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हाईकोर्ट की सख्ती पर खटीमा में देर रात अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी
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अतिक्रमण की जद में आए परिवार अतिक्रमण ढहाने के बाद सड़क पर आ गए हैं।
- फोटो : KHATIMA
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खटीमा। हाईकोर्ट के सख्त रुख अख्तियार करने पर बृहस्पतिवार देर रात स्थानीय प्रशासन जागा और टनकपुर रोड पर भारी पुलिस फोर्स के साथ चिह्नित अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करना शुरू कर दिया। स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। व्यापारी और उनके परिजन मोहलत की गुहार लगाते रहे लेकिन प्रशासन ने व्यापारियों की एक नहीं सुनी और अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी रखी।
बृहस्पतिवार देर शाम एसडीएम निर्मला बिष्ट की देखरेख में राजस्व, नगरपालिका एवं लोक निर्माण विभाग के साथ पुलिस फोर्स ने टनकपुर रोड पर चिह्नित अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। व्यापारी अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की इस मुहिम के विरोध में उतर आए लेकिन एसडीएम बिष्ट ने अतिक्रमणकारियों की एक नहीं सुनी और जेसीबी से चिह्नित अतिक्रमण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई जारी रखी।
वर्ष 2012 में जनहित याचिका दायर की गई थी
खटीमा। नगर में अतिक्रमण हटाने को लेकर अधिवक्ता कविंद्र सिंह कफलिया ने हाईकोर्ट में वर्ष 2012 में जनहित याचिका लगाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने नगर के विभिन्न मार्गों सहित खकरा नाले में अतिक्रमण चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू करते हुए 460 अतिक्रमण किए गए। इससे पूर्व प्रशासन ने नगर के मुख्य चौक से टनकपुर रोड पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण ध्वस्त किया था। संवाद
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एसडीएम ने हाथ जोड़कर किया अनुरोध
एसडीएम निर्मला बिष्ट ने हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वह चिह्नित जगह से हट जाएं। इसके थोड़ी देर बाद लोगों ने भी समझदारी दिखाई और एसडीएम का मान रखते हुए पीछे हट गए। संवाद
व्यापारी ने ईंट उठाकर अपने सिर पर मारने का किया प्रयास
खटीमा। चिन्हीकरण की जद में आए व्यापारी अचानक पक्के दुकान ढहाने की प्रशासन की कार्रवाई से सन्न रहा और ईंट उठाकर अपने सिर पर मारने का प्रयास किया। किसी तरह उसे समझाकर रोका गया। संवाद
पूर्व में तत्परता दिखाई होती तो रात में अतिक्रमण हटाने की नौबत नहीं आती
खटीमा। हाईकोर्ट के 18 जून 2018 के आदेश पर तत्कालीन अधिकारी तत्परता दिखाते तो शायद आज रात में अतिक्रमण हटाने की नौबत नहीं आती। तब नगर के चिह्नित अतिक्रमणों को बेहद हल्केपन में लिया गया। संवाद
चिह्नित अतिक्रमण को लेकर छह बार से अधिक बार हुई नोकझोंक
खटीमा। वर्ष 2012 में वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र कफलिय की ओर से लगाई गई जनहित याचिका को शासन-प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। तब कोतवाली परिसर से उमा दत्त शर्मा मार्ग, डाकघर, सब्जी मंडी, मछली मंडी से ऐंठा नाले की पुलिया से टनकपुर रोड के अतिक्रमण सम्मिलित थे।
यह मार्ग तब खटीमा ग्राम का प्रमुख मार्ग था लेकिन तत्कालीन प्रशासन की ओर से जनहित याचिका पर दिए गए हाईकोर्ट के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन समय-समय पर की गई कार्रवाई में छह से अधिक बार नापजोख की गई। संवाद
अभियान चला... हमें तो मौका ही नहीं मिला
खटीमा। ऐंठा नाले के किनारे 40 वर्षों से पक्का मकान बनाकर उसमें पेठे का काम करने वाले पप्पू सक्सेना सपरिवार फुटपाथ पर आ गया। पप्पू सक्सेना की पत्नी सुनीता सक्सेना ने बताया कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया गया।
वह अपनी तीन बेटियों मनीषा, शालू और नंदिनी और बेटे कृष्णा के साथ देर शाम चाय पी रहे थे कि जेसीबी गरजी और सब कुछ ध्वस्त कर दिया गया। परिवार के अनुरोध पर भी सामान बचाने का मौका नहीं दिया गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्हें करीब साढ़े तीन लाख का नुकसान हो गया है। इसके अतिरिक्त तीन अन्य परिवार राकेश, तारकेश और अखिलेश के कच्चे आवास गिराए गए हैं। संवाद
150 अतिक्रमण ढहाए
खटीमा। आजाद मार्केट जो कि वेंडर जोन में है, के अतिरिक्त सब्जी मछली मंडी के दोनों ओर चिह्नित अतिक्रमण ढहा दिए गए हैं। जामा मस्जिद के सामने की दुकानें, राजकीय आश्रम पद्धति की चहारदीवारी, एक भवन अरोड़ा मार्केट के आगे का हिस्सा पोकलैंड एवं जेसीबी से गिराए गए हैं। इस अभियान में लगभग 150 अतिक्रमण गिराए गए है। संवाद
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बृहस्पतिवार देर शाम एसडीएम निर्मला बिष्ट की देखरेख में राजस्व, नगरपालिका एवं लोक निर्माण विभाग के साथ पुलिस फोर्स ने टनकपुर रोड पर चिह्नित अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। व्यापारी अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की इस मुहिम के विरोध में उतर आए लेकिन एसडीएम बिष्ट ने अतिक्रमणकारियों की एक नहीं सुनी और जेसीबी से चिह्नित अतिक्रमण को ध्वस्त कराने की कार्रवाई जारी रखी।
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वर्ष 2012 में जनहित याचिका दायर की गई थी
खटीमा। नगर में अतिक्रमण हटाने को लेकर अधिवक्ता कविंद्र सिंह कफलिया ने हाईकोर्ट में वर्ष 2012 में जनहित याचिका लगाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्थानीय प्रशासन ने नगर के विभिन्न मार्गों सहित खकरा नाले में अतिक्रमण चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू करते हुए 460 अतिक्रमण किए गए। इससे पूर्व प्रशासन ने नगर के मुख्य चौक से टनकपुर रोड पर सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण ध्वस्त किया था। संवाद
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एसडीएम ने हाथ जोड़कर किया अनुरोध
एसडीएम निर्मला बिष्ट ने हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वह चिह्नित जगह से हट जाएं। इसके थोड़ी देर बाद लोगों ने भी समझदारी दिखाई और एसडीएम का मान रखते हुए पीछे हट गए। संवाद
व्यापारी ने ईंट उठाकर अपने सिर पर मारने का किया प्रयास
खटीमा। चिन्हीकरण की जद में आए व्यापारी अचानक पक्के दुकान ढहाने की प्रशासन की कार्रवाई से सन्न रहा और ईंट उठाकर अपने सिर पर मारने का प्रयास किया। किसी तरह उसे समझाकर रोका गया। संवाद
पूर्व में तत्परता दिखाई होती तो रात में अतिक्रमण हटाने की नौबत नहीं आती
खटीमा। हाईकोर्ट के 18 जून 2018 के आदेश पर तत्कालीन अधिकारी तत्परता दिखाते तो शायद आज रात में अतिक्रमण हटाने की नौबत नहीं आती। तब नगर के चिह्नित अतिक्रमणों को बेहद हल्केपन में लिया गया। संवाद
चिह्नित अतिक्रमण को लेकर छह बार से अधिक बार हुई नोकझोंक
खटीमा। वर्ष 2012 में वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र कफलिय की ओर से लगाई गई जनहित याचिका को शासन-प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। तब कोतवाली परिसर से उमा दत्त शर्मा मार्ग, डाकघर, सब्जी मंडी, मछली मंडी से ऐंठा नाले की पुलिया से टनकपुर रोड के अतिक्रमण सम्मिलित थे।
यह मार्ग तब खटीमा ग्राम का प्रमुख मार्ग था लेकिन तत्कालीन प्रशासन की ओर से जनहित याचिका पर दिए गए हाईकोर्ट के आदेश को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन समय-समय पर की गई कार्रवाई में छह से अधिक बार नापजोख की गई। संवाद
अभियान चला... हमें तो मौका ही नहीं मिला
खटीमा। ऐंठा नाले के किनारे 40 वर्षों से पक्का मकान बनाकर उसमें पेठे का काम करने वाले पप्पू सक्सेना सपरिवार फुटपाथ पर आ गया। पप्पू सक्सेना की पत्नी सुनीता सक्सेना ने बताया कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया गया।
वह अपनी तीन बेटियों मनीषा, शालू और नंदिनी और बेटे कृष्णा के साथ देर शाम चाय पी रहे थे कि जेसीबी गरजी और सब कुछ ध्वस्त कर दिया गया। परिवार के अनुरोध पर भी सामान बचाने का मौका नहीं दिया गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्हें करीब साढ़े तीन लाख का नुकसान हो गया है। इसके अतिरिक्त तीन अन्य परिवार राकेश, तारकेश और अखिलेश के कच्चे आवास गिराए गए हैं। संवाद
150 अतिक्रमण ढहाए
खटीमा। आजाद मार्केट जो कि वेंडर जोन में है, के अतिरिक्त सब्जी मछली मंडी के दोनों ओर चिह्नित अतिक्रमण ढहा दिए गए हैं। जामा मस्जिद के सामने की दुकानें, राजकीय आश्रम पद्धति की चहारदीवारी, एक भवन अरोड़ा मार्केट के आगे का हिस्सा पोकलैंड एवं जेसीबी से गिराए गए हैं। इस अभियान में लगभग 150 अतिक्रमण गिराए गए है। संवाद

अतिक्रमण की जद में अए तीन मंजिला भवन को ढहाती पोकलैंड। - फोटो : KHATIMA

देर रात को ही प्रशासन जेसीबी और पोकलैंड लेकर पहुंचा और ढहा दिया गया अतिक्रमण। - फोटो : KHATIMA

खटीमा में अतिक्रमण हटाने को लेकर एसडीएम निर्मला बिष्ट व सीओ मनोज कुमार ठाकुर से व्यापारियों की ह?- फोटो : KHATIMA