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जनता पर महंगाई का चाबुक : पानी, शिक्षा और खाना सब महंगा
Fri, 03 Apr 2026 01:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:10 AM IST
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रुद्रपुर। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही कई चीजों में दाम में वृद्धि हो गई है। पानी के बिल में इजाफे से जनता पर बोझ बढ़ गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की किल्लत और बढ़ती महंगाई ने पहले से ही उनकी जेब और रसोई पर असर डाल रखा है। उपभोक्ताओं ने कहा कि सरकार को रोजमर्रा की चीजों पर राहत देनी चाहिए।
जिला मुख्यालय रुद्रपुर में करीब 30 हजार उपभोक्ता घर तक पहुंचने वाले पानी की सुविधा लेते हैं। बीते वर्ष कई वार्ड में गंदे पानी की शिकायत के बाद पाइपलाइन बदली गईं। इससे लोगों को राहत तो मिली लेकिन अब उनकी जेब पर असर पड़ने वाला है। इसका कारण है एक अप्रैल से पानी के बिल में बढ़ोतरी कर दी गई है। विभाग ने बिल पर चार प्रतिशत की वृद्धि की है। इसका असर घरेलू के साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
नई दरों के लागू होने के बाद अब जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी लेने वाले उपभोक्ताओं को पुराने बिल की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। विभाग के अनुसार यह बढ़ोतरी 2013 में तय बेस रेट के तहत हर वर्ष होने वाली स्वचालित वृद्धि का हिस्सा है। इधर, शहर उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस, बिजली, राशन और स्कूल फीस तक महंगी हो चुकी है ऐसे में पानी जैसे बुनियादी संसाधन पर शुल्क बढ़ाना आम आदमी की कमर तोड़ने जैसा है।
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कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए हर महीने का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में बढ़ा हुआ बिल लोगों को अनुचित लग रहा है।
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पहले ही घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। रसोई गैस, सब्जी, दूध और बिजली के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अब पानी के बिल में भी इजाफा कर दिया गया है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझनी चाहिए। - कल्पना, रुद्रपुर वार्ड नंबर-21
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पानी के बिल में बढ़ोतरी का असर लोगों की जेब पर भी पड़ेगा। पहले ही अन्य खर्च बढ़ चुके हैं। अब पानी के बिल में इजाफा होने से कुल खर्च और बढ़ जाएगा। सरकार की ओर से राहत देने के बजाय नए-नए खर्च बढ़ाए जा रहे हैं। - ललित बिष्ट, वार्ड नंबर-29
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सैलरी वहीं की वहीं है लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पानी का बिल पहले ही ज्यादा आता था अब उसमें भी चार प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। हर विभाग किसी न किसी बहाने से दरें बढ़ा रहा है जिससे आम आदमी पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। - बाबू खान, वार्ड नंबर-29
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जिला मुख्यालय रुद्रपुर में करीब 30 हजार उपभोक्ता घर तक पहुंचने वाले पानी की सुविधा लेते हैं। बीते वर्ष कई वार्ड में गंदे पानी की शिकायत के बाद पाइपलाइन बदली गईं। इससे लोगों को राहत तो मिली लेकिन अब उनकी जेब पर असर पड़ने वाला है। इसका कारण है एक अप्रैल से पानी के बिल में बढ़ोतरी कर दी गई है। विभाग ने बिल पर चार प्रतिशत की वृद्धि की है। इसका असर घरेलू के साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
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नई दरों के लागू होने के बाद अब जल संस्थान की पाइपलाइन से पानी लेने वाले उपभोक्ताओं को पुराने बिल की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। विभाग के अनुसार यह बढ़ोतरी 2013 में तय बेस रेट के तहत हर वर्ष होने वाली स्वचालित वृद्धि का हिस्सा है। इधर, शहर उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस, बिजली, राशन और स्कूल फीस तक महंगी हो चुकी है ऐसे में पानी जैसे बुनियादी संसाधन पर शुल्क बढ़ाना आम आदमी की कमर तोड़ने जैसा है।
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कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि उनकी आय में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए हर महीने का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में बढ़ा हुआ बिल लोगों को अनुचित लग रहा है।
पहले ही घर का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। रसोई गैस, सब्जी, दूध और बिजली के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अब पानी के बिल में भी इजाफा कर दिया गया है। सरकार को आम जनता की परेशानी समझनी चाहिए। - कल्पना, रुद्रपुर वार्ड नंबर-21
पानी के बिल में बढ़ोतरी का असर लोगों की जेब पर भी पड़ेगा। पहले ही अन्य खर्च बढ़ चुके हैं। अब पानी के बिल में इजाफा होने से कुल खर्च और बढ़ जाएगा। सरकार की ओर से राहत देने के बजाय नए-नए खर्च बढ़ाए जा रहे हैं। - ललित बिष्ट, वार्ड नंबर-29
सैलरी वहीं की वहीं है लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पानी का बिल पहले ही ज्यादा आता था अब उसमें भी चार प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। हर विभाग किसी न किसी बहाने से दरें बढ़ा रहा है जिससे आम आदमी पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। - बाबू खान, वार्ड नंबर-29