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लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Tue, 18 Apr 2017 12:23 AM IST
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लोन दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से एक व्यवसायी को लाखों की चपत लगा दी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधक सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऊषा लक्ष्मी इलेक्ट्रो प्लेटिंग के स्वामी आटो पार्ट्स व्यवसायी रविंद्र नगर निवासी परितोष सरकार पुत्र चितरंजन सरकार ने बताया उसे व्यवसाय के लिए लोन लेना था, लेकिन बैंक ने इनकार कर दिया। उसके एक रिश्तेदार ने जाहिर नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया। बाद में उसके अटरिया मंदिर रोड स्थित प्रतिष्ठान पर जतिन दास रोड कलकत्ता निवासी संजय राय पुत्र जीके राय और राजन ने उससे मुलाकात की, जिस पर उन्होंने 50 लाख रूपए का लोन दिलवाने का आश्वासन दिया और 20 प्रतिशत मार्जिन मनी आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराने को कहा। उसने 50 हजार रुपए बैंक में जमा करा दिये। बैंक की ओर से उसे चेक बुक, एटीएम कार्ड और उसका पासवर्ड दिया गया।
परितोष के मुताबिक संजय, जाहिर और राजन के कहे अनुसार उसने शेष 9.50 लाख रुपए भी बैंक में जमा करा दिये। कुछ दिन बाद जब वह अपने खाते की पासबुक लेने बैंक गया तो पता चला कि उसके खाते से 7 लाख 10 हजार 300 रुपए निकाले जा चुके थे, जबकि उसने अपने खाते से कोई रकम नहीं निकाली थी। इस संबंध में उसने बैंक प्रबंधक, कैशियर और स्टाफ से जानकारी चाही तो टालमटोल कर दिया गया, जिस पर उसने खाते में बचे 2,89,700 रुपए निकाल लिए। उसने खाते का स्टेटमेंट लिया तो पता चला कि खाता 10 मार्च 2016 को खोला गया जबकि वह बैंक में 22 जून 2016 को खाता खुलवाने गया था। उसने संजय और राजन के मोबाइल पर संपर्क करना चाहा तो मोबाइल बंद मिले।
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ठगी का अंदेशा होते ही उसने आवास विकास चौकी में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उसने जाहिर के संबंध में गुड़गांव जाकर खोजबीन की तो पता चला कि जाहिर का असली नाम अब्बास मलिक पुत्र कासिम मलिक है। किसी तरह उसने वहां से पुलिस सत्यापन की आख्या की एक प्रति प्राप्त की और पुन: आवास विकास व थाना ट्रांजिट कैंप में शिकायत दर्ज करायी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। मजबूरन उसने न्यायालय की शरण ली।
पुलिस ने अब कोर्ट के आदेश पर संजय राय पुत्र जीके राय, निवासी जतिन दास रोड कलकत्ता और घोला उत्तरपाड़ा थाना उदयनारायणपुर जिला हावड़ा, बेस्ट बंगाल कलकत्ता निवासी जाहिर उर्फ अब्बास मलिक पुत्र कासिम मलिक, रंजन के साथ ही रुद्रपुर के नैनीताल रोड स्थित आहईसीआईसीआई बैंक शाखा प्रबंधक और खाता खोलने वाले व एटीएम का पिन जारी करने वाले संबंधित बैंक अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऊषा लक्ष्मी इलेक्ट्रो प्लेटिंग के स्वामी आटो पार्ट्स व्यवसायी रविंद्र नगर निवासी परितोष सरकार पुत्र चितरंजन सरकार ने बताया उसे व्यवसाय के लिए लोन लेना था, लेकिन बैंक ने इनकार कर दिया। उसके एक रिश्तेदार ने जाहिर नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया। बाद में उसके अटरिया मंदिर रोड स्थित प्रतिष्ठान पर जतिन दास रोड कलकत्ता निवासी संजय राय पुत्र जीके राय और राजन ने उससे मुलाकात की, जिस पर उन्होंने 50 लाख रूपए का लोन दिलवाने का आश्वासन दिया और 20 प्रतिशत मार्जिन मनी आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराने को कहा। उसने 50 हजार रुपए बैंक में जमा करा दिये। बैंक की ओर से उसे चेक बुक, एटीएम कार्ड और उसका पासवर्ड दिया गया।
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परितोष के मुताबिक संजय, जाहिर और राजन के कहे अनुसार उसने शेष 9.50 लाख रुपए भी बैंक में जमा करा दिये। कुछ दिन बाद जब वह अपने खाते की पासबुक लेने बैंक गया तो पता चला कि उसके खाते से 7 लाख 10 हजार 300 रुपए निकाले जा चुके थे, जबकि उसने अपने खाते से कोई रकम नहीं निकाली थी। इस संबंध में उसने बैंक प्रबंधक, कैशियर और स्टाफ से जानकारी चाही तो टालमटोल कर दिया गया, जिस पर उसने खाते में बचे 2,89,700 रुपए निकाल लिए। उसने खाते का स्टेटमेंट लिया तो पता चला कि खाता 10 मार्च 2016 को खोला गया जबकि वह बैंक में 22 जून 2016 को खाता खुलवाने गया था। उसने संजय और राजन के मोबाइल पर संपर्क करना चाहा तो मोबाइल बंद मिले।
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ठगी का अंदेशा होते ही उसने आवास विकास चौकी में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उसने जाहिर के संबंध में गुड़गांव जाकर खोजबीन की तो पता चला कि जाहिर का असली नाम अब्बास मलिक पुत्र कासिम मलिक है। किसी तरह उसने वहां से पुलिस सत्यापन की आख्या की एक प्रति प्राप्त की और पुन: आवास विकास व थाना ट्रांजिट कैंप में शिकायत दर्ज करायी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। मजबूरन उसने न्यायालय की शरण ली।
पुलिस ने अब कोर्ट के आदेश पर संजय राय पुत्र जीके राय, निवासी जतिन दास रोड कलकत्ता और घोला उत्तरपाड़ा थाना उदयनारायणपुर जिला हावड़ा, बेस्ट बंगाल कलकत्ता निवासी जाहिर उर्फ अब्बास मलिक पुत्र कासिम मलिक, रंजन के साथ ही रुद्रपुर के नैनीताल रोड स्थित आहईसीआईसीआई बैंक शाखा प्रबंधक और खाता खोलने वाले व एटीएम का पिन जारी करने वाले संबंधित बैंक अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।