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Udham Singh Nagar News: काला पीलिया से ग्रसित प्रसव पीड़िता के इलाज की व्यवस्था नहीं
Fri, 17 Jul 2026 01:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:01 AM IST
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काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में काला पीलिया की दवाइयों का प्रबंध होने से बीमारी पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या में गिरावट आ रही है। हालांकि इस रोग से ग्रसित गर्भवतियों के प्रसव के लिए अब तक अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं हैं। उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
अस्पताल में एक ऑपरेशन थियेटर और एक प्रसव कक्ष है। इनमें सामान्य मरीजों को ही सुविधा मिलती है। काला पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित गर्भवतियों के प्रसव के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। प्रसव के दौरान नवजात और अन्य को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी महिलाओं को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार सामान्य तौर पर काला पीलिया वाली गर्भवती के प्रसव के बाद सफाई करके 24 घंटे कक्ष बंद रखना पड़ता है।
चिकित्सकों बताया कि अस्पताल में पहले हर महीने जांच कराने पर 15-20 मरीजों में काला पीलिया निकल रहा था। अब दवाइयों की व्यवस्था होने से रोगियों की संख्या घट गई है। जून में अन्य महीनों के मुकाबले करीब आधे यानि नौ मरीज काला पीलिया के आए।
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कोट:
काशीपुर क्षेत्र में काला पीलिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे थे। इसकी रोकथाम के लिए काशीपुर अस्पताल में ही दवा वितरित करने की व्यवस्था की गई है। जिला योजना या अन्य माध्यम से काला पीलिया से ग्रस्त गर्भवतियों के लिए अलग से अस्पताल में व्यवस्था कराई जाएगी।
- डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर
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अस्पताल में एक ऑपरेशन थियेटर और एक प्रसव कक्ष है। इनमें सामान्य मरीजों को ही सुविधा मिलती है। काला पीलिया जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित गर्भवतियों के प्रसव के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। प्रसव के दौरान नवजात और अन्य को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी महिलाओं को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। चिकित्सकों के अनुसार सामान्य तौर पर काला पीलिया वाली गर्भवती के प्रसव के बाद सफाई करके 24 घंटे कक्ष बंद रखना पड़ता है।
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चिकित्सकों बताया कि अस्पताल में पहले हर महीने जांच कराने पर 15-20 मरीजों में काला पीलिया निकल रहा था। अब दवाइयों की व्यवस्था होने से रोगियों की संख्या घट गई है। जून में अन्य महीनों के मुकाबले करीब आधे यानि नौ मरीज काला पीलिया के आए।
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कोट:
काशीपुर क्षेत्र में काला पीलिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे थे। इसकी रोकथाम के लिए काशीपुर अस्पताल में ही दवा वितरित करने की व्यवस्था की गई है। जिला योजना या अन्य माध्यम से काला पीलिया से ग्रस्त गर्भवतियों के लिए अलग से अस्पताल में व्यवस्था कराई जाएगी।
- डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर