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अंधता निवारण का लक्ष्य पूरा करने को पड़ रहे लाले
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एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। अंधता निवारण कार्यक्रम का साल 2021-22 का लक्ष्य पूरा करने को लाले पड़ गए हैं। अभी 35 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो सका है। स्वास्थ्य विभाग के सामने चार माह में 65 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है।
मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए सरकार ने अंधता निवारण कार्यक्रम चला रखा है। इसके तहत अंधता उन्मूलन का काम किया जाता है। हर साल इसके लिए विभाग को लक्ष्य दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में अस्पताल को एक हजार लोगों की आंखों का ऑपरेशन कर ठीक करने का लक्ष्य मिला था। अस्पताल ने उस लक्ष्य को सौ प्रतिशत पूरा कर लिया।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी अस्पताल को एक हजार लोगों की आंखों का ऑपरेशन करके ठीक करने का लक्ष्य मिला था, लेकिन इस बार लक्ष्य को पूरा करने के लाले पड़ गए हैं। अभी तक विभाग सिर्फ 35 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा कर सका है। इसे स्वास्थ्य विभाग चिंता का विषय मान रहा है। क्योंकि 12 महीने में से आठ महीने का लंबा समय बीत गया है और अब सिर्फ चार महीने शेष रह गए हैं। अब चार महीने में शेष 65 प्रतिशत लक्ष्य कैसे पूरा होगा।
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कोरोना को भी माना जा रहा वजह
-इस साल लक्ष्य में एलडी भट्ट अस्पताल के पिछड़ने की एक वजह कोरोना को भी माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि कोरोना में लोगों का निकलना नहीं हो सका। लोग कोरोना की वजह से डरे-सहमे रहे। तमाम ऐसे लोग भी ऑपरेशन कराने नहीं पहुंचे जिन्हें परेशानी हो रही थी। अब कोरोना का प्रभाव घटा है तो लक्ष्य तेजी से बढ़ने कीर उम्मीद जताई जा रही है।
दो महीने मौसम ऑपरेशन के लिए अनुकूल : डॉ. राणा
अस्पताल के नेत्र रोग विशेष डॉ. के राणा ने बताया कि बीते वर्ष का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। एक हजार लोगों का मोतियाबिंद निकाला गया है। सभी की आंखें ठीक हो चुकी हैं। दो महीने ऑपरेशन के लिए अनुकूल होंगे। इस दौरान काफी ऑपरेशन होने की उम्मीद है। इस बार भी हम लक्ष्य पूरा कर लेंगे, ऐसी उम्मीद है
। डॉ. राणा ने बताया कि कोरोनाकाल के कारण भी लोग ऑपरेशन कराने में डरते रहे। कोरोना का असर जून माह तक रहा। अस्पताल में आखों की जांच, उपचार से संबंधित सभी उपकरण हैं। ऑपरेशन कराने वालों के लिए निशुल्क बेड और भोजन की व्यवस्था है।
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मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए सरकार ने अंधता निवारण कार्यक्रम चला रखा है। इसके तहत अंधता उन्मूलन का काम किया जाता है। हर साल इसके लिए विभाग को लक्ष्य दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में अस्पताल को एक हजार लोगों की आंखों का ऑपरेशन कर ठीक करने का लक्ष्य मिला था। अस्पताल ने उस लक्ष्य को सौ प्रतिशत पूरा कर लिया।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी अस्पताल को एक हजार लोगों की आंखों का ऑपरेशन करके ठीक करने का लक्ष्य मिला था, लेकिन इस बार लक्ष्य को पूरा करने के लाले पड़ गए हैं। अभी तक विभाग सिर्फ 35 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा कर सका है। इसे स्वास्थ्य विभाग चिंता का विषय मान रहा है। क्योंकि 12 महीने में से आठ महीने का लंबा समय बीत गया है और अब सिर्फ चार महीने शेष रह गए हैं। अब चार महीने में शेष 65 प्रतिशत लक्ष्य कैसे पूरा होगा।
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कोरोना को भी माना जा रहा वजह
-इस साल लक्ष्य में एलडी भट्ट अस्पताल के पिछड़ने की एक वजह कोरोना को भी माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि कोरोना में लोगों का निकलना नहीं हो सका। लोग कोरोना की वजह से डरे-सहमे रहे। तमाम ऐसे लोग भी ऑपरेशन कराने नहीं पहुंचे जिन्हें परेशानी हो रही थी। अब कोरोना का प्रभाव घटा है तो लक्ष्य तेजी से बढ़ने कीर उम्मीद जताई जा रही है।
दो महीने मौसम ऑपरेशन के लिए अनुकूल : डॉ. राणा
अस्पताल के नेत्र रोग विशेष डॉ. के राणा ने बताया कि बीते वर्ष का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। एक हजार लोगों का मोतियाबिंद निकाला गया है। सभी की आंखें ठीक हो चुकी हैं। दो महीने ऑपरेशन के लिए अनुकूल होंगे। इस दौरान काफी ऑपरेशन होने की उम्मीद है। इस बार भी हम लक्ष्य पूरा कर लेंगे, ऐसी उम्मीद है
। डॉ. राणा ने बताया कि कोरोनाकाल के कारण भी लोग ऑपरेशन कराने में डरते रहे। कोरोना का असर जून माह तक रहा। अस्पताल में आखों की जांच, उपचार से संबंधित सभी उपकरण हैं। ऑपरेशन कराने वालों के लिए निशुल्क बेड और भोजन की व्यवस्था है।