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बारावफात जुलूस पर विधायक का बखेड़ा

Sat, 02 Dec 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर। Updated Sat, 02 Dec 2017 11:53 PM IST
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MLA's strike on Baravafat procession
रुद्रपुर कोतवाली में धरने पर बैठे विधायक ठुकराल एवं समर्थक। - फोटो : Amar Ujala
बारावफात जुलूस के स्वागत के लिए लगाया गया अतिरिक्त तोरणद्वार बखेड़े की वजह बन गया। तोरणद्वार हटाने की मांग को लेकर विधायक राजकुमार ठुकराल कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली में धरने पर बैठ गए। एसपी सिटी, सीओ, एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर विधायक को मनाने की कोशिश की। मामला शांत करने के लिए पुलिस ने बारावफात कमेटी अध्यक्ष को नोटिस भेजा है। भाजपाइयों ने कमेटी पर जुलूस को निर्धारित रूट से हटकर निकालने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर जांच कराने का आश्वासन दिया।
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शनिवार को मुस्लिम समुदाय की ओर से निकाले गए बारावफात के जुलूस के स्वागत के लिए विभिन्न जगहों पर तोरणद्वार लगाए गए थे। सिब्बल सिनेमा रोड के पास एक अतिरिक्त तोरणद्वार लगाया गया था। इसी तोरणद्वार को हटाने की मांग को लेकर विधायक ठुकराल कोतवाली परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कहा कि अमन कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि जुलूस निर्धारित रूट से ही निकलेगा। यह भी तय हुआ था कि जुलूस के लिए छह तोरणद्वार बनाये जाएंगे लेकिन बारावफात कमेटी ने नियम तोड़कर सिब्बल सिनेमा रोड पर एक अतिरिक्त गेट बना दिया।
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उनका आरोप था कि फाजलपुर महरौला, गड्डा कॉलोनी और प्रीत विहार से भी बारावफात का जुलूस निकाला गया जबकि उक्त स्थान तय किये गये रूट में शामिल नहीं थे। इसी बीच एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, एसडीएम रोहित मीणा और सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने विधायक को समझाने की कोशिश की लेकिन वे तोरणद्वार हटाने की जिद पर अड़े रहे। इस पर पुलिस ने अध्यक्ष बारावफात इंतजामिया कमेटी को नोटिस भेजकर विधायक का धरना समाप्त करवाया। इसके साथ ही फाजलपुर महरौला, गड्डा कॉलोनी और प्रीत विहार से निकाले गए जुलूस की भी जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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बारावफात जुलूस के लिए हर वर्ष निर्धारित स्थलों पर छह तोरणद्वार बनाये जाते है। इस वर्ष सिब्बल सिनेमा रोड पर एक अतिरिक्त गेट बना दिया गया था। बारावफात कमेटी अध्यक्ष को नोटिस भेजा गया है। तय रूट के अतिरिक्त निकाले गये जुलूस की भी जांच की जा रही है।
देवेंद्र पिंचा, एसपी सिटी, रुद्रपुर

कोतवाली पुलिस की लापरवाही
रुद्रपुर। बारावफात जुलूस के दौरान हुए हंगामे में कोतवाली पुलिस की भी बड़ी लापरवाही रही। जुलूस निकालने से पहले कोतवाली में ली गई अमन कमेटी बैठक में तोरणद्वारों की संख्या तय की गई थी। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को सिब्बल सिनेमा पर बनाए गए अतिरिक्त तोरणद्वार की सूचना भी अभिसूचना तंत्र ने पुलिस को दी थी। लेकिन उसके बाद भी कोतवाली पुलिस ने जुलूस से पहले तोरणद्वार को हटाने की जहमत नहीं उठाई।

सीओ सिटी बाहर प्रदर्शनकारी अंदर
जुलूस के लिए बनाये गये अतिरिक्त तोरण द्वार को हटाने की मांग लेकर विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों संग सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार के कार्यालय में पहुंच गए। सीओ ने जुलूस के बाद तोरणद्वार को हटाने का आश्वासन दिया। कार्यकर्ता कार्यालय के अंदर ही धरने पर बैठ गये। कार्यकर्ताओं के ना मानने पर सीओ को ही कार्यालय छोड़कर बाहर आना पड़ा। इसके बाद में एसपी देवेंद्र पिंचा के समझाने पर प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर आकर धरने पर बैठे।

इंदिरा चौक से हटाए गए झंडे
बारावफात जुलूस के दौरान सिब्बल सिनेमा रोड पर बनाये गये अतिरिक्त तोरण द्वार को हटाने की मांग को लेकर भाजपाई धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंदिरा चौक को झंडों से पाट दिया है। झंडों की लंबाई अधिक होने से बिजली के तार टूट रहे हैं। पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कई झंडों को हटा दिया।
इंसेट:
तोरणद्वार पर पार्षद को लगाई फटकार
सिब्बल सिनेमा रोड से जुलूस निकलने से पहले सीओ स्वतंत्र कुमार टीम के साथ मुस्तैद हो गए थे। इसी बीच वार्ड का पार्षद वहां पहुंच गया। उसे देखकर सीओ को पारा चढ़ गया। उन्होंने पार्षद को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि नया तोरणद्वार कैसे लगा दिया गया। इसकी वजह से विवाद खड़ा हो रहा है। पार्षद चुपचाप सब सुनने के बाद वहां से चला गया।


अफसरों की सूझबूझ से संभली स्थिति
बारावफात जुलूस के रूट में एक अतिरिक्त तोरणद्वार लगाए जाने से उपजे विवाद को संभालने में अगर पुलिस प्रशासन थोड़ी सी चूक करता तो विवाद अधिक हो सकता था। अफसरों की तेजी से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई। एक अतिरिक्त तोरणद्वार की सूचना होने के बावजूद भी उसे न हटाना पुलिस की लापरवाही है। इसे अधिकारियों की सूझबूझ कहेंगे कि उन्होंने विधायक के प्रदर्शन को कोतवाली से आगे बढ़ने नहीं दिया। जुलूस के गुजरने के बाद तोरणद्वार भी हटा लिया गया।
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