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Udham Singh Nagar News: थैलेसीमिया मरीजों को नहीं मिल रहे ल्यूको रिडक्शन फिल्टर
Sun, 30 Jul 2023 09:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 30 Jul 2023 09:29 PM IST
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रुद्रपुर। जिले में थैलेसीमिया मरीजों को खून चढ़ाते समय इस्तेमाल होने वाले ल्यूको रिडक्शन फिल्टर स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। सरकारी अस्पतालों से निशुल्क मिलने वाले ल्यूको रिडक्शन फिल्टर उपलब्ध नहीं होने से तीमारदारों को बाजार से इसे खरीदना पड़ रहा है।
जिले में थैलेसीमिया के करीब 100 सक्रिय मरीज हैं। इसके लिए हर महीने ब्लड बैंकों में ढाई से तीन सौ यूनिट खून की जरूरत पड़ती है। मरीजों को हफ्ते में दो बार या एक माह में तीन से चार बार रक्त चढ़ाया जाता है। मरीजों को रक्त चढ़ाते समय ल्यूको रिडएक्शन फिल्टर से ही सफेद रक्त कोशिकाओं को मरीज के अंदर जाने के लिए रोका जाता है। अगर इस फिल्टर के बिना ही मरीजों में रक्त चढ़ाया जाता है तो इससे किडनी, फेफड़े, लिवर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे मरीज की मौत होने की भी आशंका बढ़ जाती हैं।
थैलेसीमिया मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क ल्यूको रिडक्शन फिल्टर दिए जाते हैं लेकिन कई दिनों से अस्पतालों में फिल्टर न मिलने से मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बाजार में ये फिल्टर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। जो मिलते भी हैं, वो महंगे होते हैं। पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती ने बताया कि हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया रक्तजनित हैं। दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत रक्त सहित अन्य सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
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जिले के लिए 3000 ल्यूको रिडक्शन फिल्टर की मांग स्वास्थ्य निदेशालय से की गई है। इससे पहले मरीजों को अपनी तरफ से व्यवस्था कर फिल्टर दिए गए थे। उम्मीद है कि जल्द ही निदेशालय से जिले को फिल्टर मिल जाएंगे। इससे मरीजों को दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेगी। -डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ।
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जिले में थैलेसीमिया के करीब 100 सक्रिय मरीज हैं। इसके लिए हर महीने ब्लड बैंकों में ढाई से तीन सौ यूनिट खून की जरूरत पड़ती है। मरीजों को हफ्ते में दो बार या एक माह में तीन से चार बार रक्त चढ़ाया जाता है। मरीजों को रक्त चढ़ाते समय ल्यूको रिडएक्शन फिल्टर से ही सफेद रक्त कोशिकाओं को मरीज के अंदर जाने के लिए रोका जाता है। अगर इस फिल्टर के बिना ही मरीजों में रक्त चढ़ाया जाता है तो इससे किडनी, फेफड़े, लिवर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे मरीज की मौत होने की भी आशंका बढ़ जाती हैं।
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थैलेसीमिया मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क ल्यूको रिडक्शन फिल्टर दिए जाते हैं लेकिन कई दिनों से अस्पतालों में फिल्टर न मिलने से मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बाजार में ये फिल्टर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। जो मिलते भी हैं, वो महंगे होते हैं। पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एलएम उप्रेती ने बताया कि हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया रक्तजनित हैं। दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत रक्त सहित अन्य सुविधाएं मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
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जिले के लिए 3000 ल्यूको रिडक्शन फिल्टर की मांग स्वास्थ्य निदेशालय से की गई है। इससे पहले मरीजों को अपनी तरफ से व्यवस्था कर फिल्टर दिए गए थे। उम्मीद है कि जल्द ही निदेशालय से जिले को फिल्टर मिल जाएंगे। इससे मरीजों को दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ेगी। -डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ।