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कुंदन मिष्ठान के तीन प्रतिष्ठानों में एक साथ छापे
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 10:37 PM IST
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कुंदन मिष्ठान भंडार में दस्तावेज खंगालती टीम
- फोटो : अमर उजाला
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आयकर विभाग की संयुक्त टीमों ने प्रतिष्ठित मिठाई कारोबारी के तीन शहरों में प्रतिष्ठान और वर्कशॉप में छापेमारी की। टीम ने घंटों प्रतिष्ठान और वर्कशॉप में दस्तावेज जांचने के साथ ही बिक्री और खरीद की जानकारी ली। कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त भी कर लिया। छापे में बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी पकड़े जाने का अंदेशा जताया जा रहा है। छापेमारी के दौरान किसी को भी अंदर से बाहर नहीं आने दिया गया।
बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र सोनकर की अगुवाई में एक टीम ने एमपी चौक में स्थित कुंदन मिष्ठान भंडार और दूसरी टीम ने तुफैल का बाग में स्थित प्रतिष्ठान की वर्कशॉप में एक साथ छापेमारी की। गेट पर पुलिसकर्मियों को तैनात करने के साथ ही अधिकारियों ने दस्तावेजों को कब्जे में लेने के साथ ही पड़ताल शुरू कर दी। अचानक हुई छापेमारी से प्रतिष्ठान के कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
दूसरी टीमों ने कारोबारी के सुभाष चौक रामनगर और पीलीकोठी चौराहा मुरादाबाद में भी प्रतिष्ठान, वर्कशॉप में छापा मारा। टीम अधिकारियों ने दुकान में मौजूद लोगों से रोजाना की बिक्री, खरीद, कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य हिसाब किताब लेने के साथ ही दस्तावेजों की भी गहनता से पड़ताल की। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराई गई। एक प्रतिष्ठान के बाहर मिठाई के डिब्बों की गाड़ी भी खड़ी मिली। टीम ने डिब्बों के संबंधित दस्तावेज भी तलब किए। ज्वाइंट कमिश्नर कण्व बाली ने भी प्रतिष्ठान पहुंचकर कार्यवाही की जानकारी ली। देर रात तक कार्यवाही चलती रही। टीम में आयकर अधिकारी राजकुमारी, सहायक आयकर अधिकारी दिनेश जोशी, विजय आदि मौजूद रहे।
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आयकर विभाग के अधिकारियों ने आंतरिक जांच की तो पाया कि कारोबारी सात साल से भी अधिक समय से अर्जित आय को कम दर्शाकर बहुत ही कम टैक्स दे रहा था। 3 साल में कारोबारी ने केवल डेढ़ लाख रुपये ही टैक्स जमा किया। दो प्रतिष्ठानों की सालाना आय भी केवल दो करोड़ रुपये दर्शाई। आंतरिक जांच में आय के अनुसार बेहद कम टैक्स जमा होने की जानकारी सामने आने के बाद टीमें प्रतिष्ठान और वर्कशॉप पर नजर रखे हुए थी। टीमों के अधिकारी रोजाना होने वाली आय और खर्च का आंकलन कर रहे थे। जब टीमों ने सारा होम वर्क पूरा कर लिया तो एक साथ तीनों जगहों पर प्रतिष्ठानों में छापेमारी की।
कुंदन मिष्ठान भंडार में छापे की सूचना के बाद कारोबारी के परिचित और व्यापारी प्रतिष्ठान के बाहर पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस रोक दिया। डिप्टी कमिश्नर बाहर आए और उन्होंने किसी को भी अंदर जाने की इजाजत देने में असमर्थता जता दी। जिसको लेकर व्यापारियों ने कड़ी नाराजगी भी जताई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद एक व्यापारी को अंदर जाने की इजाजत मिलने के बाद बाकी व्यापारी वहां से चले गए।
आयकर विभाग की आय घोषित स्कीम 30 सितंबर को खत्म होने जा रही है। आयकर विभाग इंतजार कर रहा था कि कारोबारी निर्धारित टैक्स चुकाकर ब्लैक मनी को व्हाइट कर दें। लेकिन कारोबारियों के इस तरफ रुझान नहीं लिया। विभाग के रडार में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं, जिनकी सूची भी तैयार हो चुकी है। अब 30 सितंबर के बाद इनके प्रतिष्ठानों में छापेमारी होनी है। वहीं ज्वाइंट कमिश्रर कण्व बाली ने बताया कि योजना ऐसे कारोबारियों के लिए ज्यादा अहम है, जिनके पास नकद जमा पूंजी रहती है। लेकिन वे कम टैक्स अदा करते हैं। लेकिन योजना की तरफ रुझान नहीं लेने पर कार्यवाही शुरू की गई है।
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आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्रर कण्व बाली ने बताया कि कुंदन मिष्ठान के रामनगर, काशीपुर और मुरादाबाद में प्रतिष्ठान और वर्कशॉप में एक साथ संयुक्त टीमों ने सर्वे किया है। जिसमें माल खरीद, बिक्री के दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। तीनों जगहों पर बहुत ज्यादा मैनपावर है। उनका खर्चा किताबों के बाहर होता है, उसकी भी जानकारी ली जा रही है। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गई है। आंतरिक जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान के सदस्य कई सालों से अर्जित आय कम दिखाकर बहुत कम या कहें तो ना के बराबर टैक्स कई सालों से दे रहे थे। अभी जांच टीमें दस्तावेज खंगालने में जुटी हैं। पूरी जांच के बाद भी आगे कुछ कहा जा सकेगा।
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बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र सोनकर की अगुवाई में एक टीम ने एमपी चौक में स्थित कुंदन मिष्ठान भंडार और दूसरी टीम ने तुफैल का बाग में स्थित प्रतिष्ठान की वर्कशॉप में एक साथ छापेमारी की। गेट पर पुलिसकर्मियों को तैनात करने के साथ ही अधिकारियों ने दस्तावेजों को कब्जे में लेने के साथ ही पड़ताल शुरू कर दी। अचानक हुई छापेमारी से प्रतिष्ठान के कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
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दूसरी टीमों ने कारोबारी के सुभाष चौक रामनगर और पीलीकोठी चौराहा मुरादाबाद में भी प्रतिष्ठान, वर्कशॉप में छापा मारा। टीम अधिकारियों ने दुकान में मौजूद लोगों से रोजाना की बिक्री, खरीद, कर्मचारियों की संख्या सहित अन्य हिसाब किताब लेने के साथ ही दस्तावेजों की भी गहनता से पड़ताल की। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराई गई। एक प्रतिष्ठान के बाहर मिठाई के डिब्बों की गाड़ी भी खड़ी मिली। टीम ने डिब्बों के संबंधित दस्तावेज भी तलब किए। ज्वाइंट कमिश्नर कण्व बाली ने भी प्रतिष्ठान पहुंचकर कार्यवाही की जानकारी ली। देर रात तक कार्यवाही चलती रही। टीम में आयकर अधिकारी राजकुमारी, सहायक आयकर अधिकारी दिनेश जोशी, विजय आदि मौजूद रहे।
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आयकर विभाग के अधिकारियों ने आंतरिक जांच की तो पाया कि कारोबारी सात साल से भी अधिक समय से अर्जित आय को कम दर्शाकर बहुत ही कम टैक्स दे रहा था। 3 साल में कारोबारी ने केवल डेढ़ लाख रुपये ही टैक्स जमा किया। दो प्रतिष्ठानों की सालाना आय भी केवल दो करोड़ रुपये दर्शाई। आंतरिक जांच में आय के अनुसार बेहद कम टैक्स जमा होने की जानकारी सामने आने के बाद टीमें प्रतिष्ठान और वर्कशॉप पर नजर रखे हुए थी। टीमों के अधिकारी रोजाना होने वाली आय और खर्च का आंकलन कर रहे थे। जब टीमों ने सारा होम वर्क पूरा कर लिया तो एक साथ तीनों जगहों पर प्रतिष्ठानों में छापेमारी की।
कुंदन मिष्ठान भंडार में छापे की सूचना के बाद कारोबारी के परिचित और व्यापारी प्रतिष्ठान के बाहर पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस रोक दिया। डिप्टी कमिश्नर बाहर आए और उन्होंने किसी को भी अंदर जाने की इजाजत देने में असमर्थता जता दी। जिसको लेकर व्यापारियों ने कड़ी नाराजगी भी जताई। काफी देर तक चली बातचीत के बाद एक व्यापारी को अंदर जाने की इजाजत मिलने के बाद बाकी व्यापारी वहां से चले गए।
आयकर विभाग की आय घोषित स्कीम 30 सितंबर को खत्म होने जा रही है। आयकर विभाग इंतजार कर रहा था कि कारोबारी निर्धारित टैक्स चुकाकर ब्लैक मनी को व्हाइट कर दें। लेकिन कारोबारियों के इस तरफ रुझान नहीं लिया। विभाग के रडार में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं, जिनकी सूची भी तैयार हो चुकी है। अब 30 सितंबर के बाद इनके प्रतिष्ठानों में छापेमारी होनी है। वहीं ज्वाइंट कमिश्रर कण्व बाली ने बताया कि योजना ऐसे कारोबारियों के लिए ज्यादा अहम है, जिनके पास नकद जमा पूंजी रहती है। लेकिन वे कम टैक्स अदा करते हैं। लेकिन योजना की तरफ रुझान नहीं लेने पर कार्यवाही शुरू की गई है।
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आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्रर कण्व बाली ने बताया कि कुंदन मिष्ठान के रामनगर, काशीपुर और मुरादाबाद में प्रतिष्ठान और वर्कशॉप में एक साथ संयुक्त टीमों ने सर्वे किया है। जिसमें माल खरीद, बिक्री के दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। तीनों जगहों पर बहुत ज्यादा मैनपावर है। उनका खर्चा किताबों के बाहर होता है, उसकी भी जानकारी ली जा रही है। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गई है। आंतरिक जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान के सदस्य कई सालों से अर्जित आय कम दिखाकर बहुत कम या कहें तो ना के बराबर टैक्स कई सालों से दे रहे थे। अभी जांच टीमें दस्तावेज खंगालने में जुटी हैं। पूरी जांच के बाद भी आगे कुछ कहा जा सकेगा।