Udham Singh Nagar: 70 साल से संचालित हो रहे मदरसे की मिली शिकायत, निरीक्षण के पहुंची राजस्व विभा की टीम
लेखपाल ने बताया कि राजस्व विभाग को मिली शिकायत के मद्देनजर तहसीलदार के निर्देश पर निरीक्षण किया गया है। उन्होंने मदरसा कमेटी से भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
विस्तार
70 साल से संचालित हो रहे मदरसे में चहारदीवारी के निर्माण की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। शुक्रवार को क्षेत्रीय लेखपाल सतपाल बाबू के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम वार्ड नंबर दस की पुरानी गली में मदरसा इस्लामिया बहरुल उलूम पहुंची।
टीम ने मदरसे के चारों ओर चहारदीवारी के निर्माण के लिए किए जा रहे खोदाई के कार्य के बारे में जानकारी हासिल की गई। लेखपाल ने बताया कि राजस्व विभाग को मिली शिकायत के मद्देनजर तहसीलदार के निर्देश पर निरीक्षण किया गया है। उन्होंने मदरसा कमेटी से भूमि संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
पूर्व सभासद मो. आलम ने बताया कि करीब पौने तीन बीघा भूमि पर मदरसा इस्लामिक बहरुल उलूम का संचालन किया जा रहा है। मदरसे की भूमि राजस्व विभाग के भू अभिलेखों में भी दर्ज है और वक्फ बोर्ड के अधीन है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में की गई शिकायत निराधार और भ्रामक है।
ये भी पढ़ें...Rishikesh-Badrinath Highway: सड़क किनारे खड़े टैंकर से टकराई स्कूटी, दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों की मौत
मदरसे की खाली पड़ी भूमि में बरसों से आसपास के लोग अपने वाहन आदि खड़े करने के साथ ही कूड़ा कचरा फेंक रहे थे। जिससे उठने वाली दुर्गंध से मदरसे में तालीम हासिल करने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मदरसा कमेटी इन सब समस्याओं को ध्यान में रखकर चहारदीवारी का निर्माण करा रही है। वहां पर इकबाल इदरीसी, मो. असलम, राजू ढींगड़ा, तब्बन अली, अकरम अली, सिकंदर अली, सुल्तान अहमद, नाजिम अली आदि थे।