{"_id":"66901d83d8d8b972090d2d75","slug":"improved-fish-seeds-are-necessary-to-increase-production-rudrapur-news-c-242-1-rdp1004-112611-2024-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नतशील मत्स्य बीज जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नतशील मत्स्य बीज जरूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंतनगर। डाॅ. हीरालाल चौधरी की ओर से विकसित ‘उत्प्रेरित मत्स्य उत्पादन की तकनीक’ के लिए भारत सरकार ने प्रतिवर्ष दस जुलाई को राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस घोषित किया है। इसकी इस वर्ष फोकल थीम ‘समगतिशील मत्स्य पालन’ निर्धारित की गई।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को मत्स्य पालक दिवस का आयोजन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 25 मत्स्य पालकों और किसानों ने भाग लिया। जिन्हें उच्च गुणवत्तायुक्त कार्प प्रजातियों के लगभग एक लाख मत्स्य बीज बांटे। कार्यवाहक कुलपति एवं कुलसचिव डाॅ. दीपा विनय ने मत्स्य पालन की विकसित तकनीकों का समावेश करने का आह्वान किया। पोषणयुक्त मछली से स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करें। डीएसडब्ल्यू डाॅ. बृजेश सिंह ने मत्स्य पालन में किए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
वहां महाविद्यालय के संकाय सदस्य डाॅ. आशुतोष मिश्रा, डाॅ. विपुल गुप्ता, डाॅ. राजेश, डाॅ. अनूप कुमार व डाॅ. आकांक्षा खाती आदि थे। संवाद
विज्ञापन
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को मत्स्य पालक दिवस का आयोजन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 25 मत्स्य पालकों और किसानों ने भाग लिया। जिन्हें उच्च गुणवत्तायुक्त कार्प प्रजातियों के लगभग एक लाख मत्स्य बीज बांटे। कार्यवाहक कुलपति एवं कुलसचिव डाॅ. दीपा विनय ने मत्स्य पालन की विकसित तकनीकों का समावेश करने का आह्वान किया। पोषणयुक्त मछली से स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करें। डीएसडब्ल्यू डाॅ. बृजेश सिंह ने मत्स्य पालन में किए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
विज्ञापन
वहां महाविद्यालय के संकाय सदस्य डाॅ. आशुतोष मिश्रा, डाॅ. विपुल गुप्ता, डाॅ. राजेश, डाॅ. अनूप कुमार व डाॅ. आकांक्षा खाती आदि थे। संवाद