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Udham Singh Nagar News: सश्रम आजीवन कारावास की सजा काटेगा भांजे का हत्यारा

Sat, 02 Mar 2024 12:46 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sat, 02 Mar 2024 12:46 AM IST
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Nephew's killer will serve rigorous life imprisonment

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रुद्रपुर। आठ साल पहले गूलरभोज से भांजे का अपहरण कर बेटे के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या करने के दोषी मामा को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक अभियुक्त के नाबालिग होने पर किशोर न्यायालय पूर्व में सजा सुना चुका है।

जानकारी के अनुसार गूलरभोज निवासी रजनेश ने तीन मई 2016 को गदरपुर थाने में तहरीर देकर तीन साल के बेटे अंश के घर से गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर अंश की तलाश शुरू की। 11 मई 2016 की दोपहर पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अंश के मामा रमेश निवासी ग्राम गिजपुरा नानाकार के पास थाना स्वार जिला रामपुर यूपी और उसके नाबालिग बेटे को उनके घर से गिरफ्तार किया था।
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पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर गिरजपुरा फार्म के पास एक खेत में गाड़ा गया अंश का शव बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी रमेश ने बताया की उसकी बहन का विवाह गूलरभोज गदरपुर में रजनेश से हुआ था और रजनेश रेलवे में काम करता है। तीन मई 2016 को रजनेश के भाई की शादी की सालगिरह की पार्टी थी। इसमे उसकी पत्नी और बेटा गए हुए थे।
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रमेश ने बताया कि उसे चर्मरोग है, जिस कारण लोग उसका तिरस्कार करते थे। तीन मई को उसे सालगिरह पार्टी में नहीं बुलाया तो वह गुस्से में साइकिल लेकर गूलरभोज पहुंचा और घर के बाहर खेल रहे भांजे अंश को उठाकर घर ले आया। रात होने पर जब वह रोने लगा तो वे मुंह दबाकर अंश को अपने बेटे के साथ गांव से दूर खेत में ले गया। यहां अंश को देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इस पर उसने बेटे की मदद से शव को दफन कर दिया। संवाद

रुपये ऐंठने के लिए बनाई थी योजना
रमेश ने बताया कि जब उसकी पत्नी समारोह से घर लौटी तो उसने अंश के गायब होने और सूचना देने वाले को अच्छी रकम दिए जाने की जानकारी दी। इसके बाद उसने अपने बेटे के साथ रजनेश से रुपये ऐंठने की योजना बनाई। वह गूलरभोज भी गया था और अंश को खोजने का नाटक किया था। नौ मई को उसके बेटे ने फोन कर रजनेश से 10 लाख की मांग की थी। रजनेश की ओर से मामले की सूचना पुलिस को देने के बाद उन्होंने घबराकर मोबाइल और सिम को जला दिया था।


16 गवाह और सबूत किए गए पेश
रमेश के खिलाफ प्रथम अपर जिला सत्र न्यायालय में केस चला था। उसका बेटा नाबालिग होने पर उसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में अलग से हुई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार अरोरा ने बताया कि मामले में 16 गवाह और सबूत पेश कर रमेश पर दोष सिद्ध कर दिया। प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुशील तोमर ने आरोपी रमेश को आजीवन सश्रम कारावास और 60 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। बताया कि किशोर न्यायालय इस मामले में नाबालिग अभियुक्त को पूर्व में सजा सुना चुका है। संवाद
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