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Udham Singh Nagar News: महिलाओं को स्वस्थ बनाएंगे मिलेट से बने पोषण कैप्सूल
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मिलेट प्रोडक्ट के साथ डॉ. ज्योति नेगी। स्रोत : स्वयं
काशीपुर। मिलेट उत्पादों से महिलाओं में पोषण की कमी दूर होगी। इसके लिए पहाड़ पर आयुर्वेद डॉक्टर ज्योति नेगी ने मातृका वेंचर की शुरुआत की है। वह खास तरह के मिलेट प्रोडक्ट और प्रीमिक्स तैयार कर रही हैं जो पोषण के कैप्सूल की तरह काम करेंगे। उन्हें इस नवाचार के लिए आईआईएम के सहयोग से पांच लाख रुपये की फंडिंग भी मिली है।
महिलाओं में पोषण की कमी को दूर करने के लिए मिलेट प्रोडक्ट्स एक बेहतरीन और प्राकृतिक उपाय हैं। यह सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मिलेट्स (मोटा अनाज) प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विभिन्न विटामिन के मामले में अधिक पौष्टिक होते हैं।
टिहरी गढ़वाल निवासी आयुर्वेद डॉक्टर ज्योति अब मास्टर ऑफ सर्जरी में एमडी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवतियों में आयरन की कमी होती है। इसी को दूर करने के लिए सप्लीमेंट तैयार करने का विचार आया। मिलेट्स में पोषक तत्व अधिक होते हैं और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होते हैं।
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इसी के चलते महिलाओं में प्रोटीन और न्यूट्रीशन की कमी को दूर करने के लिए मिलेट आधारित प्रोडक्ट बनाना शुरू किया। इसमें झंगोरा के लड्डू बनाए। झंगोरा मिलेट में मैग्नीशियम और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह हृदय और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इसी तरह ज्वार, बाजरा, रागी के कुकीज, दलिया आदि प्रोडक्ट तैयार किए। मिलेट्स के प्रीमिक्स तैयार किए जिनको खाने में उपयोग करने से महिलाओं में प्रोटीन और न्यूट्रीशन की कमी नहीं रहेगी।
गर्भावस्था में ट्राइमेस्टर प्रीमिक्स
डॉ. ज्योति ने बताया कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड (विटामिन बी 9) बच्चे के स्वस्थ विकास, विशेषकर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था में इसकी कमी पूरी करने के लिए ट्राइमेस्टर प्रीमिक्स तैयार किए जाएंगे। ताकि महिलाओं में फोलिक एसिड की कमी को दूर किया जा सके। बता दें कि गर्भावस्था में ट्राइमेस्टर का मतलब तीन-तीन महीने की अवधि होती है।
आईआईएम से मिली ग्रांट
मातृका वेंचर को आरकेवीवाय-रफ्तार प्रोग्राम के तहत फीड इन्क्यूबेशन सेंटर के सहयोग से पांच लाख रुपये का फंड प्राप्त हुआ है। इसके अलावा संस्थान में ट्रेनिंग व मार्केटिंग के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। मातृका वेंचर अभी प्री-सीड स्टार्टअप है।
कोट...
स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए उन्हें ट्रेनिंग और फंडिंग दिलाने में सहयोग किया जा रहा है। डॉ. ज्योति को सीड फंड स्कीम के तहत स्टार्टअप के लिए पांच लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की गई है। - सफल बत्रा, प्रोफेसर इंचार्ज, फीड
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महिलाओं में पोषण की कमी को दूर करने के लिए मिलेट प्रोडक्ट्स एक बेहतरीन और प्राकृतिक उपाय हैं। यह सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मिलेट्स (मोटा अनाज) प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विभिन्न विटामिन के मामले में अधिक पौष्टिक होते हैं।
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टिहरी गढ़वाल निवासी आयुर्वेद डॉक्टर ज्योति अब मास्टर ऑफ सर्जरी में एमडी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवतियों में आयरन की कमी होती है। इसी को दूर करने के लिए सप्लीमेंट तैयार करने का विचार आया। मिलेट्स में पोषक तत्व अधिक होते हैं और यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होते हैं।
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इसी के चलते महिलाओं में प्रोटीन और न्यूट्रीशन की कमी को दूर करने के लिए मिलेट आधारित प्रोडक्ट बनाना शुरू किया। इसमें झंगोरा के लड्डू बनाए। झंगोरा मिलेट में मैग्नीशियम और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह हृदय और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद करता है। इसी तरह ज्वार, बाजरा, रागी के कुकीज, दलिया आदि प्रोडक्ट तैयार किए। मिलेट्स के प्रीमिक्स तैयार किए जिनको खाने में उपयोग करने से महिलाओं में प्रोटीन और न्यूट्रीशन की कमी नहीं रहेगी।
गर्भावस्था में ट्राइमेस्टर प्रीमिक्स
डॉ. ज्योति ने बताया कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड (विटामिन बी 9) बच्चे के स्वस्थ विकास, विशेषकर मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था में इसकी कमी पूरी करने के लिए ट्राइमेस्टर प्रीमिक्स तैयार किए जाएंगे। ताकि महिलाओं में फोलिक एसिड की कमी को दूर किया जा सके। बता दें कि गर्भावस्था में ट्राइमेस्टर का मतलब तीन-तीन महीने की अवधि होती है।
आईआईएम से मिली ग्रांट
मातृका वेंचर को आरकेवीवाय-रफ्तार प्रोग्राम के तहत फीड इन्क्यूबेशन सेंटर के सहयोग से पांच लाख रुपये का फंड प्राप्त हुआ है। इसके अलावा संस्थान में ट्रेनिंग व मार्केटिंग के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। मातृका वेंचर अभी प्री-सीड स्टार्टअप है।
कोट...
स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए उन्हें ट्रेनिंग और फंडिंग दिलाने में सहयोग किया जा रहा है। डॉ. ज्योति को सीड फंड स्कीम के तहत स्टार्टअप के लिए पांच लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की गई है। - सफल बत्रा, प्रोफेसर इंचार्ज, फीड