फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   lok sabha election 2024 Uttarakhand: 200 year old history of neem tree of kashipur udham singh nagar

200 साल पुराना नीम का पेड़: यहां बापू और नेहरू भी दे चुके हैं भाषण, 1983-84 में हुई थी आखिरी चुनावी जनसभा

Sat, 06 Apr 2024 11:47 AM IST
हीरा मेहरा राजीव कुमार, संवाद
राजीव कुमार, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 06 Apr 2024 11:47 AM IST
सार

पौराणिक और ऐतिहासिक काशीपुर में नीम का पेड़ शहर की बड़ी पहचान है। नीम के इसी पेड़ ने देश की नामी हस्तियों को छांव दी है। इस नीम की छांव के तले 1983-84 तक चुनावी जनसभाएं हुआ करती थीं।

विज्ञापन
lok sabha election 2024 Uttarakhand: 200 year old history of neem tree of kashipur udham singh nagar
200 साल पुराना नीम का पेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पौराणिक व ऐतिहासिक नगरी काशीपुर में लगभग दो सौ से अधिक पुराना नीम का पेड़ अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। वजह, इस पेड़ की छांव में देश की कई नामी हस्तियां जनमानस को संबोधित कर चुकी हैं। लगभग चालीस साल पहले तक यहां चुनावी जनसभाएं हुआ करती थीं, जो अब नहीं होती हैं।

विज्ञापन


मोहल्ला लाहौरियान स्थित पुरानी सब्जी मंडी में एक छोर पर नीम का पेड़ लगा है। जिसकी पहचान छोटा नीम का पेड़ से है। प्रभात फेरी संयोजक विमल गुड़िया बताते हैं कि इस नीम की छांव के तले 1983-84 तक चुनावी जनसभाएं हुआ करती थीं। 
विज्ञापन

यहां पर भारतीय लोकदल पार्टी, जनसंघ, संजय विचार मंच आदि की सभाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा इस स्थल से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, आचार्य विनोभा भावे, मदन मोहन मालवीय, पंडित जवाहर लाल नेहरू, चंद्रभान गुप्ता, केसी पंत, पंडित गोविंद बल्लभ पंत, अटल विहारी बाजपेयी भी जनता को संबोधित कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये पढ़ें- Haldwani: एसटीएच में हेपेटाइटिस B और C की दवाएं खत्म, मरीज परेशान; केंद्र से राज्य और फिर जिले में आती है दवा


गुड़िया बताते हैं कि उस दौरान यहां काफी बड़ा मैदान हुआ करता था, लेकिन अब यहां लोगों ने घर और दुकानें बना ली हैं। जिसके चलते 1984 के बाद यहां कोई भी चुनावी जनसभा नहीं हुई हैं। अब चुनावी जनसभाएं शहर के अन्य मैदानों में होती हैं। 

ऐतिहासिक स्थल किया गया संरक्षित
छोटा नीम का पेड़ की ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए तत्कालीन नगर पालिका ने इसे संरक्षित किया था। इसके चारों ओर ऊंचा चबूतरा बनाने के साथ ही पेड़ के नीचे उन महापुरुषों के नाम का शिलापट भी लगाया है। जिन्होंने इसकी छांव में कभी जनमानस को संबोधित किया था। वहीं के दूसरी और शिलापट क्षेत्र के स्वंतत्रता संग्राम सेनानियों के नाम भी दर्ज हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed