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Uttarakhand: मदन की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, इकलौते कमाने वाले थे, आटा चक्की पर करते थे मजदूरी
Sat, 28 Jun 2025 04:31 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 28 Jun 2025 04:31 PM IST
सार
बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे मदन सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मजदूर परिवार की रोजीरोटी का एकमात्र सहारा भी छिन गया। मदन परिवार के भरण पोषण के लिए खटोला में आटे की चक्की पर मजदूरी का काम करता था।
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युवक की मौत
विस्तार
बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे मदन सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मजदूर परिवार की रोजीरोटी का एकमात्र सहारा भी छिन गया। दलीप नगर निवासी बुजुर्ग नारायण सिंह का पुत्र शुक्रवार को अपनी बड़ी बेटी माही के साथ छोटी बेटी महक को स्कूल छोड़ने जा रहा था। लौटते समय मदन की हादसे में मौत हो गई और बेटी माही भी गंभीर रूप से घायल हो गई।
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मदन परिवार के भरण पोषण के लिए खटोला में आटे की चक्की पर मजदूरी का काम करता था। बुजुर्ग पिता और पत्नी भी मजदूरी करते हैं। गरीबी के चलते मदन सिंह ने छोटी पुत्री महक का सितारगंज जनजाति विद्यालय में और अपने 10 वर्षीय पुत्र विराट को जनजाति विद्यालय गोपाल नगर में शिक्षा के लिए प्रवेश दिला रखा है। बड़ी बेटी माही के इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा है। जबकि 8 वर्षीय छोटा पुत्र सुमित पूर्ण रूप से दिव्यांग है पूरे परिवार की जिम्मेदारी मदन सिंह के सिर पर थी।
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खबर लिखे जाने तक मदन सिंह की मौत की जानकारी ग्रामीणों ने उसकी पत्नी को अभी नहीं बताई। ग्रामीणों का कहना है की सूचना पर उसकी पत्नी जुगनू देवी पर भी बुरा असर पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि कुदरत की मार भी इस गरीब परिवार पर पड़ने से अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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