{"_id":"6a173cbcfccb7d24860c8c0a","slug":"man-convicted-of-kidnapping-minor-gets-seven-years-imprisonment-rudrapur-news-c-242-1-rdp1029-142092-2026-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: नाबालिग के अपहरण के दोषी को सात साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: नाबालिग के अपहरण के दोषी को सात साल का कारावास
Thu, 28 May 2026 12:19 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 28 May 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष पॉक्सो कोर्ट) संगीता आर्य की अदालत ने ढाई वर्ष पुराने नाबालिग के अपहरण के आरोपी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है।
30 सितंबर 2023 में कुंडा कोतवाली में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि उनकी 13 वर्षीय पुत्री 28 सितंबर को खेत में पशुओं के लिए चारा डालने गई थी। इसके बाद वह लापता हो गई। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पिता ने नईम अहमद निवासी संन्यासियोवाला जसपुर के खिलाफ किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से नाबालिग बरामद कर लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पाक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत में हुई जहां अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। अदालत ने दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने न्यायालय और मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में आरोपी के किसी प्रकार की जबरदस्ती या शारीरिक शोषण से इंकार कर दिया जिसके तहत अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
30 सितंबर 2023 में कुंडा कोतवाली में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि उनकी 13 वर्षीय पुत्री 28 सितंबर को खेत में पशुओं के लिए चारा डालने गई थी। इसके बाद वह लापता हो गई। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पिता ने नईम अहमद निवासी संन्यासियोवाला जसपुर के खिलाफ किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से नाबालिग बरामद कर लिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पाक्सो समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की और विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत में हुई जहां अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। अदालत ने दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने न्यायालय और मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में आरोपी के किसी प्रकार की जबरदस्ती या शारीरिक शोषण से इंकार कर दिया जिसके तहत अदालत ने आरोपी को दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।