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प्रभावितों तक नहीं पहुंची फौरी मदद, सिर्फ नेता पहुंचे: हरदा
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रुद्रपुर में डीएम को ज्ञापन देते पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल व अन्य।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आपदा प्रभावितों तक मदद पहुंचाना मुख्य उद्देश्य होना चाहिए, लेकिन आपदा के पांचवें दिन भी रुद्रपुर में प्रभावितों तक मदद नहीं पहुंची है। अब तक सिर्फ नेता ही पहुंचे हैं। कहा कि प्रभावितों को फौरी सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए जाएं ताकि लोग कपड़े, खाने-पीने का इंतजाम कर सकें। किसानों को फसल नुकसान की एवज में 50 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएं। सरकार लचीला रुख अपनाए और टूटा हुआ धान खरीदे। मंडियों में किसानों की ओर से लाए जाने वाले धान में नमी और डैमेज के मानकों में बदलाव करे।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित बस्तियों की हालत चिंताजनक है। बस्तियों में सफाई और दवा का छिड़काव नहीं हुआ तो डेंगू सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। कांग्रेस सरकार ने आपदा के समय मानकों में बदलाव किया था और बदले मानकों पर ही प्रभावितों को सहायता दी थी। कहा कि गृह मंत्री ने 36 घंटे पहले ही आपदा की चेतावनी जारी कर देने की बात कही है, लेकिन चेतावनी के बाद भी सरकार का आपदा प्रबंधन फेल साबित हुआ है।
इससे पूर्व उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ डीएम रंजना राजगुरू से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि आपदा में हुए नुकसान का आकलन कर राज्य और केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाए ताकि प्रभावितों को नुकसान का मुआवजा समय से मिले। कहा कि व्यापारियों को भी आपदा में भारी नुकसान हुआ है और इसका भी आकलन कर मुआवजा दिया जाए। बैंकों से लिए गए ऋण को माफ किया जाए। राइस मिलर्स का धान पूरी तरह खराब हो चुका है और उनको भी सहायता मिलनी चाहिए। वहां पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तिलकराज बेहड़, हिमांशु गावा, संदीप चीमा, सीपी शर्मा, जगदीश तनेजा, मीना शर्मा, अरुण पांडेय, रजत बांबा, बबीता बैरागी सहित अनेक मौजूद रहे।
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प्रभावितों की मदद के लिए दिया 50 हजार का चेक
रुद्रपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यकर्ताओं के साथ आपदा प्रभावित संजयनगर खेड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि घरों में बर्बादी का आलम है। सामान इस कदर खराब हो चुका है कि कोई कबाड़ी भी उसे नहीं खरीदेगा। यह तबाही सबसे प्रतिष्ठित शहर की है। उन्होंने महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा को 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि इस धनराशि के अलावा कार्यकर्ता रुपये जुटाकर प्रभावितों के भोजन की व्यवस्था करेंगे। संवाद
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शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित बस्तियों की हालत चिंताजनक है। बस्तियों में सफाई और दवा का छिड़काव नहीं हुआ तो डेंगू सहित अन्य बीमारियां हो सकती हैं। कांग्रेस सरकार ने आपदा के समय मानकों में बदलाव किया था और बदले मानकों पर ही प्रभावितों को सहायता दी थी। कहा कि गृह मंत्री ने 36 घंटे पहले ही आपदा की चेतावनी जारी कर देने की बात कही है, लेकिन चेतावनी के बाद भी सरकार का आपदा प्रबंधन फेल साबित हुआ है।
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इससे पूर्व उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ डीएम रंजना राजगुरू से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कहा कि आपदा में हुए नुकसान का आकलन कर राज्य और केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी जाए ताकि प्रभावितों को नुकसान का मुआवजा समय से मिले। कहा कि व्यापारियों को भी आपदा में भारी नुकसान हुआ है और इसका भी आकलन कर मुआवजा दिया जाए। बैंकों से लिए गए ऋण को माफ किया जाए। राइस मिलर्स का धान पूरी तरह खराब हो चुका है और उनको भी सहायता मिलनी चाहिए। वहां पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तिलकराज बेहड़, हिमांशु गावा, संदीप चीमा, सीपी शर्मा, जगदीश तनेजा, मीना शर्मा, अरुण पांडेय, रजत बांबा, बबीता बैरागी सहित अनेक मौजूद रहे।
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प्रभावितों की मदद के लिए दिया 50 हजार का चेक
रुद्रपुर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कार्यकर्ताओं के साथ आपदा प्रभावित संजयनगर खेड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि घरों में बर्बादी का आलम है। सामान इस कदर खराब हो चुका है कि कोई कबाड़ी भी उसे नहीं खरीदेगा। यह तबाही सबसे प्रतिष्ठित शहर की है। उन्होंने महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा को 50 हजार रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रभावितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास करने को कहा। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि इस धनराशि के अलावा कार्यकर्ता रुपये जुटाकर प्रभावितों के भोजन की व्यवस्था करेंगे। संवाद