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कोविड काल में स्कूल खुले लेकिन पटरी पर नहीं आ रही शिक्षण व्यवस्था
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बीबी भट्ट, अध्यक्ष, तराई इंडिपेडेंट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच राज्य सरकार के आदेश पर स्कूल तो खुल गए, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई बंद हो गई। अभिभावकों कि शिकायत है कि बच्चों को स्कूल से ऑनलाइन पढ़ाई का लिंक नहीं भेजा जा रहा है, स्कूल प्रबंधन समय न होने का हवाला देकर असमर्थता जता रहे हैं।
दो अगस्त से स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। अभी उपस्थिति 50 प्रतिशत ही हो रही है। कई अभिभावक ऐसे हैं जो कोविड की तीसरी लहर की आशंका से बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर जारी एसओपी में सरकार ने यह आदेश भी जारी किया है छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर छात्र घर पर पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं तो उन्हें यह व्यवस्था स्कूल को देनी होगी। कुछ अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन लिंक नहीं भेज रहे हैं जिससे उनके बच्चे की पढ़ाई बाधित हो रही है। एक अभिभावक का कहना है कि जिस स्कूल में उनका बच्चा पढ़ता है उस स्कूल में एक कक्षा में मात्र तीन से चार बच्चे ही उपस्थित हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल भेजकर भी बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
स्कूल खुलने के साथ ही कोविड गाइडलाइन के अनुसार नया सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बच्चों को स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाने के साथ ही ऑनलाइन क्लास देने में शिक्षकों को परेशानी आ रही है। जल्द ही दोनों व्यवस्थाओं से बच्चों को पढ़ाया जा सके इसके लिए स्कूल प्रयासरत हैं।
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- बसंत बल्लभ भट्ट, अध्यक्ष, तराई इंडिपेंडेंट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन, ऊधमसिंह नगर।
कोविड काल में स्कूूल खुलने के बाद सभी स्कूल प्रबंधकों को बच्चों की सुविधा के अनुसार उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण व्यवस्था देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी स्कूल की शिकायत मिलती है कि वह बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं दे रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-आरएस नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी, काशीपुर।
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दो अगस्त से स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। अभी उपस्थिति 50 प्रतिशत ही हो रही है। कई अभिभावक ऐसे हैं जो कोविड की तीसरी लहर की आशंका से बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर जारी एसओपी में सरकार ने यह आदेश भी जारी किया है छात्रों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। अगर छात्र घर पर पहले की तरह ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहते हैं तो उन्हें यह व्यवस्था स्कूल को देनी होगी। कुछ अभिभावकों की शिकायत है कि स्कूल बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन लिंक नहीं भेज रहे हैं जिससे उनके बच्चे की पढ़ाई बाधित हो रही है। एक अभिभावक का कहना है कि जिस स्कूल में उनका बच्चा पढ़ता है उस स्कूल में एक कक्षा में मात्र तीन से चार बच्चे ही उपस्थित हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल भेजकर भी बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
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स्कूल खुलने के साथ ही कोविड गाइडलाइन के अनुसार नया सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बच्चों को स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाने के साथ ही ऑनलाइन क्लास देने में शिक्षकों को परेशानी आ रही है। जल्द ही दोनों व्यवस्थाओं से बच्चों को पढ़ाया जा सके इसके लिए स्कूल प्रयासरत हैं।
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- बसंत बल्लभ भट्ट, अध्यक्ष, तराई इंडिपेंडेंट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन, ऊधमसिंह नगर।
कोविड काल में स्कूूल खुलने के बाद सभी स्कूल प्रबंधकों को बच्चों की सुविधा के अनुसार उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण व्यवस्था देने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी स्कूल की शिकायत मिलती है कि वह बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं दे रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-आरएस नेगी, खंड शिक्षा अधिकारी, काशीपुर।