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कोविड कर्फ्यू से रोटी के लिए मजदूर रहे हलकान
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अनीता, बिलासपुर।
- फोटो : RUDRAPUR
कोविड कर्फ्यू के पहले ही दिन रुद्रपुर में कई मजदूर रोटी के लिए परेशान नजर आए। गांधी पार्क से लेकर डीडी चौक तक मजदूर ठेली व ढाबे ढूंढते रहे। श्रमिकों का कहना था कि वह रोजाना की तरह मजदूरी के लिए बिलासपुर, रामपुर से रुद्रपुर पहुंचे। यहां आकर पता चला कि आज कर्फ्यू है।
रविवार को गांधी पार्क में तमाम मजदूर इधर उधर घूमते दिखाई दिए। उनका कहना था कि वह रोजाना रुद्रपुर में रोजगार की तलाश में आते हैं। गांधी पार्क से उन्हें अक्सर दिहाड़ी मजदूरी का काम मिल भी जाता है। मजदूरी करने के बाद दोपहर में एक घंटे का खाने की छुट्टी मिलती है तो गांधी पार्क या आसपास के ठेली, ढाबों में ही खाना खाकर भूख मिटा लेते हैं। इसके अलावा डीडी चौक के पास पांच रुपये में मिलने वाले खाने के थाल ले लिया करते थे। रविवार को वह रुद्रपुर पहुंचे तो पता चला कि आज कर्फ्यू है।
- पता नहीं था कि रुद्रपुर पहुंचने पर आज काम नहीं मिलेगा। रविवार को न तो काम ही मिला और न खाना। दिनभर भूखे प्यासे रहने के बाद अब घर जा रहे हैं। सोनू, बिलासपुर
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- मैं अपनी पत्नी के साथ काम पर रोजाना आता हूं। मोबाइल मेरे पास होता तो पता चल जाता कि रुद्रपुर में कर्फ्यू लगा है। यहां पहुंचा तो पता चला आज सबकुछ बंद है। शाहिद, स्वार।
- आज पहले दिन काम के लिए आई तो साथ में खाना तक नहीं लेकर आई। सोचा था कि काम मिला तो सही नहीं मिला तो दोपहर तक घर आ जाऊंगी। रुद्रपुर में खाने के लिए परेशान होना पड़ा। साहना, बिलासपुर।
- नसीब में न काम है और न खाना। आज ही घर से खाना लेकर नहीं आई तो रुद्रपुर में कहीं खाना नहीं मिला। सोमवार से खाना घर से लेकर निकलूंगी। अनीता, बिलासपुर।
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रविवार को गांधी पार्क में तमाम मजदूर इधर उधर घूमते दिखाई दिए। उनका कहना था कि वह रोजाना रुद्रपुर में रोजगार की तलाश में आते हैं। गांधी पार्क से उन्हें अक्सर दिहाड़ी मजदूरी का काम मिल भी जाता है। मजदूरी करने के बाद दोपहर में एक घंटे का खाने की छुट्टी मिलती है तो गांधी पार्क या आसपास के ठेली, ढाबों में ही खाना खाकर भूख मिटा लेते हैं। इसके अलावा डीडी चौक के पास पांच रुपये में मिलने वाले खाने के थाल ले लिया करते थे। रविवार को वह रुद्रपुर पहुंचे तो पता चला कि आज कर्फ्यू है।
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- पता नहीं था कि रुद्रपुर पहुंचने पर आज काम नहीं मिलेगा। रविवार को न तो काम ही मिला और न खाना। दिनभर भूखे प्यासे रहने के बाद अब घर जा रहे हैं। सोनू, बिलासपुर
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- मैं अपनी पत्नी के साथ काम पर रोजाना आता हूं। मोबाइल मेरे पास होता तो पता चल जाता कि रुद्रपुर में कर्फ्यू लगा है। यहां पहुंचा तो पता चला आज सबकुछ बंद है। शाहिद, स्वार।
- आज पहले दिन काम के लिए आई तो साथ में खाना तक नहीं लेकर आई। सोचा था कि काम मिला तो सही नहीं मिला तो दोपहर तक घर आ जाऊंगी। रुद्रपुर में खाने के लिए परेशान होना पड़ा। साहना, बिलासपुर।
- नसीब में न काम है और न खाना। आज ही घर से खाना लेकर नहीं आई तो रुद्रपुर में कहीं खाना नहीं मिला। सोमवार से खाना घर से लेकर निकलूंगी। अनीता, बिलासपुर।

साहना, बिलासपुर।- फोटो : RUDRAPUR

शाहिद, स्वार रामपुर- फोटो : RUDRAPUR

सोनू, बिलासपुर- फोटो : RUDRAPUR