काशीपुर से भी जुड़े व्यापम घोटाले के तार
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले के तार काशीपुर से भी जुड़े हैं। बुधवार को दिल्ली के केंद्रीय सूचना आयुक्त ने काशीपुर के वकील से आमने-सामने बात की और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यह सुनवाई रुद्रपुर स्थित कलक्ट्रेट परिसर के एनआईसी भवन में हुई।
काशीपुर निवासी दो छात्र मध्य प्रदेश के दो मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इन दोनों छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, बल्कि उन्होंने जुगाड़ से एडमिशन लिया है। इसकी जानकारी होने पर काशीपुर बार काउंसिल के मेड्डबर एडवोकेट अमरीश अग्रवाल ने भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) से सितंबर 2014 में दोनों छात्रों के एडमिशन के बारे में सूचना अधिकारी अधिनियम के तहत जानकारी मांगी। इस पर एमसीआई ने जवाब दिया कि मामला फीस स्ट्रक्चर कमेटी मध्य प्रदेश से जुड़ा होने के नाते उक्त सूचना नहीं उपलब्ध करवाई जा सकती है। इसके बाद एडवोकेट अग्रवाल ने केंद्रीय सूचना आयुक्त, दिल्ली के यहां वाद दायर किया। जहां से 23 सितंबर 2015 को सुनवाई तय हुई और आदेशानुसार अमरीश को ऊधमसिंह नगर जिले के कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम में बुलाया गया। जबकि केंद्रीय सूचना आयुक्त ने एमसीआई के अधिकारियों को दिल्ली स्थित क्रांति भवन, भीखाजी कामा पैलेस बुलाया और वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये बुधवार को एमसीआई के अधिकारियों व अग्रवाल की दलीलों को सुना। दोनों पक्षों को सुनने के बाद केंद्रीय सूचना आयुक्त ने अंत में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आदेशित किया, क्योंकि मेडिकल कॉलेज और उनमे पढ़ने वाले सभी छात्र एमसीआई के अधीन आते हैं। इधर एडवोकेट अग्रवाल ने बताया कि व्यापम घोटाले से कहीं न कहीं काशीपुर के तार जरूर जुड़े हुए हैं।