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मेले में प्राप्त कृषि जानकारी का सदुपयोग करें किसान : रौतेला
अमर उजाला ब्यूरो पंतनगर।
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:29 AM IST
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पंतनगर किसान मेले का शुभारंभ करते कुलपति राजीव रौतेला
- फोटो : amar ujala
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पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी मैदान में 104वें किसान मेले का कुलपति एवं कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने मेला परिसर में लगी उद्यान प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही खुली जीप में मेला परिसर का भ्रमण किया। बाद में कुलपति ने कृषि साहित्य का विमोचन भी किया।
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कार्यक्रम में कुलपति राजीव रौतेला ने कहा कि विवि करीब छह दशक में अपनी पहचान कायम कर चुका है। किसान मेला कृषि गतिविधियों के लिए छोटे कुंभ के समान है। इससे छोटे-बड़े सभी किसान लाभान्वित होते हैं। किसान मेले में बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र, रसायन, खेती की विधि, कृषि क्रियाएं इत्यादि की जानकारी विवि के वैज्ञानिक, राज्य एवं केंद्र सरकार के विभाग, निजी फर्मों की ओर से लगाए गए स्टालों पर उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने वैज्ञानिकों की ओर से शोध से जनित तकनीकों एवं जानकारियों को किसानों तक पहुंचाने के लिए किसान मेले को उचित समागम स्थल बताया।
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कुलपति ने किसानों का आह्वान किया कि मेले में उपलब्ध जानकारियों को ग्रहण कर उनका उपयोग अपनी उपज और आय बढ़ाने में करें। उन्होंने विवि के अधिकारियों को किसान मेले को और अधिक व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने की सलाह दी। डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने कहा कि विवि की साख का इस किसान मेले से पता चलता है। यहां पर तराई के साथ ही विभिन्न प्रदेशों के किसान आते हैं और ज्ञान प्राप्त करते है।
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उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम के बीज देश के विभिन्न प्रदेशों में पंतनगर के नाम के कारण ही बिकते है। उन्होंने विवि के सहयोग से ऊधमसिंह नगर में एक स्मार्ट ग्राम विकसित करने का सुझाव दिया। निदेशक प्रसार शिक्षा और मेला संयोजक डॉ. वाईपी डबास ने मेले के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले दिन करीब पांच हजार किसानों ने पंजीकरण कराया है। इस दौरान निदेशक शोध डॉ. एसएन तिवारी, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, विवि प्रबंध समिति सदस्य राजेंद्र पाल सिंह, निदेशक शोध डॉ. एसएन तिवारी आदि मौजूद रहे।