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धान की पौध उगाने की नहीं है जरूरत, सीधे बोएं बीज
अमर उजाला ब्यूरो ऊधमसिंह नगर
Updated Sun, 15 May 2016 12:12 AM IST
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सितारगंज साबेपुर गांव में खाद सीड ड्रिल मशीन से धान का बीज बोते किसान।
- फोटो : amar ujala
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कृषि के क्षेत्र में नई-नई तकनीक इजाद हो रही हैं। किसानों के लिए ऐसे ही एक कृषि यंत्र (खाद सीड ड्रिल) मशीन बनाई गई है। जो पंजाब के बाद अब ऊधमसिंह नगर जिले में बिना पौध लगाए धान के बीज से ही फसल उगाएगी। बरार फार्म समेत क्षेत्र के कई गांवों में पहली बार इस मशीन से खेत में धान का बीज बोया जा रहा है।
तिगड़ी गांव के बरार फार्म के मालिक अनिल दीप सिंह महल बताते हैं कि पंजाब में किसान ड्रिल मशीनों से दलहन की फसल बोते हैं। बीते दिनों पंतनगर मेले में पंजाब के नेशनल एग्रो इंडस्ट्रीज द्वारा खाद सीड ड्रिल का डेमो दिखा गया। जिसके बाद उन्होंने यह मशीन खरीदी। बताया कि खाद सीड ड्रिल मशीन से धान, मक्का, सोयाबीन, सूरजमुखी, मूंगफली, मटर, चना आदि दलहन फसलों को बोया जा सकता है। बताया कि पारंपरिक रूप से धान का बीज बोकर पहले पौध बनाई जाती है।
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उसके बाद खेत की जोत और पटेले से समतल करने के बाद पानी भरकर पौध लगाई जाती है। लेकिन, खाद सीड ड्रिल मशीन से किसान की जुताई कर पटेला मारने के बाद खुद ही बीज लगा सकता है। बरार फार्म में 15 एकड़ में ड्रिल मशीन से धान का बीज बोने वाले महल ने बताया कि इस मशीन से बीज बोने के एक सप्ताह बाद खेत में धान के अंकुर फूटने लगते हैं और जो धान के पेड़ निकलते हैं वो स्ट्रेट लाइन में होते हैं। जिससे किसान को धान की रोपाई करने में भी आसानी होती है। उन्होंने बताया कि जिले भर में यहां पहली बार किसान मशीन से धान का बीज लगा रहे हैं।
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ड्रिल मशीन के फायदे
-धान की पौध उगाने का झंझट खत्म।
-लेबर की बचत।
-पानी का कम खर्च।
-समय की बर्बादी खत्म।
-धान लगाने में होने वाले खर्च में कमी।
-किसान की आय में बढ़ोतरी होगी।