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Udham Singh Nagar News: सड़कों पर फर्राटा भर रहीं रोडवेज की खटारा बसें, 10 लाख किमी चलने के बाद भी बसें नहीं बदली गईं, पढ़ें पूरी खबर...
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रुद्रपुर। अपनी मियाद पूरी कर चुकीं रोडवेज की बसें धड़ल्ले से सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं। इसकी सुधि लेने वाला न तो परिवहन विभाग है और न ही प्रशासन। बड़े रूटों से प्रतिबंधित की जा चुकी छह बसाें का लोकल रूटों पर संचालन किया जा रहा है। परिवहन निगम के पास बसों की कमी के चलते अनुबंधित बसों का ही सहारा लेना पड़ रहा है।
रुद्रपुर परिवहन निगम के पास कुल 84 बसों का बेड़ा है। इसमें 42-42 बसें रोडवेज व अनुबंधित हैं। इन बसों का संचालन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, देहरादून, अयोध्या, लखनऊ, बरेली, टनकपुर, नैनीताल आदि रूटों पर किया जाता है। इसमें परिवहन निगम की छह बसें ऐसी है जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। यानि यह बसें 10 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। मानक के अनुसार यह बसें प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं परंतु निगम के पास अपनी बसों की कमी होने के चलते इन खटारा बसों को भी लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है।
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खटारा बसों से हादसे की आशंका
रुद्रपुर। परिवहन निगम की खटारा बसें सड़कों पर बेलगाम दौड़ रही हैं। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है। चालक-परिचालक को भी हमेशा डर सताता रहता है कि बस कहीं सड़क पर ही न खड़ी हो जाए। इस बात की जानकारी परिवहन विभाग को होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है। बसें इतनी कंडम हो गई कि अब उनकी बॉडी भी टूटकर गिरने लगी है। यहां तक कि खिड़कियां टूटी हुईं हैं।
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निगम को इसकी सूचना दे दी गई है। इन बसों को लंबे रूट से हटाकर लोकल रूटों पर लगाया गया है। आगे निगम का जैसा आदेश होगा वैसा किया जाएगा। -केएस राणा, उप महाप्रबंधक।
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रुद्रपुर परिवहन निगम के पास कुल 84 बसों का बेड़ा है। इसमें 42-42 बसें रोडवेज व अनुबंधित हैं। इन बसों का संचालन दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, देहरादून, अयोध्या, लखनऊ, बरेली, टनकपुर, नैनीताल आदि रूटों पर किया जाता है। इसमें परिवहन निगम की छह बसें ऐसी है जिनकी मियाद पूरी हो चुकी है। यानि यह बसें 10 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। मानक के अनुसार यह बसें प्रतिबंधित श्रेणी में आती हैं परंतु निगम के पास अपनी बसों की कमी होने के चलते इन खटारा बसों को भी लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है।
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खटारा बसों से हादसे की आशंका
रुद्रपुर। परिवहन निगम की खटारा बसें सड़कों पर बेलगाम दौड़ रही हैं। इससे हादसे की आशंका भी बनी रहती है। चालक-परिचालक को भी हमेशा डर सताता रहता है कि बस कहीं सड़क पर ही न खड़ी हो जाए। इस बात की जानकारी परिवहन विभाग को होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है। बसें इतनी कंडम हो गई कि अब उनकी बॉडी भी टूटकर गिरने लगी है। यहां तक कि खिड़कियां टूटी हुईं हैं।
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निगम को इसकी सूचना दे दी गई है। इन बसों को लंबे रूट से हटाकर लोकल रूटों पर लगाया गया है। आगे निगम का जैसा आदेश होगा वैसा किया जाएगा। -केएस राणा, उप महाप्रबंधक।