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आईएसबीटी के 11 साल पुराने सपने में अतिक्रमण बना रोड़ा
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रुद्रपुर रोडवेज परिसर में निर्माणाधीन आईएसबीटी।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। करीब 11 साल पहले देखा गया इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) का सपना पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। पीपीपी मोड में कार्य करने वाली कंपनी ने अधिकारियों के ऑफिस और कार्यशाला का आधे से अधिक कार्य पूरा करवा दिया है लेकिन इसके आगे के निर्माण की राह में रोडवेज के बाहर मौजूद अतिक्रमण अब रोड़ा बन रहा है। रोडवेज के अधिकारी भी इस मामले को लेकर अधिक गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
रुद्रपुर बस स्टैंड को वर्ष 2011 में आईएसबीटी में तब्दील करने की योजना बनाई गई थी। इसके पांच साल बाद वर्ष 2016 में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में निर्माण कार्य के तहत सीआरएस कंपनी को इसका ठेका दिया गया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि परिवहन निगम की तरफ से साइट एलॉट होने में पांच साल लग गए और पिछले वर्ष 30 जुलाई को कंपनी को साइट सौंपी गई।
इसके बाद कंपनी ने वहां पर पूरी व्यवस्था स्थापित कर इस वर्ष मई से निर्माण कार्य शुरू किया। करीब पांच माह के निर्माण में वहां पर अधिकारियों का कार्यालय, भूमिगत पार्किंग, कार्यशाला कार्यालय का आधे से अधिक काम पूरा हो गया है। अब रोडवेज बस स्टैंड के बाहर मौजूद अतिक्रमण निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है जबकि अतिक्रमण हटवाना परिवहन निगम की जिम्मेदारी है।
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न्यायालय की ओर से भी अतिक्रमण हटवाने का आदेश पारित हो चुका है। रुद्रपुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही है और मुख्यालय से आदेश आने के बाद ही अतिक्रमण खाली करवाया जाएगा।
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रुद्रपुर बस स्टैंड को वर्ष 2011 में आईएसबीटी में तब्दील करने की योजना बनाई गई थी। इसके पांच साल बाद वर्ष 2016 में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में निर्माण कार्य के तहत सीआरएस कंपनी को इसका ठेका दिया गया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि परिवहन निगम की तरफ से साइट एलॉट होने में पांच साल लग गए और पिछले वर्ष 30 जुलाई को कंपनी को साइट सौंपी गई।
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इसके बाद कंपनी ने वहां पर पूरी व्यवस्था स्थापित कर इस वर्ष मई से निर्माण कार्य शुरू किया। करीब पांच माह के निर्माण में वहां पर अधिकारियों का कार्यालय, भूमिगत पार्किंग, कार्यशाला कार्यालय का आधे से अधिक काम पूरा हो गया है। अब रोडवेज बस स्टैंड के बाहर मौजूद अतिक्रमण निर्माण कार्य में बाधा बन रहा है जबकि अतिक्रमण हटवाना परिवहन निगम की जिम्मेदारी है।
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न्यायालय की ओर से भी अतिक्रमण हटवाने का आदेश पारित हो चुका है। रुद्रपुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार का कहना है कि मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही है और मुख्यालय से आदेश आने के बाद ही अतिक्रमण खाली करवाया जाएगा।