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नादेही चीनी मिल किया 4.98 करोड़ का भुगतान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, जसपुर।
Updated Sun, 19 Feb 2017 01:04 AM IST
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नादेही चीनी मिल
- फोटो : अमर उजाला
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जसपुर। चीनी मिल नादेही ने किसानों से 17 जनवरी तक आपूर्ति किए गए गन्ने का 4.98 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों के खाते में भेज दिया है। मिल अब तक किसानों को 39.31 करोड़ भुगतान कर चुकी है। चीनी मिल नादेही के प्रधान प्रबंधक आरके सेठ ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र के लिए शासन की ओर से घोषित गन्ना मूल्य 17 जनवरी तक आपूर्ति किए गए 12.63 लाख क्विंटल गन्ने पर कुल देय गन्ना मूल्य भुगतान 39.31 करोड़ रुपए किसानों के खाते में भेजा गया है।
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चीनी मिल ने अब तक 18.85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 1,85,300 क्विंटल चीनी का उत्पादन कर लिया है। वर्तमान में चीनी मिल की ऑन डेट रिकवरी 10.75 प्रतिशत और अप टू डेट 9.79 प्रतिशत चल रही है। यह राज्य की समस्त सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों में सबसे अधिक है। सेठ ने किसानों से अपील की है कि नादेही चीनी मिल लगातार गन्ने का भुगतान कर रही है। लिहाजा किसान मिल को अधिक से अधिक मात्रा में साफ सुथरे एवं अच्छी प्रजाति के गन्ने की आपूर्ति करें।
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सितारगंज। द किसान सहकारी चीनी मिल 79 दिन तक निरंतर चलने के बाद बंद हो गई। इस सत्र में मिल में सिर्फ 15 लाख 97 हजार 304 क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो सकी, जो पिछले वर्ष की तुलना में दो लाख 22 हजार 996 क्विंटल कम रही। इससे चीनी का उत्पादन भी पिछले साल की तुलना में इस बार 18 हजार 435 क्विंटल कम रहा, जबकि, चीनी उत्पादन की रिकवरी इस बार 8.75 से बढ़कर 8.82 हो गई।
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चीनी मिल का पेराई सत्र 28 नवंबर को शुरू हुआ था और 14 फरवरी को चीनी मिल बंद हो गई। सिर्फ 79 दिन तक चली मिल में इस बार 15 लाख 97 हजार 304 क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। पिछले वर्ष 18 लाख 20 हजार क्विंटल गन्ना खरीदा गया था। एक लाख 59 हजार 395 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था।
पिछले साल की तुलना में इस बार मिल में दो लाख 22 हजार 696 क्विंटल गन्ने की कम पेराई की गई और इस बार 18 हजार 435 क्विंटल चीनी का कम उत्पादन हुआ है। चीनी उत्पादन की रिकवरी में जरूर बढ़ोतरी हुई है। जो पिछले साल की 8.75 से बढ़कर 8.82 फीसदी तक हो गई। मिल के प्रधान प्रबंधक विनीत जोशी ने बताया कि पिछले वर्ष 2016-17 की तुलना में इस बार गन्ने का रकबा कम था।
इस कारण मिल इस बार करीब दस दिन पहले बंद हो गई। बताया कि इस बार चीनी की जो रिकवरी हुई है, वह वर्ष 2001-02, 2006-07 में हुई थी। बताया कि सितारगंज, खटीमा, हल्द्वानी सहकारी गन्ना विकास समिति के किसानों को छह से सात जनवरी तक 160.35 लाख रुपए मूल्य के खरीदे गए गन्ने का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया है। कुल गन्ने का भुगतान 47 करोड़ 54 लाख रुपए के सापेक्ष 27 करोड़ 67 लाख एक हजार रुपए अदा कर दिए गए हैं। करीब 19 करोड़ 86 लाख 99 हजार रुपए गन्ना भुगतान बकाया है। इसका शीघ्र ही भुगतान कर दिया जाएगा।
सितारगंज। द किसान सहकारी चीनी मिल द्वारा सितारगंज, खटीमा, नैनीताल जिले के नंधौर वैली क्षेत्र में गन्ना खरीद के लिए 36 सेंटर लगाए गए थे, जो मिल के साथ ही बंद हो चुके हैं। किसी भी सेंटर पर गन्ना बाकी नहीं रह गया।
सितारगंज। द किसान सहकारी चीनी मिल पर पिछले वर्ष 2015-16 के किसानों का 18.25 करोड़ रुपए बकाया है और इस बार मिल पर करीब 19 करोड़ 86 लाख 99 हजार रुपए किसानों का कर्ज हो गया है। जोकि कुल मिलाकर 38 करोड़ 11 लाख 99 हजार रुपए हो गया है, जबकि, मिल द्वारा इस बार खरीदे गए 47 करोड़ 54 लाख रुपए के गन्ने से 52 करोड़ 15 लाख 52 हजार रुपए की चीनी का उत्पादन किया गया है, जो गोदाम में स्टॉक की गई है। मिल के गोदाम में पिछले वर्ष की तकरीबन 2800 क्विंटल चीनी का भी स्टॉक है। मिल प्रबंधक विनीत जोशी कहते हैं कि सरकार से पेमेंट मिलते ही समितियों के माध्यम से किसानों के खातों में रकम डाल दी जाएगी। ब्यूरो