मासूम का सवाल: मेरी अम्मी कब आएगी....इसके जवाब में आंसू ही टपक रहे, तस्लीम की बेटी अब भी मां की मौत से अनजान
तस्लीम जहां की 11 वर्ष की मासूम तंजीला को अपने सिर से अम्मी का साया उठ जाने का बिल्कुल भी एहसास नहीं हैं। वह अब भी लोगों की भीड़ के बीच अपनी मां की राह ताक रही है और परिजनों से पूछ रही है कि उसकी अम्मी कब आएगी।
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तस्लीम जहां की 11 वर्ष की मासूम तंजीला को अपने सिर से अम्मी का साया उठ जाने का बिल्कुल भी एहसास नहीं हैं। वह अब भी लोगों की भीड़ के बीच अपनी मां की राह ताक रही है और परिजनों से पूछ रही है कि उसकी अम्मी कब आएगी। जवाब में परिजनों के आंखों से सिर्फ आंसू ही टपक रहे हैं। बृहस्पतिवार को गदरपुर थाने के सामने चाय बेचने वाले वार्ड नंबर नौ निवासी नफीस अहमद की बेटी तस्लीम का क्षत विक्षत शव मिला था। तस्लीम 30 जुलाई से घर नहीं लौटी थी।
करीब 12 वर्ष पहले तस्लीम जहां का तलाक हो गया था। तब उसकी गोद में छह माह की तंजीला थी, जिसे अपने नाना नफीस अहमद, नानी नईम जहां के अलावा छह मौसी और मामा रफी का सहारा मिला।
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परिजन बोले- तस्लीम को नहीं थी किसी तरह की परेशानी
तस्लीम की मौत से परिजन स्तब्ध हैं। तस्लीम की छोटी बहन मुस्कान का कहना है कि उसको किसी से खतरा या कोई परेशानी नहीं थी। अन्य बहनें भी आए दिन तस्लीम के यहां आकर उसके सुख-दुख की साथी बनती थी लेकिन तस्लीम की ओर से उन्हें कभी भी ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ कि वो परेशान है।