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Udham Singh Nagar News: बिल बेसिस से जानिए अपने मीटर का हाल
Thu, 27 Jul 2023 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 27 Jul 2023 11:57 PM IST
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बिल आरडीएफ।
काशीपुर। बिजली के बिल से ही आप अपने मीटर का हाल जान सकते हैं। बिल के ज्यादा आने पर घबराइये नहीं, बस बिल में बिल बेसिस को देखिए और मीटर का हाल जान जाइए। इसके बावजूद भी कुछ ठीक न हो तो चेक मीटर लगवा दीजिए।
बिजली उपभोक्ताओं के पास अक्सर बिजली का बिल बढ़ कर आता है। जिस कारण लोग परेशान होने लगते हैं। घर में लगे मीटर के बारे में आप अपने बिल की मदद से ही जान सकते हैं। मीटर रीडिंग में काम आने वाले कुछ शब्द बिल में बिल बेसिस के नाम से अंकित होता है। जिसका मतलब है बिल किस आधार पर बना है। पहला है एमयू यानी मीटर यूनिट। जिसका मतलब बिल सही रीडिंग के साथ बना हुआ है।
दूसरा होता है आरडीएफ यानी रीडिंग डिफेक्टिव। इस केस में पुरानी रीडिंग का मिलान वर्तमान में मेल न खाए तो यह दर्शाया जाता है। यह समस्या अक्सर नए मीटर लगाए जाने की स्थिति में होती है, या तो मीटर तेज चल रहा हो। यदि बिल में आईडीएफ हो तो उसका मतलब होता है मीटर डिफेक्टिव। मीटर में खराबी होने के कारण यह दर्शाया जाता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मीटर की डिस्पले खराब हो या अन्य खराबी होने के कारण यह दर्शाया जाता है। बिल बेसिस में एनए और एनआर दर्शाने का मतलब होता है किसी कारण से मीटर की रीडिंग नहीं ले सके हो। इन तीनों की स्थितियों में पिछले तीन बिलों के एवरेज पर बिल बना दिया जाता है।
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कोट.......
बिजली उपभोक्ताओं को चाहिए कि यदि उनके बिल बेसिस में एमयू के अलावा कुछ और दर्शाया जाता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को उपखंड कार्यालय में अपना बिजल बिल दिखवा लेना चाहिए।
सुनील कुमार, एसडीओ, ऊर्जा विभाग
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बिजली उपभोक्ताओं के पास अक्सर बिजली का बिल बढ़ कर आता है। जिस कारण लोग परेशान होने लगते हैं। घर में लगे मीटर के बारे में आप अपने बिल की मदद से ही जान सकते हैं। मीटर रीडिंग में काम आने वाले कुछ शब्द बिल में बिल बेसिस के नाम से अंकित होता है। जिसका मतलब है बिल किस आधार पर बना है। पहला है एमयू यानी मीटर यूनिट। जिसका मतलब बिल सही रीडिंग के साथ बना हुआ है।
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दूसरा होता है आरडीएफ यानी रीडिंग डिफेक्टिव। इस केस में पुरानी रीडिंग का मिलान वर्तमान में मेल न खाए तो यह दर्शाया जाता है। यह समस्या अक्सर नए मीटर लगाए जाने की स्थिति में होती है, या तो मीटर तेज चल रहा हो। यदि बिल में आईडीएफ हो तो उसका मतलब होता है मीटर डिफेक्टिव। मीटर में खराबी होने के कारण यह दर्शाया जाता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मीटर की डिस्पले खराब हो या अन्य खराबी होने के कारण यह दर्शाया जाता है। बिल बेसिस में एनए और एनआर दर्शाने का मतलब होता है किसी कारण से मीटर की रीडिंग नहीं ले सके हो। इन तीनों की स्थितियों में पिछले तीन बिलों के एवरेज पर बिल बना दिया जाता है।
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कोट.......
बिजली उपभोक्ताओं को चाहिए कि यदि उनके बिल बेसिस में एमयू के अलावा कुछ और दर्शाया जाता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को उपखंड कार्यालय में अपना बिजल बिल दिखवा लेना चाहिए।
सुनील कुमार, एसडीओ, ऊर्जा विभाग