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तेंदुआ बच्चे पर झपटा, मां ने बचा लिया
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नानकमत्ता पीएचसी में तेंदुए के हमले के दौरान घायल बच्चे का इलाज कराते पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह
- फोटो : SITARGANJ
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नानकमत्ता। सरोंजा में मां अपने बेटे को तेंदुए के हमले से बचा ले गई। तेंदुए के हमले में छह वर्षीय बालक घायल हो गया। पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचकर घायल बालक का इलाज करवाया। पूर्व विधायक ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर घटना की जानकारी भी दी।
रविवार की रात ग्राम सरोंजा निवासी कुलविंदर कौर अपने छह वर्षीय बेटे बलजीत सिंह के साथ आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रही थी। मध्यरात्रि लगभग 1:30 बजे तेंदुआ हजारा सिंह के घर के परिसर में घुस आया। तेंदुआ अपनी मां के साथ सो रहे बलजीत को खींचने लगा। मच्छरदानी लगी होने के कारण बच्चा पहले प्रयास में तेंदुए के पंजे में नहीं फंस पाया। इतने में कुलविंदर कौर की नींद खुल गई। उसने बच्चे को खींचकर अपने गोद में भर लिया और चीख पुकार शुरू कर दी। तेंदुआ बालक को छीनने का प्रयास करता रहा लेकिन कुलविंदर कौर ने हिम्मत नहीं हारी और अपने बेटे को बचाने में लगी रही।
कुलविंदर कौर व बच्चे की चीख पुकार सुनकर परिजन जाग गए और आंगन की ओर भागे। इतने में तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल बालक को नानकमत्ता पीएचसी लाया गया। तेंदुआ पहले भी क्षेत्र में हमला कर चुका है। इसमें तीन महिलाओं व एक बालक की मौत भी हो चुकी है। ग्राम सरोंजा के सरजन सिंह ने बताया कि तेंदुआ आएदिन गांव में दिखता रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्य जीवों से बचाने की गुहार लगाई है।
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रविवार की रात ग्राम सरोंजा निवासी कुलविंदर कौर अपने छह वर्षीय बेटे बलजीत सिंह के साथ आंगन में मच्छरदानी लगाकर सो रही थी। मध्यरात्रि लगभग 1:30 बजे तेंदुआ हजारा सिंह के घर के परिसर में घुस आया। तेंदुआ अपनी मां के साथ सो रहे बलजीत को खींचने लगा। मच्छरदानी लगी होने के कारण बच्चा पहले प्रयास में तेंदुए के पंजे में नहीं फंस पाया। इतने में कुलविंदर कौर की नींद खुल गई। उसने बच्चे को खींचकर अपने गोद में भर लिया और चीख पुकार शुरू कर दी। तेंदुआ बालक को छीनने का प्रयास करता रहा लेकिन कुलविंदर कौर ने हिम्मत नहीं हारी और अपने बेटे को बचाने में लगी रही।
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कुलविंदर कौर व बच्चे की चीख पुकार सुनकर परिजन जाग गए और आंगन की ओर भागे। इतने में तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। घायल बालक को नानकमत्ता पीएचसी लाया गया। तेंदुआ पहले भी क्षेत्र में हमला कर चुका है। इसमें तीन महिलाओं व एक बालक की मौत भी हो चुकी है। ग्राम सरोंजा के सरजन सिंह ने बताया कि तेंदुआ आएदिन गांव में दिखता रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्य जीवों से बचाने की गुहार लगाई है।
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