Pantnagar: आशीष के व्यवहार में आए बदलाव को कोई भी नहीं भांप पाया...पंखे पर लटका मिला था शव, जानें पूरा मामला
पंतनगर एयरपोर्ट के सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटके मिले एटीसी इंचार्ज आशीष चौसाली की मौत पर परिजनों के साथ ही सहकर्मी भी सकते में हैं। एक हंसमुख इंसान का असमय चले जाने के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है।
विस्तार
पंतनगर एयरपोर्ट के सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटके मिले एटीसी इंचार्ज आशीष चौसाली की मौत पर परिजनों के साथ ही सहकर्मी भी सकते में हैं। एक हंसमुख इंसान का असमय चले जाने के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है। मंगलवार सुबह परिजन अशीष का भांजा आकाश और फुफेरा भाई रवि शव को पिथौरागढ़ ले गए, जहां गमगीन माहौल में उनकी अंत्येष्टि कर दी गई। इधर एयरपोर्ट में सभी कर्मियों ने आशीष को श्रद्धांजलि देने के साथ ही दो मिनट का मौन रखा।
पिथौरागढ़ निवासी आशीष चौसाली (35) मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्ति थे। उनका व्यवहार बिल्कुल सामान्य रहता था। एयरपोर्ट परिसर के सरकारी आवास में रह रहे आशीष के साथ उनका भांजा आकाश भी रहता था। पहले आकाश और आशीष एक ही कमरे में साथ सोते थे। आवास का केवल मुख्य द्वार ही बंद करते थे और कमरों के दरवाजे खुले रहते थे। सूत्रों के अनुसार करीब छह माह पहले आशीष के व्यवहार में बदलाव आने लगा और उन्होंने आकाश को अलग कमरे में सोने की हिदायत दी थी। पहले तो आशीष अपना कमरा खुला रखते थे, फिर उन्होंने अंदर से बंद करना शुरू कर दिया।
ये पढ़ें- Rudrapur: पति-पत्नी का अनूठा प्रदर्शन, जूते की माला पहनकर डीएम ऑफिस पहुंचे ओमप्रकाश; बेटियों को लेकर उठाई मांग
आकाश के इस बदलाव का कारण पूछने पर आशीष ने हंस कर टाल दिया था। सोमवार को भी उनका कमरा अंदर से बंद था और दरवाजा तोड़कर उनके शव को बाहर निकाला गया। सभी को यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर आशीष ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया था। उन्होंने महिला के मेकअप क्यों किया था। आशीष किसी साजिश के शिकार हो गए थे या फिर वजह कुछ और थी। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है।
आम का स्वाद लिए बिना दुनिया से हुए रुखसत
रविवार की शाम आशीष की पड़ोसी सहकर्मियों से परिसर में लगे पेड़ों से सोमवार सुबह आम तोड़ने की बात तय हुई थी। इसके तहत सभी सहकर्मी सोमवार सुबह आशीष के आवास पहुंचे। उन्होंने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उनके भांजे आकाश को आम तोड़ने साथ ले गए। सभी लोग आम तोड़कर वापस आए और आशीष के हिस्से के आम आकाश को सौंपकर चले गए लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
तो कहीं ऑटोएरोटिसज्म से तो नहीं जुड़ा है मामला
महिला के लिबास में आत्महत्या के मामले में पुलिस हर कोण पर जांच कर रही है। लेकिन मिलनसार आशीष का महिला के लिबास में मृत मिलना कई आशंकाओं को जन्म दे रहा है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं आशीष ऑटोएरोटिसिज्म का शिकार तो नहीं हो गए थे। हालांकि अभी यह जांच का विषय है। लेकिन घटना वाली रात दस बजे के बाद आशीष ने इंटरनेट भी नहीं चलाया था। उसकी अंतिम कॉल भी बेहद सामान्य थी। अब पहेली को सुलझाना पुलिस के लिए आसान नहीं है।
इस पूरी घटना में विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आशीष के मोबाइल को खंगाला जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि आशीष के सामने कौन सी परिस्थितियां थी। इस मामले में अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है।
-मंजूनाथ टीसी, एसएसपी।