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ऊधम सिंह नगर: चंपावत के सीडीओ, डीडीओ और कर्मचारी को नोटिस
Sat, 18 Feb 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 18 Feb 2023 11:24 PM IST
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- राज्य खाद्य आयोग ने दर्ज किया परिवाद, 13 मार्च तक रखना होगा पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य खाद्य आयोग के निर्देश के बावजूद चंपावत जिले में वाद रजिस्टर नहीं बनने पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने चंपावत के सीडीओ, डीडीओ और शिकायत डेस्क प्रभारी के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। आयोग ने तीनों को नोटिस जारी कर 13 मार्च तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। यह पहली बार है जब आयोग ने किसी जिले के सीडीओ के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।
दरअसल हर जिले में राशन, आंगनबाड़ी और मिड डे मील से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए शिकायत निवारण डेस्क गठित रहती है। जो भी शिकायतें डेस्क के पास आती हैं, उनको वाद रजिस्टर में दर्ज करने के साथ ही निराकरण किया जाता है। हर जिले के सीडीओ के पास जिला शिकायत निवारण अधिकारी का जिम्मा रहता है। मार्च 2021 में राज्य खाद्य आयोग की ओर से हल्द्वानी में कुमाऊं के सभी जिला शिकायत निवारण अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें आयोग की ओर से वाद रजिस्टर बनाने और उसमें दर्ज की जाने वाली जानकारियों के बाबत निर्देश दिए गए थे। बीते 21 जनवरी को आयोग के अध्यक्ष ने चंपावत में शिकायत निवारण डेस्क का औचक निरीक्षण किया था, लेकिन डेस्क प्रभारी नहीं मिले थे। इसके अलावा अधिकारियों ने न शिकायती फोन नंबर और न ही वाद रजिस्टर उपलब्ध कराया था। आयोग ने निर्देशों के लंबे समय बाद भी वाद रजिस्टर नहीं बनाने को सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही और हठधर्मिता माना है। आयोग अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वाद रजिस्टर बनाने को लेकर वर्ष 2021 में निर्देश दिए गए थे। लेकिन चंपावत में अधिकारियों ने निर्देशों का पालन नहीं किया और वाद रजिस्टर नहीं बनाया है। इस लापरवाही पर चंपावत के सीडीओ आरएस रावत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत और शिकायत डेस्क प्रभारी नवीन कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है। तीनों लोगों को 13 मार्च तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। बताया कि जिलों में दर्ज शिकायतों के निवारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता है तो वह आयोग में अपील करता है। वाद रजिस्टर में शिकायतों का ब्योरा दर्ज किया जाता है।
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रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य खाद्य आयोग के निर्देश के बावजूद चंपावत जिले में वाद रजिस्टर नहीं बनने पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने चंपावत के सीडीओ, डीडीओ और शिकायत डेस्क प्रभारी के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। आयोग ने तीनों को नोटिस जारी कर 13 मार्च तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। यह पहली बार है जब आयोग ने किसी जिले के सीडीओ के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।
दरअसल हर जिले में राशन, आंगनबाड़ी और मिड डे मील से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए शिकायत निवारण डेस्क गठित रहती है। जो भी शिकायतें डेस्क के पास आती हैं, उनको वाद रजिस्टर में दर्ज करने के साथ ही निराकरण किया जाता है। हर जिले के सीडीओ के पास जिला शिकायत निवारण अधिकारी का जिम्मा रहता है। मार्च 2021 में राज्य खाद्य आयोग की ओर से हल्द्वानी में कुमाऊं के सभी जिला शिकायत निवारण अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें आयोग की ओर से वाद रजिस्टर बनाने और उसमें दर्ज की जाने वाली जानकारियों के बाबत निर्देश दिए गए थे। बीते 21 जनवरी को आयोग के अध्यक्ष ने चंपावत में शिकायत निवारण डेस्क का औचक निरीक्षण किया था, लेकिन डेस्क प्रभारी नहीं मिले थे। इसके अलावा अधिकारियों ने न शिकायती फोन नंबर और न ही वाद रजिस्टर उपलब्ध कराया था। आयोग ने निर्देशों के लंबे समय बाद भी वाद रजिस्टर नहीं बनाने को सरकारी कार्यों के प्रति घोर लापरवाही और हठधर्मिता माना है। आयोग अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि वाद रजिस्टर बनाने को लेकर वर्ष 2021 में निर्देश दिए गए थे। लेकिन चंपावत में अधिकारियों ने निर्देशों का पालन नहीं किया और वाद रजिस्टर नहीं बनाया है। इस लापरवाही पर चंपावत के सीडीओ आरएस रावत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत और शिकायत डेस्क प्रभारी नवीन कुमार के खिलाफ परिवाद दर्ज किया गया है। तीनों लोगों को 13 मार्च तक अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। बताया कि जिलों में दर्ज शिकायतों के निवारण से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता है तो वह आयोग में अपील करता है। वाद रजिस्टर में शिकायतों का ब्योरा दर्ज किया जाता है।
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