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ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में लगी लंबी लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो, जसपुर
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:43 PM IST
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बड़े नोटों का चलन बंद होने के बाद नगर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग परेशान हैं। वह पूरे-पूरे दिन लाइनों में लगकर अपनी प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में कई महिलाएं दोपहर का खाना तक नहीं बना पा रही हैं। अलबत्ता इन क्षेत्रों के बैंक प्रबंधक ग्रामीणों को सहूलियत देने के लिए स्वयं ही खातेदारों से हालचाल मालूम कर उनकी दिक्कतों को दूर करने में लगे हैं।
ग्राम पतरामपुर में स्टेट बैंक तो नादेही में बॉब की शाखा है। पतरामपुर शाखा में बीस गांव तो बॉब में उत्तराखंड समेत यूपी के गांवों के लोगों के खाते हैं। शुक्रवार को पतरामपुर शाखा ने ग्रामीणों को दो हजार रुपये के हिसाब से नोट बदले। शादी का कार्ड लेकर आए लोगों को 24 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान किया। वहीं लाइन में लगे ग्रामीणों से नोटों के बारे में बातचीत की तो ग्राम बगीची निवासी जगतार सिंह ने बताया कि उनके घर में शादी है।
लेकिन उन्हें रकम नहीं मिल पा रही है। शादी का कार्ड लेकर पहुंची हरमीत कौर ने बताया कि हाल ही में उसकी शादी है। बैंक से 24 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। निजामगढ़ निवासी मेहंदी हसन ने बताया कि वह सुबह छह बजे से लाइन में लगा है। बैंक दो हजार का नोट दे रहा है। उसे कोई ले नहीं रहा है। भोगपुर के महेंद्र सिंह ने बताया कि वह रकम निकालने के लिए लाइन में लगे हैं। ग्राम बढ़ियोंवाला निवासी बुजुर्ग महिला रशीदन पैरों में जान नहीं होने पर लाइन में ही बैठ गईं।
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मीडिया की नजर पड़ने पर प्रबंधक अरुण कुमार उसका हाथ पकड़कर बैंक में ले गए। पतरामपुर की मनोज रानी ने बताया कि नोट बदलने के चक्कर में घर में दोपहर का खाना भी नहीं बन पा रहा है। बैंक अधिकारी कर्मचारी लाइनों के पास आकर लोगों की उनकी समस्याएं पूछकर हल कर रहे हैं। उधर नादेही शाखा से जुड़े इंद्रवीर सिंह, नीरज अग्रवाल आदि ने बताया कि शाखा में लाइनें तो लग रही हैं, लेकिन कैश होने पर कोई निराश नहीं लौट रहा है।
बैंक में एक लिपिक होने के बाद भी लोगों की परेशानी को दूर किया जा रहा है। वह स्वंय वृद्व, विकलांग आदि का ध्यान रखकर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें नोट दिला रहे है। साथ ही देर शाम तक लाइनों में लगे लोगों को रकम न मिलने पर अगले दिन के टोकन जारी करते है। अगले दिन टोकन मिलने पर सबसे पहले टोकन वाले लोगों को रकम दी जाती है।
-अरुण कुमार शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक, पतरामपुर
यूपी के कई गांवों के लोगों के खाते शाखा में हैं। इससे लाइनें लग रही है। शुक्रवार को केस खत्म होने की स्थिति को देखते हुए लाइनों में लगे सभी लोगों को सुविधानुसार केस दिया गया। रोजाना 150 लोगों के नोट बदलकर खातेदारों को भी रकम दी जा रही है।
-इरशाद हुसैन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक बॉब, नादेही।
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ग्राम पतरामपुर में स्टेट बैंक तो नादेही में बॉब की शाखा है। पतरामपुर शाखा में बीस गांव तो बॉब में उत्तराखंड समेत यूपी के गांवों के लोगों के खाते हैं। शुक्रवार को पतरामपुर शाखा ने ग्रामीणों को दो हजार रुपये के हिसाब से नोट बदले। शादी का कार्ड लेकर आए लोगों को 24 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान किया। वहीं लाइन में लगे ग्रामीणों से नोटों के बारे में बातचीत की तो ग्राम बगीची निवासी जगतार सिंह ने बताया कि उनके घर में शादी है।
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लेकिन उन्हें रकम नहीं मिल पा रही है। शादी का कार्ड लेकर पहुंची हरमीत कौर ने बताया कि हाल ही में उसकी शादी है। बैंक से 24 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। निजामगढ़ निवासी मेहंदी हसन ने बताया कि वह सुबह छह बजे से लाइन में लगा है। बैंक दो हजार का नोट दे रहा है। उसे कोई ले नहीं रहा है। भोगपुर के महेंद्र सिंह ने बताया कि वह रकम निकालने के लिए लाइन में लगे हैं। ग्राम बढ़ियोंवाला निवासी बुजुर्ग महिला रशीदन पैरों में जान नहीं होने पर लाइन में ही बैठ गईं।
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मीडिया की नजर पड़ने पर प्रबंधक अरुण कुमार उसका हाथ पकड़कर बैंक में ले गए। पतरामपुर की मनोज रानी ने बताया कि नोट बदलने के चक्कर में घर में दोपहर का खाना भी नहीं बन पा रहा है। बैंक अधिकारी कर्मचारी लाइनों के पास आकर लोगों की उनकी समस्याएं पूछकर हल कर रहे हैं। उधर नादेही शाखा से जुड़े इंद्रवीर सिंह, नीरज अग्रवाल आदि ने बताया कि शाखा में लाइनें तो लग रही हैं, लेकिन कैश होने पर कोई निराश नहीं लौट रहा है।
बैंक में एक लिपिक होने के बाद भी लोगों की परेशानी को दूर किया जा रहा है। वह स्वंय वृद्व, विकलांग आदि का ध्यान रखकर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें नोट दिला रहे है। साथ ही देर शाम तक लाइनों में लगे लोगों को रकम न मिलने पर अगले दिन के टोकन जारी करते है। अगले दिन टोकन मिलने पर सबसे पहले टोकन वाले लोगों को रकम दी जाती है।
-अरुण कुमार शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक, पतरामपुर
यूपी के कई गांवों के लोगों के खाते शाखा में हैं। इससे लाइनें लग रही है। शुक्रवार को केस खत्म होने की स्थिति को देखते हुए लाइनों में लगे सभी लोगों को सुविधानुसार केस दिया गया। रोजाना 150 लोगों के नोट बदलकर खातेदारों को भी रकम दी जा रही है।
-इरशाद हुसैन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक बॉब, नादेही।