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Udham Singh Nagar News: फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का मास्टरमाइंड रुद्रपुर से गिरफ्तार
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रुद्रपुर। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट पर बड़ी चोट की है। रुद्रपुर क्षेत्र से फर्जी लाइसेंस बनाने के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके खिलाफ गाजियाबाद और शाहजहांपुर में भी फर्जी लाइसेंस बनाने के कई मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट में आरोपी गाजियाबाद से जेल भी जा चुका है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ग्राम अनावा, थाना पुंवाया, जिला शाहजहांपुर यूपी निवासी सदानंद शर्मा फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड और आदतन अपराधी है। मंगलवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड रुद्रपुर आ रहा है। इस पर इंस्पेक्टर विकास चौधरी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अरुण कुमार, विपिन चंद्र जोशी और कृष्ण गोपाल मठपाल आदि की टीम गठित की गई। टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सदानंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में इसके बैंक खाते में अवैध असलहों के कूटरचित लाइसेंस के कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये जमा मिले हैं। यह कार्रवाई काशीपुर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के तहत हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक एसटीएफ इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज कर नौ अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है। जिनके पास से 14 अवैध शस्त्र बरामद हुए हैं, जिनमें 2 ऑटोमेटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल, 9 पिस्टल, 1 रिवाॅल्वर और 355 कारतूस शामिल हैं। कई फर्जी कूटरचित लाइसेंस भी मिले हैं।
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फर्जी शस्त्र धारक सरेंडर कर सकते है अपना असलहा
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से ट्रांसफर होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन चल रहा है। फर्जी लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, इसलिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अभी भी फर्जी शस्त्र धारक अपना वेपन पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं।
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शाहजहांपुर डीएम कार्यालय के संविदा कर्मी के साथ मिलकर खेला खेल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सदानंद ने शाहजहांपुर डीएम कार्यालय के संविदा कर्मियों से मिलकर पुराने गायब यूआईएन नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड करवाए। फिर उधम सिंह नगर में सौरभ अग्रवाल और उसके भाई गौरव अग्रवाल के जरिए बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस बनवाकर लोगों को बेचे। मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल समेत कई लोगों से इस एवज में पैसा लिया गया।
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एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ग्राम अनावा, थाना पुंवाया, जिला शाहजहांपुर यूपी निवासी सदानंद शर्मा फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड और आदतन अपराधी है। मंगलवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड रुद्रपुर आ रहा है। इस पर इंस्पेक्टर विकास चौधरी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अरुण कुमार, विपिन चंद्र जोशी और कृष्ण गोपाल मठपाल आदि की टीम गठित की गई। टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सदानंद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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जांच में इसके बैंक खाते में अवैध असलहों के कूटरचित लाइसेंस के कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये जमा मिले हैं। यह कार्रवाई काशीपुर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के तहत हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक एसटीएफ इस मामले में तीन मुकदमे दर्ज कर नौ अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है। जिनके पास से 14 अवैध शस्त्र बरामद हुए हैं, जिनमें 2 ऑटोमेटिक पंप एक्शन गन, 2 राइफल, 9 पिस्टल, 1 रिवाॅल्वर और 355 कारतूस शामिल हैं। कई फर्जी कूटरचित लाइसेंस भी मिले हैं।
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फर्जी शस्त्र धारक सरेंडर कर सकते है अपना असलहा
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से ट्रांसफर होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन चल रहा है। फर्जी लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, इसलिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अभी भी फर्जी शस्त्र धारक अपना वेपन पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं।
शाहजहांपुर डीएम कार्यालय के संविदा कर्मी के साथ मिलकर खेला खेल
पूछताछ में खुलासा हुआ कि सदानंद ने शाहजहांपुर डीएम कार्यालय के संविदा कर्मियों से मिलकर पुराने गायब यूआईएन नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड करवाए। फिर उधम सिंह नगर में सौरभ अग्रवाल और उसके भाई गौरव अग्रवाल के जरिए बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस बनवाकर लोगों को बेचे। मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल समेत कई लोगों से इस एवज में पैसा लिया गया।