{"_id":"651f0fece880773ad60d0c4a","slug":"lifeterm-jail-for-suraj-chand-murder-case-in-khatima-khatima-news-c-8-1-hld1009-238667-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: सूरज चंद हत्याकांड मामले में छह दोषियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: सूरज चंद हत्याकांड मामले में छह दोषियों को उम्रकैद
Fri, 06 Oct 2023 01:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 01:05 AM IST
विज्ञापन
खटीमा। वर्ष 2016 में हुए प्रॉपर्टी डीलर सूरज हत्याकांड मामले में अपर सेशन न्यायाधीश मंजु सिंह मुंडे ने महिला समेत छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों को 36 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
बनबसा, हाल निवासी खटीमा मंजू देवी पत्नी सूरज चंद ने कोतवाली में 4 जुलाई 2016 को अपने पति की एक दिन पहले घर से गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद 8 जुलाई 2016 को उनके पति का शव ग्राम खेलतसंडा मुस्ताजर निवासी सुरेश राणा के गटर से बरामद हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने 3 अक्तूबर 2016 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। शासकीय अधिवक्ता सौरभ ओझा ने 22 गवाहों को पेश किया। जिसमें तत्कालीन एसडीएम ऋचा सिंह समेत मोबाइल कंपनी के अधिकारियों की भी गवाही हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश मंजु सिंह मुंडे ने बिगराबाग निवासी पप्पू सिंह राणा, खेतलसंडा मुस्ताजर के सुरेश राणा, ओमकारेश्वर शिव मंदिर निवासी हरेंद्र चौहान, छिनकी फार्म के ईश्वरी सिंह, दियूरी गांव की मुन्नी देवी और उसके बेटे जीवन सिंह को धारा 302, 364ए, 342,201, 120बी और धारा 34 में दोषसिद्ध करार दिया। जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
विज्ञापन
बनबसा, हाल निवासी खटीमा मंजू देवी पत्नी सूरज चंद ने कोतवाली में 4 जुलाई 2016 को अपने पति की एक दिन पहले घर से गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके बाद 8 जुलाई 2016 को उनके पति का शव ग्राम खेलतसंडा मुस्ताजर निवासी सुरेश राणा के गटर से बरामद हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने 3 अक्तूबर 2016 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। शासकीय अधिवक्ता सौरभ ओझा ने 22 गवाहों को पेश किया। जिसमें तत्कालीन एसडीएम ऋचा सिंह समेत मोबाइल कंपनी के अधिकारियों की भी गवाही हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश मंजु सिंह मुंडे ने बिगराबाग निवासी पप्पू सिंह राणा, खेतलसंडा मुस्ताजर के सुरेश राणा, ओमकारेश्वर शिव मंदिर निवासी हरेंद्र चौहान, छिनकी फार्म के ईश्वरी सिंह, दियूरी गांव की मुन्नी देवी और उसके बेटे जीवन सिंह को धारा 302, 364ए, 342,201, 120बी और धारा 34 में दोषसिद्ध करार दिया। जिन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
विज्ञापन