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ऊधमसिंह नगर के व्यापारियों ने भारत बंद को समर्थन दिया
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गदरपुर में हुई बैठक को संबोधित करते प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजकुमार भुड्डी
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर/खटीमा/गदरपुर/बाजपुर। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के तहत 8 दिसंबर को भारत बंद के आह्वान का व्यापार मंडल ने समर्थन देने की घोषणा की है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा ने कहा कि रुद्रपुर के व्यापारियों ने किसानों के भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। सभी व्यापारी किसानों के साथ खड़े हैं। इसको लेकर सोमवार को व्यापारियों की बैठक भी आयोजित होगी। इधर, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि किसानों के भारत बंद को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, देवभूमि व्यापार मंडल व आढ़ती एसोसिएशन ने अपना समर्थन दे दिया है।
इधर, खटीमा में रविवार को गुरुद्वारे में भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह की अध्यक्षता में किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद सफल बनाने को लेकर चर्चा की। वहां पहुंचे व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, महामंत्री अमन अरोरा एवं कोषाध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल ने किसानों के आंदोलन को जायज बताते हुए भारत बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वहां पर गुरप्रीत सिंह, लाल सिंह, बलदेव सिंह, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी, परमजीत आदि थे। इधर, गदरपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, राइस मिलर्स, आढ़त एसोसिएशन, व्यापार मंडल ने मंगलवार को पूरे जिले में बाजार बंद रखने की घोषणा की है। कहा कि बाजार बंदी से पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर को अलग रखा गया है।
रविवार को गदरपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजकुमार भुड्डी के कार्यालय पर व्यापारियों और भारतीय किसान यूनियन की संयुक्त बैठक हुई। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ के समर्थन की अपील पर सभी ने हामी भरी। इसके बाद संयुक्त रूप से आठ दिसंबर को पूरे जिले में बाजार बंदी की घोषणा की। इधर, प्रीत ग्रोवर ने बाजार बंदी को सफल बनाने के लिए किसानों से सोमवार की सुबह श्री गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा गदरपुर में पहुंचने की अपील की। वहां पर सुभाष बेहड़, मो. आलम, पंकज सेतिया, कृष्ण लाल सुधा, मोहनीश चौधरी, सिद्धार्थ अरोरा आदि थे।
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वहीं, बाजपुर में रविवार को मंडी समिति परिसर में आयोजित किसानों की बैठक में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस कराने के लिए दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन आठ दिसंबर को व्यापार मंडल के सहयोग से बाजार बंद रहेगा। सोमवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बाजार में इसके लिए अनुरोध भी करेगा। बैठक में पहुंचे ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष लियाकत अली ने भारत बंद का समर्थन करते हुए आठ दिसंबर को क्षेत्र के ई-रिक्शों का संचालन करने बंद रखने की घोषणा की।
वहां पर हरमंदर सिंह बरार, उदयान ऊर्फ मिक्की कपूर, कुलवीर सिंह, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, आईपी बरार, विजेंद्र डोगरा, जसवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, दर्शन गोयल, शकील अहमद, बीडीसी सदस्य वसीम अहमद, वरुण कपूर, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सत्यवान गर्ग, नगराध्यक्ष गुरप्रीत सिंह रिम्मी, श्रीनिवास गर्ग आदि थे।
जसपुर और किच्छा में भी मिला समर्थन
जसपुर। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने रविवार को गुरुद्वारा प्रांगण में आयोजित बैठक में क्षेत्र के बाजारों को बंद कराने, राष्ट्रीय राजमार्ग अन्य मार्गों पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कराने का निर्णय लिया है। भाकियू के जिला महासचिव शीतल सिंह बड़वाल ने बताया कि किसान यूनियन के सदस्यों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। यूनियन के सदस्य बाजार में घूम कर बाजार बंद करने की दुकानदारों से अपील करेंगे। इधर, किच्छा में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर कोषाध्यक्ष राजकुमार बजाज ने व्यापारियों से अपील की है कि वे मंगलवार को बाजार बंद कर किसान आंदोलन का समर्थन करें।
कृषि सुधार कानूनों के विरोध में रविवार को भी प्रदर्शन
सितारगंज/किच्छा/लालपुर। कृषि सुधार कानून के खिलाफ किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के किसानों ने रविवार को भी गांवों में केंद्र सरकार के पुतले जलाकर प्रदर्शन किया और सरकार से काले कानून को वापस लेने की मांग की।
रविवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में ग्राम बिरिया भूड़ और नगला में प्रदर्शन किया गया। सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। केंद्र सरकार ने कृषि सुधार कानून पारित कर किसान को लूटने का काम किया है। वहां लोहर सिंह, प्रताप सिंह, रूढ़ सिंह, खड़क सिंह राणा, मनोज सिंह राणा, हरि प्रकाश राणा, मनखुशी सिंह राणा, हरप्रीत कौर, लक्ष्मण सिंह राणा, लाभ सिंह, कृपाल सिंह आदि थे। इधर, किच्छा के ग्राम शहदौरा स्थित चौधरी फार्म पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया।
वहां पर चौधरी अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह नेगी, रंजीत सिंह रंधावा, रंजीत सिंह कलेर, करनैल सिंह, राजेंद्र सिंह राजा, लखविन्दर सिंह, माशूक अली, पप्पू अली, विशाल राय, हैदर खान, फैजान अली, खलील अहमद आदि थे। इधर, लालपुर में किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने रामेश्वरपुर मोड़ में धरना दिया। कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु ने कहा कि केंद्र सरकार हिटलर शाही छोड़ कर किसानों के हित के बारे में सोचे। वहां पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, गुरदास कालड़ा, प्रेम गुंबर, अजित सचदेवा, सुरजीत गंभीर, सनी बठला, अनवार आदि थे। संवाद
जसपुर। कृषि कानूनों के विरोध में रविवार सुबह ग्राम कलियांवाला से 18 से अधिक किसान ट्रैक्टर ट्रॉली से दिल्ली सीमा के लिए रवाना हो गए हैं। भाकियू केजिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि दिल्ली जाने वालों में सतनाम सिंह, संदीप सिंह, सुखदेव सिंह, तेजिंदर सिंह आदि हैं। उधर, कृषि कानूनों के विरोध में ग्राम पतरामपुर में किसानों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। 8 दिसंबर को क्षेत्र के किसान भी भारत बंद का समर्थन करेंगे। वहां पर गुरमीत सिंह, सतविंदर सिंह, हरजीत सिंह, जसवंत सिंह, सर्वजीत सिंह, अमरप्रीत सिंह, गुरमेल सिंह, सतनाम सिंह, परगट सिंह, हरजाप सिंह, बलकार सिंह, जीवन सिंह, अमरदीप सिंह आदि थे। संवाद
कॉरपोरेट को फायदा पहुंचा रही सरकार: डॉ. उपाध्याय
पंतनगर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने कहा कि पूरे देश का अन्नदाता खेत छोड़ सड़कों पर उतरा हुआ है। भाजपा सरकार इन तीनों कृषि कानूनों के जरिये कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाना चाहती है लेकिन सरकार की होशियारी को किसानों ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
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इधर, खटीमा में रविवार को गुरुद्वारे में भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह की अध्यक्षता में किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद सफल बनाने को लेकर चर्चा की। वहां पहुंचे व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, महामंत्री अमन अरोरा एवं कोषाध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल ने किसानों के आंदोलन को जायज बताते हुए भारत बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वहां पर गुरप्रीत सिंह, लाल सिंह, बलदेव सिंह, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी, परमजीत आदि थे। इधर, गदरपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल, राइस मिलर्स, आढ़त एसोसिएशन, व्यापार मंडल ने मंगलवार को पूरे जिले में बाजार बंद रखने की घोषणा की है। कहा कि बाजार बंदी से पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर को अलग रखा गया है।
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रविवार को गदरपुर में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजकुमार भुड्डी के कार्यालय पर व्यापारियों और भारतीय किसान यूनियन की संयुक्त बैठक हुई। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ के समर्थन की अपील पर सभी ने हामी भरी। इसके बाद संयुक्त रूप से आठ दिसंबर को पूरे जिले में बाजार बंदी की घोषणा की। इधर, प्रीत ग्रोवर ने बाजार बंदी को सफल बनाने के लिए किसानों से सोमवार की सुबह श्री गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा गदरपुर में पहुंचने की अपील की। वहां पर सुभाष बेहड़, मो. आलम, पंकज सेतिया, कृष्ण लाल सुधा, मोहनीश चौधरी, सिद्धार्थ अरोरा आदि थे।
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वहीं, बाजपुर में रविवार को मंडी समिति परिसर में आयोजित किसानों की बैठक में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस कराने के लिए दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन आठ दिसंबर को व्यापार मंडल के सहयोग से बाजार बंद रहेगा। सोमवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बाजार में इसके लिए अनुरोध भी करेगा। बैठक में पहुंचे ई-रिक्शा यूनियन अध्यक्ष लियाकत अली ने भारत बंद का समर्थन करते हुए आठ दिसंबर को क्षेत्र के ई-रिक्शों का संचालन करने बंद रखने की घोषणा की।
वहां पर हरमंदर सिंह बरार, उदयान ऊर्फ मिक्की कपूर, कुलवीर सिंह, अजीत प्रताप सिंह रंधावा, आईपी बरार, विजेंद्र डोगरा, जसवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, दर्शन गोयल, शकील अहमद, बीडीसी सदस्य वसीम अहमद, वरुण कपूर, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सत्यवान गर्ग, नगराध्यक्ष गुरप्रीत सिंह रिम्मी, श्रीनिवास गर्ग आदि थे।
जसपुर और किच्छा में भी मिला समर्थन
जसपुर। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने रविवार को गुरुद्वारा प्रांगण में आयोजित बैठक में क्षेत्र के बाजारों को बंद कराने, राष्ट्रीय राजमार्ग अन्य मार्गों पर शांतिपूर्ण चक्का जाम कराने का निर्णय लिया है। भाकियू के जिला महासचिव शीतल सिंह बड़वाल ने बताया कि किसान यूनियन के सदस्यों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा। यूनियन के सदस्य बाजार में घूम कर बाजार बंद करने की दुकानदारों से अपील करेंगे। इधर, किच्छा में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर कोषाध्यक्ष राजकुमार बजाज ने व्यापारियों से अपील की है कि वे मंगलवार को बाजार बंद कर किसान आंदोलन का समर्थन करें।
कृषि सुधार कानूनों के विरोध में रविवार को भी प्रदर्शन
सितारगंज/किच्छा/लालपुर। कृषि सुधार कानून के खिलाफ किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अखिल भारतीय किसान सभा के किसानों ने रविवार को भी गांवों में केंद्र सरकार के पुतले जलाकर प्रदर्शन किया और सरकार से काले कानून को वापस लेने की मांग की।
रविवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में ग्राम बिरिया भूड़ और नगला में प्रदर्शन किया गया। सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। केंद्र सरकार ने कृषि सुधार कानून पारित कर किसान को लूटने का काम किया है। वहां लोहर सिंह, प्रताप सिंह, रूढ़ सिंह, खड़क सिंह राणा, मनोज सिंह राणा, हरि प्रकाश राणा, मनखुशी सिंह राणा, हरप्रीत कौर, लक्ष्मण सिंह राणा, लाभ सिंह, कृपाल सिंह आदि थे। इधर, किच्छा के ग्राम शहदौरा स्थित चौधरी फार्म पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका गया।
वहां पर चौधरी अमरजीत सिंह, राजेंद्र सिंह नेगी, रंजीत सिंह रंधावा, रंजीत सिंह कलेर, करनैल सिंह, राजेंद्र सिंह राजा, लखविन्दर सिंह, माशूक अली, पप्पू अली, विशाल राय, हैदर खान, फैजान अली, खलील अहमद आदि थे। इधर, लालपुर में किसानों के आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने रामेश्वरपुर मोड़ में धरना दिया। कांग्रेस प्रदेश महासचिव हरीश पनेरु ने कहा कि केंद्र सरकार हिटलर शाही छोड़ कर किसानों के हित के बारे में सोचे। वहां पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, गुरदास कालड़ा, प्रेम गुंबर, अजित सचदेवा, सुरजीत गंभीर, सनी बठला, अनवार आदि थे। संवाद
जसपुर। कृषि कानूनों के विरोध में रविवार सुबह ग्राम कलियांवाला से 18 से अधिक किसान ट्रैक्टर ट्रॉली से दिल्ली सीमा के लिए रवाना हो गए हैं। भाकियू केजिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि दिल्ली जाने वालों में सतनाम सिंह, संदीप सिंह, सुखदेव सिंह, तेजिंदर सिंह आदि हैं। उधर, कृषि कानूनों के विरोध में ग्राम पतरामपुर में किसानों ने बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। 8 दिसंबर को क्षेत्र के किसान भी भारत बंद का समर्थन करेंगे। वहां पर गुरमीत सिंह, सतविंदर सिंह, हरजीत सिंह, जसवंत सिंह, सर्वजीत सिंह, अमरप्रीत सिंह, गुरमेल सिंह, सतनाम सिंह, परगट सिंह, हरजाप सिंह, बलकार सिंह, जीवन सिंह, अमरदीप सिंह आदि थे। संवाद
कॉरपोरेट को फायदा पहुंचा रही सरकार: डॉ. उपाध्याय
पंतनगर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गणेश उपाध्याय ने कहा कि पूरे देश का अन्नदाता खेत छोड़ सड़कों पर उतरा हुआ है। भाजपा सरकार इन तीनों कृषि कानूनों के जरिये कॉरपोरेट जगत को फायदा पहुंचाना चाहती है लेकिन सरकार की होशियारी को किसानों ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।