{"_id":"58f3baf74f1c1be076470f20","slug":"national-games-in-haripura-and-bor-reservoir","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरिपुरा और बौर जलाशय में होंगे नेशनल गेम्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरिपुरा और बौर जलाशय में होंगे नेशनल गेम्स
अजय अरोरा /अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
पार्क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वह दिन दूर नहीं, जब हरिपुरा और बौर जलाशय पर्यटन केंद्र के रूप में जाने जाएंगे। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। 2018 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों की जल क्रीड़ाएं भी हरिपुरा और बौर जलाशय में होंगी। खेल मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन
हरिपुरा और बौर जलाशय यूं तो तराई में सिंचाई के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अब इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां वर्ष 2003 में राष्ट्रीय स्तर की कयाकिंग कनोइंग प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ था। इस प्रतियोगिता में देश की प्रमुख टीमों के अलावा विभिन्न राज्यों की टीमों ने भाग लिया था। जलाशयों के विकास को क्षेत्रीय विधायक और शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने में जुटे हैं। वर्ष-2012 में विधायक बनने के बाद पर्यटन विभाग की ओर से 14.65 करोड़ रुपये अवमुक्त कराए। इससे बौर के स्पिलवे के पास 8.54 करोड़ की लागत से पर्यटन आवास, डॉरमैट्रिक आवास, बोट हाउस, बच्चों और बड़ों के लिए स्वीमिंग पूल, पार्क और पार्किंग का निर्माण हो रहा है।
विज्ञापन
शेष 6.11 करोड़ से वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने को उपकरणों की खरीद होनी है। इसमें कयाक, कैनो बोट्स, वॉटर स्कूटर और मोटर बोट आदि की खरीद होनी है। पर्यटन विकास अधिकारी केएस रावत ने बताया कि बौर जलाशय पर सिस्टम से कार्य कराया जा रहा है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो बौर जलाशय पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। अब सरकार की मंशा इनमें वाटर स्पोर्ट्स कराने की है, ताकि पर्यटन गतिविधियों से दूर इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर ख्याति मिल सके।
विज्ञापन
एक साल में बदल जाएगी तस्वीर : पांडेय
कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि बौर जलाशय को मानचित्र पर अंकित कराना उनका संकल्प है। वह इसके प्रयास में लगे हैं। जल्द ही इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित कराने की योजना है। यहां मोटरबोट, वाटर स्पोर्ट्स का स्थायी ट्रेनिंग केंद्र खुलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2018 में होने वाले नेशनल वॉटर स्पोर्ट्स खेल कराने के लिए मंजूरी भी ले ली गई है। वहीं कई अन्य विभागों को गेस्ट हाउस बनवाने की भी योजना है।
पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने वॉटर स्पोर्ट्स का बढ़ावा देने के लिए स्थायी ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कोच सुधाकर सिंह, अमित कुमार, भुपेंद्र कोरंगा, गोविंद मेहता, दिनेश कुमार और हुकम सिंह को बेहतर प्रशिक्षक के रूप में सम्मानित किया। इस दौरान पर्यटन विकास अधिकारी केएस रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष हिमांशु सरकार, मंडल महामंत्री संजीव भटेजा, कुलदीप रघुवंशी आदि थे।
पांडेय ने उठाया मोटर बोट का लुत्फ
शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय ने कार्यक्रम के बाद मोटर बोट में बैठकर जलाशय घूमने का भी आनंद लिया। इस दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने उनसे मोटरबोट में बैठने से पहले लाइफ जैकेट पहनने को कहा। इस पर चुटकी लेते हुए उन्होंने अपनी हंसते हुए कहा कि उनको कुछ नहीं होने वाला है। गिरने पर वह तैर कर भी बाहर निकल आएंगे।