अब बाजपुर के घोटालेबाज होंगे बेनकाब

अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।  Updated Sat, 11 Nov 2017 12:12 AM IST
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी अगले सप्ताह से बाजपुर तहसील में हुए भूमि मुआवजा घोटाले की जांच शुरू कर सकती है। उक्त तहसील के गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन होने के बावजूद तत्कालीन अफसरों ने यहां जमीनों की 143 करके काश्तकारों को करोड़ों का मुआवजा बांटा है। ऐसे ही 10 से अधिक मामले एसआईटी के संज्ञान में आये हैं।

बहुचर्चित भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी जसपुर और काशीपुर तहसील में घोटाला करने वाले आठ लोगों को जेल भेजने के बाद अब बाजपुर तहसील में हुए घोटाले को उजागर करने की तैयारी कर रही है। दोनों तहसीलों की तरह इस तहसील में भी तत्कालीन अफसरों ने काश्तकारों के साथ मिलकर करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया है। बाजपुर तहसील के कनौरी, कनौरा, महेशपुरा, हरलालपुर, गुमसानी, ताली, बिचपुरी, टांडा आजम, भव्वा नगला, मुंडियामनी और रत्ना की मड़ैया गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन हैं। चकबंदी प्रक्रिया के अधीन गांवों में भूमि को अकृषि करने का अधिकार बंदोबस्ती, चकबंदी अधिकारी को दिया गया है। एसडीएम द्वारा जमीनों का 143 नहीं किया जा सकता, लेकिन उक्त गांवों में तत्कालीन एसडीएम द्वारा ही जमीनों का 143 कर दिया गया। ऐसे ही 10 से अधिक मामले एसआईटी के संज्ञान में आए हैं। एसआईटी जल्द ही इनकी पड़ताल कर घोटालेबाजों को बेनकाब कर सकती है। 

इधर, फरार चल रहे घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह का भी पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। डीपी की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही हैं। फरार चल रहे जसपुर के काश्तकार रमेश कुमार के भी पंजाब में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। जबकि उसके भाई ओमप्रकाश को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

120 से अधिक जमीनों को एक दिन में कर दिया अकृषि
जनपद ऊधमसिंह नगर में 53 गांव चकबंदी प्रक्रिया के अधीन हैं जिनमें एक दर्जन से अधिक गांव की जमीनों को एनएच-74 निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया है। इनमें तत्कालीन अफसरों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर होने के बाद भी एक दिन में 120 से अधिक जमीनों की 143 कर उसे अकृषि कर दिया। तत्कालीन एसएलओ ने इसी को आधार बनाकर काश्तकारों को करोड़ों का मुआवजा बांटा।

डाटा एंट्री आपरेटर कर सकता है आत्मसमर्पण
एनएच निर्माण के लिए की गई भूमि अधिग्रहण में बिचौलिया बनकर काश्तकारों की जमीन का 143 कराने वाले काशीपुर तहसील का डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण कुमार के भी सोमवार तक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की आशंका जताई जा रही है। तीन दिन पूर्व अर्पण कुमार ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में स्टे याचिका दायर की थी, जिसे हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया। अब पुलिस से बचने का कोई और तरीका ना होने के कारण संभावना जताई जा रही हैं कि अर्पण सोमवार तक एसआईटी के सामने आत्मसमर्पण कर सकता है।

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