कविता देवी, इंद्रा देवी, रविन्द्र सिंह, वहीदुल्ला खां, कुसुम देवी, तारक मंडल, मालती विश्वास सहित अनेेक मौजूद रहे।
परिसीमन से जिला पंचायत को दो करोड़ रुपये का नुकसान
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार ने कहा नगर निगमों के परिसीमन से पंचायतों के आय के स्रोत कम हो गए हैं। काशीपुर का हाट बाजार और रुद्रपुर सिडकुल क्षेत्र भी नगर निगम में आ गया है। नगर निगमों के परिसीमन में जिला पंचायत को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला पंचायत का काफी हिस्सा नगर निगम में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत की आय बढ़ाने को लेकर जिला पंचायत सदस्य मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि 16 जनवरी को देहरादून में मुख्यमंत्री इस संबंध में जिले के पंचायत सदस्यों से वार्ता करेंगे।
सिर्फ खटीमा ब्लॉक प्रमुख पहुंचे
जिला पंचायत की बैठक में नामित सदस्य होने के बावजूद जिले के ब्लॉक प्रमुखों ने बैठक के प्रति उदासीनता दिखाई। सिर्फ खटीमा के ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा ही बैठक में मौजूद रहे। इसके साथ ही जिले के 42 में से 21 सदस्य ही बैठक में मौजूद रहे।
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बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय में बोर्ड बैठक में सदस्यों ने जिला योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहले जिला योजना के तहत विकास कार्य जिला पंचायत कराती थी। इस वर्ष जिला योजना से जिला पंचायत को विकास कार्यों के लिए सात करोड़ 30 लाख रुपये का बजट मिलने वाला था।
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लेकिन सरकार ने लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था बनाते हुए यह बजट लोनिवि को दे दिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति धीमी होगी। पिछले वर्ष इस मद से जिला पंचायत को करीब चार करोड़ रुपये मिले थे। जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी लाल गंगवार ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए विकास कार्यों में गति लाने के लिए आपसी सामंजस्य बनाकर कार्य करने को कहा।
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कहा कि जिस क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे है, वहां के जिला पंचायत सदस्यों को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्या को 15 दिन के भीतर सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालों के लिखित जवाब देने को कहा। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति, लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान, शिक्षा, चिकित्सा आदि विभागों की समीक्षा की गई।
जिला पंचायत सदस्यों ने नहरों की सफाई, जिला योजना के अंतर्गत अधूरे मार्ग निर्माण की सूची उपलब्ध कराने की मांग की। प्रभारी डीएम आलोक पांडेय ने कहा कि योजनाओं की जानकारी देने और गांवों के विकास के लिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारी सप्ताह में दो दिन और जिला स्तरीय अधिकारी 15 दिन में दो गांवों का भ्रमण करेंगे। किसानों को न्यूनतम दर में कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों को प्रति पौध एक रुपये की दर से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर विधायक हरभजन चीमा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा, सीएमओ डॉ. एसके शाह, जिला विकास अधिकारी अजय सिंह, कविता देवी, इंद्रा देवी, रविन्द्र सिंह, वहीदुल्ला खां, कुसुम देवी, तारक मंडल, मालती विश्वास सहित अनेेक मौजूद रहे।
परिसीमन से जिला पंचायत को दो करोड़ रुपये का नुकसान
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार ने कहा नगर निगमों के परिसीमन से पंचायतों के आय के स्रोत कम हो गए हैं। काशीपुर का हाट बाजार और रुद्रपुर सिडकुल क्षेत्र भी नगर निगम में आ गया है। नगर निगमों के परिसीमन में जिला पंचायत को करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला पंचायत का काफी हिस्सा नगर निगम में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत की आय बढ़ाने को लेकर जिला पंचायत सदस्य मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि 16 जनवरी को देहरादून में मुख्यमंत्री इस संबंध में जिले के पंचायत सदस्यों से वार्ता करेंगे।
सिर्फ खटीमा ब्लॉक प्रमुख पहुंचे
जिला पंचायत की बैठक में नामित सदस्य होने के बावजूद जिले के ब्लॉक प्रमुखों ने बैठक के प्रति उदासीनता दिखाई। सिर्फ खटीमा के ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा ही बैठक में मौजूद रहे। इसके साथ ही जिले के 42 में से 21 सदस्य ही बैठक में मौजूद रहे।