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Udham Singh Nagar News: जसपुर समेत छह तहसीलों के लिए गोशाला के लिए मिली जमीन
Mon, 24 Jul 2023 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 24 Jul 2023 11:07 PM IST
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पांच तहसीलों की भूमि को डीएम ने पशुपालन विभाग के किया नाम, एक की चल रही प्रक्रिया
रुद्रपुर। सड़कों और जंगलों में लावारिस घूम रहे गोवंशीय पशुओं को अब जल्द ही ठिकाना मिल जाएगा। जिले की पांच तहसीलों में बनने वाली गोशालाओं की भूमि डीएम ने पशुपालन विभाग के नाम कर दी है। जल्द ही गोशालाओं का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिले में वर्ष 2019 में हुई 20वीं पशुगणना के अनुसार 3475 लावारिस गोवंशीय पशु रिकॉर्ड किए गए थे। पशुपालन विभाग की मानें तो बीते तीन वर्षों में लावारिस गोवंशीय पशुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। लावारिस गोवंशीय पशुओं को गोशालाओं में रखने के लिए जिले के सभी एसडीएम ने राजस्व की खाली पड़ी भूमि चिह्नित कर ली है। इसमें जसपुर के महुआडाबरा, बाजपुर के गुलजारपुर, गदरपुर के बरिराई, खटीमा के लंबाखेड़ा, सितारगंज के टुकड़ी व किच्छा के राम बंडिया गांव में भूमि चिह्नित कर डीएम को रिपोर्ट भेजी गई थी। इन गांवों में बनने वाली गोशालाओं में 300-300 से अधिक गाय रह सकती हैं। डीएम उदय राज सिंह की ओर से किच्छा तहसील छोड़ पांच तहसीलों की भूमि पशुपालन विभाग के नाम दर्ज कर दी गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एसबी पांडेय ने बताया कि बनाई जाने वाली गोशालाओं को एनजीओ की ओर से संचालित किया जाएगा। गोशाला संचालित करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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रुद्रपुर। सड़कों और जंगलों में लावारिस घूम रहे गोवंशीय पशुओं को अब जल्द ही ठिकाना मिल जाएगा। जिले की पांच तहसीलों में बनने वाली गोशालाओं की भूमि डीएम ने पशुपालन विभाग के नाम कर दी है। जल्द ही गोशालाओं का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जिले में वर्ष 2019 में हुई 20वीं पशुगणना के अनुसार 3475 लावारिस गोवंशीय पशु रिकॉर्ड किए गए थे। पशुपालन विभाग की मानें तो बीते तीन वर्षों में लावारिस गोवंशीय पशुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। लावारिस गोवंशीय पशुओं को गोशालाओं में रखने के लिए जिले के सभी एसडीएम ने राजस्व की खाली पड़ी भूमि चिह्नित कर ली है। इसमें जसपुर के महुआडाबरा, बाजपुर के गुलजारपुर, गदरपुर के बरिराई, खटीमा के लंबाखेड़ा, सितारगंज के टुकड़ी व किच्छा के राम बंडिया गांव में भूमि चिह्नित कर डीएम को रिपोर्ट भेजी गई थी। इन गांवों में बनने वाली गोशालाओं में 300-300 से अधिक गाय रह सकती हैं। डीएम उदय राज सिंह की ओर से किच्छा तहसील छोड़ पांच तहसीलों की भूमि पशुपालन विभाग के नाम दर्ज कर दी गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एसबी पांडेय ने बताया कि बनाई जाने वाली गोशालाओं को एनजीओ की ओर से संचालित किया जाएगा। गोशाला संचालित करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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