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पार्क में न कोई माली, न ही रखवाली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ काशीपुर।
Updated Thu, 04 Feb 2016 11:46 PM IST
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नगर के बीचों बीच भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत के नाम से पार्क है जिसमें गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा स्थापित है। पंत के नाम से तो बना पार्क है, लेकिन इसमें फूलों का एक भी पौधा नहीं है। शाम ढलते ही यह शराबियों के अड्डे में तबदील हो जाता है। सुबह पार्क में जगह जगह शराब की बोतलें पड़ी दिखाई देती है। जिनको कूड़ा बीनने वाले बच्चे ले जाते है। इसके रख रखाव के लिए माली तक नहीं है।
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एमपी चौक के निकट स्टेशन मार्ग पर वर्ष 1970 में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष महेश चंद गुप्ता ने भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत के नाम से पंत पार्क बनाया। इसके बीचों बीच गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा स्थापित है। जब यह पार्क बना था तब यह काफी बड़ा भूखंड था। बाद में पालिका ने पार्क के सड़क किनारे दुकानें बना ली और दूसरे छोर पर होटल बना कर किराए पर दे दिया और जल संस्थान को ट्यूबवेल हाउस के लिए भूमि दे दी।
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पार्क की भूमि पर बच्चों के खेलने के लिए झूले और खेल के उपकरण लगे हैं। इसमें दिनभर आवारा लोगों का जमावाड़ा लगा होने से लोग बच्चों को खेलने के लिए नही आने देते हैं। पड़ोसी दुकानदारों ने बताया कि दिन में प्रेमी युगल यहां बैठकर अश्लील हरकतें करते देखे जा सकते हैं। पार्क की चाहर दीवारी तो है लेकिन गेट खुला रहने से सुअर पार्क के अंदर ऊधम मचाते रहते हैं। जहां तहां गंदगी पड़ी रहती है। आस पास रहने वालों ने बताया कि कभी कभार ही पार्क में सफाई होती है।
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