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Udham Singh Nagar News: मक्का फसल के लिए रसायन और यंत्र पर मिले अनुदान
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रुद्रपुर। डीएम उदयराज सिंह की अध्यक्षता में मक्का फसल पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में किसानों ने मक्का फसल उत्पादन के लिए बीज पर अनुदान और कीटनाशक रसायन, सूक्ष्म रसायन पर भी अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि मक्का उत्पादन से संबंधित बुवाई से लेकर कटाई तक के यंत्र व्यक्तिगत रूप से भी अनुदान पर उपलब्ध कराया जाए।
किसान और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में मक्का फसल लगाने पर सहमति व्यक्त कर मांग की कि मक्का की कटाई के समय नमी प्रतिशत अधिक होने पर भी मक्का फसल का विक्रय सुनिश्चित किया जाए। बुवाई और कटाई के लिए यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा कि मक्का उत्पादन के संबंध में अवगत कराई गई समस्याएं का समाधान किया जा चुका है। किसानों के मक्का की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी जिस पर 14 प्रतिशत नमी तक मक्का का मूल्य भारत सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फर्म की ओर से भुगतान किया जाएगा। 14 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर आनुपातिक वजन की कमी के साथ फर्म की ओर से मक्का क्रय कर ली जाएगी। मक्का क्रय फर्म के साथ कृषि विभाग का एमओयू होगा, फर्म और किसानों के मध्य भी एमओयू की कार्यवाही की जाएगी। सीडीओ ने कटाई व बुवाई के यंत्र अनुदान पर किसानों को प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने के लिए मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए। उपाध्यक्ष राज्य किसान आयोग उत्तराखंड राजपाल ने ग्रीष्मकालीन धान से कृषि भूमि और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई। कार्यशाला मेें सीडीओ, एडीएम के साथ पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर/ज्योलीकोट आदि उपस्थित रहे।
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किसान और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में मक्का फसल लगाने पर सहमति व्यक्त कर मांग की कि मक्का की कटाई के समय नमी प्रतिशत अधिक होने पर भी मक्का फसल का विक्रय सुनिश्चित किया जाए। बुवाई और कटाई के लिए यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराएं। डीएम ने कहा कि मक्का उत्पादन के संबंध में अवगत कराई गई समस्याएं का समाधान किया जा चुका है। किसानों के मक्का की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी जिस पर 14 प्रतिशत नमी तक मक्का का मूल्य भारत सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फर्म की ओर से भुगतान किया जाएगा। 14 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर आनुपातिक वजन की कमी के साथ फर्म की ओर से मक्का क्रय कर ली जाएगी। मक्का क्रय फर्म के साथ कृषि विभाग का एमओयू होगा, फर्म और किसानों के मध्य भी एमओयू की कार्यवाही की जाएगी। सीडीओ ने कटाई व बुवाई के यंत्र अनुदान पर किसानों को प्राप्त करने के लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने के लिए मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए। उपाध्यक्ष राज्य किसान आयोग उत्तराखंड राजपाल ने ग्रीष्मकालीन धान से कृषि भूमि और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई। कार्यशाला मेें सीडीओ, एडीएम के साथ पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर/ज्योलीकोट आदि उपस्थित रहे।
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