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Udham Singh Nagar News: बासंफोड़ान से उठाए जाएंगे मुहर्रम के अलम

Sun, 21 Jun 2026 12:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sun, 21 Jun 2026 12:43 AM IST
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Muharram flags will be raised from Basanfodan
काशीपुर। मुहर्रम के जुलूस के लिए काशीपुर में तैयारियां शुुरू हो गई हैं। मुहर्रम के अलम 23 जून से उठाए जाएंगे। दसवीं के दिन यानी 26 जून को मुहर्रम का जुलूस निकालकर ताजिए कर्बला में दफन किए जाएंगे।
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अंजुमन सीरते हुसैन मुहर्रम कमेटी की बैठक शुक्रवार की शाम मोहल्ला अल्लीखां स्थित इमामबाड़े में हुई। कमेटी के अध्यक्ष चौधरी इनआम हुसैन ने बताया कि 23 जून को शाम सात बजे बांसफोड़ान पुलिस चौकी के पास से मुहर्रम का जुलूस शुरू होगा। जो जामा मस्जिद, खत्री सभा, पंजाबी सराय चौक, अल्लीखां व रहमखानी से होते हुए खालसा में मेहंदी मिलाप के साथ संपन्न होगा। चांद की नौवीं तारीख को शहर के सभी ताजिये बासफोड़ान पुलिस चौकी के सामने एकत्र होंगे। उसी रात मोहल्ला अल्ली खां में मेहंदी का मिलाप होगा। चांद की दसवीं तारीख को मुहर्रम का मुख्य जुलूस बांसफोड़ान से अल्लीखां चौक पहुंचेगा जबकि दूसरे हिस्से का जुलूस विजयनगर-खालसा करबला शरीफ पहुंचेगा। बैठक में कमर नईम, चौधरी रईस अहमद, शरीफ माहेगीर, शाहिद मासूमी, माजिद अली, इरफान, अब्दुल गफ्फार, इब्तेशाम हुसैन, अजहर नईम, शफीक अंसारी आदि मौजूद रहे।
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इस बार भी मुहर्रम में नहीं बजाया जाएगा ढोल
जसपुर। मुहर्रम में ढोल बजाने की वर्षों पुरानी परंपरा इस बार भी बंद रहेगी। ढोल पर रोक का यह तीसरा साल है। कमेटी के इस निर्णय से उलमा और आम लोगों में खुशी है।
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इस्लामी नए साल के मुहर्रम की पहली तारीख से 10 दिन तक अखाड़ा, अलमदारी, जुलूस आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें छोटे-बड़े ढोल बजाने की वर्षों पुरानी परंपरा भी शामिल है। मोहल्ला जटवारा, जामा मस्जिद अखाड़ा कमेटी के सदर माजिद हुसैन के मुताबिक 2024 में उलमा ने उनकी कमेटी को बताया था कि इस्लाम धर्म में मुहर्रम व अन्य किसी मौके पर भी ढोल बजाना जायज नहीं। उलेमा के निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी के सभी सदस्यों ने उसी दिन निर्णय लिया था कि मुहर्रम के मौके पर ढोल न बजाकर पूरी अकीदत से कर्बला के शहीदों को याद किया जाएगा। सदर ने बताया कि इस बार भी ढोल नहीं बजाया जाएगा। बता दें कि इस कमेटी के अलावा नगर क्षेत्र में मुहर्रम की छह अन्य कमेटियां और संचालित हैं।
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