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पटवारी से मारपीट मामले की हो जांच
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:11 AM IST
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रुद्रपुर में प्रभारी डीएम से मिलते अधिकारी कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
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खटीमा से रिश्वतकांड में गिरफ्तार पटवारी सुरेशचंद्र लोहनी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारी-अधिकारी एवं राजस्व उपनिरीक्षक कर्मी प्रभारी डीएम से मिले। उन्होंने प्रकरण की जांच करने की मांग की।
कहना था कि 19 जुलाई को खटीमा में कार्यरत राजस्व उपनिरीक्षक सुरेशचंद्र लोहनी को विजिलेंस हल्द्वानी की टीम ने जबरदस्ती पकड़ा था। आरोप है कि टीम राजस्व उपनिरीक्षक को मारते-घसीटते हुए लाई और सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। षड्यंत्र के तहत पटवारी को फंसाया गया।
कहा कि टीम को किसी के साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रभारी डीएम से उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी अन्य विभाग से कराने की मांग की। कहा कि यदि संगठन की मांग पर शासन-प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो अधिकारी-कर्मचारी संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।
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इस मौके पर जगमोहन तिवारी, दलजीत सिंह, परमेश्वरी, नरेश कुमार, सतीश चंद्र, चंद्रपाल सिंह, मोहन रावत, महेंद्र सिंह प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार, शेखर चंद्र, गोपाल बिष्ट, सतीश चंद्र आदि मौजूद थे। इस पर प्रभारी डीएम डा. आशीष श्रीवास्तव ने एसपी विजिलेंस से फोन पर बात की और राजस्व उपनिरीक्षक की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। ताकि मारपीट के आरोपों की सत्यता की जांच हो सके। उन्होंने एसपी से कहा कि मारपीट का अधिकार किसी को नहीं है। लिहाजा प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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कहना था कि 19 जुलाई को खटीमा में कार्यरत राजस्व उपनिरीक्षक सुरेशचंद्र लोहनी को विजिलेंस हल्द्वानी की टीम ने जबरदस्ती पकड़ा था। आरोप है कि टीम राजस्व उपनिरीक्षक को मारते-घसीटते हुए लाई और सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। षड्यंत्र के तहत पटवारी को फंसाया गया।
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कहा कि टीम को किसी के साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रभारी डीएम से उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी अन्य विभाग से कराने की मांग की। कहा कि यदि संगठन की मांग पर शासन-प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो अधिकारी-कर्मचारी संगठन आंदोलन को बाध्य होगा।
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इस मौके पर जगमोहन तिवारी, दलजीत सिंह, परमेश्वरी, नरेश कुमार, सतीश चंद्र, चंद्रपाल सिंह, मोहन रावत, महेंद्र सिंह प्रकाशचंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार, शेखर चंद्र, गोपाल बिष्ट, सतीश चंद्र आदि मौजूद थे। इस पर प्रभारी डीएम डा. आशीष श्रीवास्तव ने एसपी विजिलेंस से फोन पर बात की और राजस्व उपनिरीक्षक की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए। ताकि मारपीट के आरोपों की सत्यता की जांच हो सके। उन्होंने एसपी से कहा कि मारपीट का अधिकार किसी को नहीं है। लिहाजा प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।