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गुटखा खा गए हुजूर, काम फिर भी नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:31 AM IST
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रुद्रपुर के खंड विकास कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान फाईलों की जांच करते एसडीएम रोहित मीणा।
- फोटो : amar ujala
ब्लाक कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में औचक निरीक्षण को पहुंचे एसडीएम रोहित मीणा को कई खामियां मिली। इस दौरान वृद्धावस्था पेंशन के लिए चक्कर लगा रहे एक फरियादी ने शिकायत की कि लंबे समय से उसका काम नहीं हो रहा। अफसर ने उससे गुटखा मंगाया, फिर भी काम नहीं किया। इस पर एसडीएम ने संबंधित अधिकारी को जमकर फटकार लगाई और लंबित पत्रवालियां कब्जे में ले लीं।
काशीपुर रोड स्थित खंड विकास कार्यालय में बुधवार को जनता की समस्याओं के निदान के लिए जनसुनवाई कैंप लगाया गया था। सुबह करीब 11 बजे एसडीएम रोहित मीणा कैंप का औचक निरीक्षण करने ब्लाक कार्यालय पहुंच गए, इससे अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी बीडी राणा के कार्यालय में पहुंचकर वहां मौजूद पत्रावलियों की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि कार्यालय में कई मामलों की पत्रावलियां लंबित पड़ी हैं जिनका अधिकारियों द्वारा तय समय पर निस्तारण नहीं किया गया। एसडीएम ने बीडी राणा को फटकार लगाते हुए लंबित पत्रावलियां कब्जे में ले लीं।
इस दौरान एसडीएम ने अपनी समस्या लेकर पहुंचे कुछ लोगों से बातचीत की तो भूरारानी निवासी बुजुर्ग चंद्रपाल पुत्र गंगाराम ने बताया कि वह नौ महीने से वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अफसर उसे हर बार टरका देते हैं। बुधवार को भी वह अपनी समस्या लेकर सहायक समाज कल्याण अधिकारी राणा के पास पहुंचा तो राणा ने पहले उससे खाने के लिए गुटका मंगाया और फिर कुछ देर बाद रविवार को आने की बात कहकर कैंप से जाने को कह दिया। एसडीएम द्वारा राणा से इसका कारण पूछा गया तो राणा का कहना था कि काम का अतिरिक्त बोझ है जिसके कारण उन्होंने चंद्रपाल को रविवार के दिन आने को कहा था। जिस पर एसडीएम ने राणा को लताड़ लगाते हुए चंद्रपाल के मामले का कैंप में ही निस्तारण करने के आदेश दिए। लंबित पड़ी पत्रावलियों के बारे में भी राणा एसडीएम को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये।
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इस मामले में एसडीएम मीणा का कहना है कि निरीक्षण के लंबित पत्रावलियां कब्जे में ले ली गई है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों ही मामले अभी मेरे संज्ञान में नहीं आए हैं। संबंधित उपजिलाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाकर मामला देखा जाएगा। अगर अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनहित से जुड़े मुद्दों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डा. नीरज खैरवाल, डीएम
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काशीपुर रोड स्थित खंड विकास कार्यालय में बुधवार को जनता की समस्याओं के निदान के लिए जनसुनवाई कैंप लगाया गया था। सुबह करीब 11 बजे एसडीएम रोहित मीणा कैंप का औचक निरीक्षण करने ब्लाक कार्यालय पहुंच गए, इससे अफसरों में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी बीडी राणा के कार्यालय में पहुंचकर वहां मौजूद पत्रावलियों की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि कार्यालय में कई मामलों की पत्रावलियां लंबित पड़ी हैं जिनका अधिकारियों द्वारा तय समय पर निस्तारण नहीं किया गया। एसडीएम ने बीडी राणा को फटकार लगाते हुए लंबित पत्रावलियां कब्जे में ले लीं।
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इस दौरान एसडीएम ने अपनी समस्या लेकर पहुंचे कुछ लोगों से बातचीत की तो भूरारानी निवासी बुजुर्ग चंद्रपाल पुत्र गंगाराम ने बताया कि वह नौ महीने से वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अफसर उसे हर बार टरका देते हैं। बुधवार को भी वह अपनी समस्या लेकर सहायक समाज कल्याण अधिकारी राणा के पास पहुंचा तो राणा ने पहले उससे खाने के लिए गुटका मंगाया और फिर कुछ देर बाद रविवार को आने की बात कहकर कैंप से जाने को कह दिया। एसडीएम द्वारा राणा से इसका कारण पूछा गया तो राणा का कहना था कि काम का अतिरिक्त बोझ है जिसके कारण उन्होंने चंद्रपाल को रविवार के दिन आने को कहा था। जिस पर एसडीएम ने राणा को लताड़ लगाते हुए चंद्रपाल के मामले का कैंप में ही निस्तारण करने के आदेश दिए। लंबित पड़ी पत्रावलियों के बारे में भी राणा एसडीएम को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाये।
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इस मामले में एसडीएम मीणा का कहना है कि निरीक्षण के लंबित पत्रावलियां कब्जे में ले ली गई है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दोनों ही मामले अभी मेरे संज्ञान में नहीं आए हैं। संबंधित उपजिलाधिकारियों से रिपोर्ट मंगाकर मामला देखा जाएगा। अगर अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनहित से जुड़े मुद्दों में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डा. नीरज खैरवाल, डीएम