{"_id":"6a5fb2cf2307b95ee40e0bc6","slug":"no-orthopaedic-specialist-at-the-district-hospital-patients-suffering-mounts-rudrapur-news-c-242-1-rdp1022-144643-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं, बढ़ रहा मरीजों का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं, बढ़ रहा मरीजों का दर्द
विज्ञापन
रुद्रपुर। जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद खाली होने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। फ्रैक्चर, जोड़ों के दर्द और हादसों में घायल मरीजों को अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन मरीज निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हैं।
रुद्रपुर के साथ ही किच्छा, गदरपुर, बाजपुर और सितारगंज से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां हड्डी रोग विभाग में कोई विशेषज्ञ नहीं है क्योंकि डॉक्टर का तबादला हो चुका है और नया डॉक्टर आया नहीं है। इमरजेंसी में आए गंभीर मरीजों को भी प्राथमिक इलाज के बाद बरेली या हल्द्वानी रेफर किया जा रहा है।
मंगलवार को गदरपुर से आए अजय कुमार ने बताया कि बाइक से गिरकर हाथ में फ्रैक्चर हो गया। जिला अस्पताल में पता चला कि हड्डी का डॉक्टर नहीं है। एक्स-रे कराकर प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ा। ट्रांजिट कैंप की सुमन देवी ने बताया कि मां के घुटने में बहुत दर्द है। अस्पताल आई तो पता चला कि स्पेशलिस्ट नहीं है।
विज्ञापन
--
डॉक्टरों पर बढ़ा काम का बोझ
अस्पताल के मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि हड्डी के मरीजों की संख्या रोजाना 50 से अधिक रहती है। विशेषज्ञ न होने के कारण उन्हें सिर्फ दर्द की दवा और पट्टी बांधकर भेजना पड़ रहा है। इससे मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा।
--
जिला अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। नए डॉक्टर के जल्द आने की उम्मीद है। व्यवस्थाएं शीघ्र पटरी पर आ जाएंगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
रुद्रपुर के साथ ही किच्छा, गदरपुर, बाजपुर और सितारगंज से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन यहां हड्डी रोग विभाग में कोई विशेषज्ञ नहीं है क्योंकि डॉक्टर का तबादला हो चुका है और नया डॉक्टर आया नहीं है। इमरजेंसी में आए गंभीर मरीजों को भी प्राथमिक इलाज के बाद बरेली या हल्द्वानी रेफर किया जा रहा है।
विज्ञापन
मंगलवार को गदरपुर से आए अजय कुमार ने बताया कि बाइक से गिरकर हाथ में फ्रैक्चर हो गया। जिला अस्पताल में पता चला कि हड्डी का डॉक्टर नहीं है। एक्स-रे कराकर प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ा। ट्रांजिट कैंप की सुमन देवी ने बताया कि मां के घुटने में बहुत दर्द है। अस्पताल आई तो पता चला कि स्पेशलिस्ट नहीं है।
विज्ञापन
डॉक्टरों पर बढ़ा काम का बोझ
अस्पताल के मौजूद डॉक्टरों का कहना है कि हड्डी के मरीजों की संख्या रोजाना 50 से अधिक रहती है। विशेषज्ञ न होने के कारण उन्हें सिर्फ दर्द की दवा और पट्टी बांधकर भेजना पड़ रहा है। इससे मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पा रहा।
जिला अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ का तबादला हुआ है। नए डॉक्टर के जल्द आने की उम्मीद है। व्यवस्थाएं शीघ्र पटरी पर आ जाएंगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ