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गैंगस्टरों की अवैध सम्पत्ति होगी जब्त: डीजीपी
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शहर में ट्रैफिक जाम की वजहों को बताते कंपनी के अधिकारी। संवाद
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। शहर की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा और उनके निराकरण के लिए शुक्रवार को रुद्रपुर सिटी क्लब में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में डीजीपी अशोक कुमार सीधे जनता से रूबरू हुए। शहरवासियों, उद्योगपतियों और विद्यार्थियों ने उन्हें अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और नशाखोरी की समस्याओं से अवगत कराया। डीजीपी ने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। गैंगस्टरों की अवैध संपत्ति भी जब्त की जाएगी।
रुद्रपुर सिटी क्लब में सुबह करीब 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीजीपी अशोक कुमार के समक्ष लोगों ने शहर की समस्याओं को रखा। सिडकुल के उद्यमियों ने ट्रैफिक जाम व वाहन पार्किंग को प्रमुख समस्या बताते हुए कहा कि अतिक्रमण के कारण फैक्टरियों से कर्मचारियों की छुट्टी के समय जाम की समस्या रहती है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से सिडकुल पुलिस चौकी को थाने में उच्चीकृत करने व अटरिया मार्ग पर पुलिस ड्यूटी लगाने की मांग की। स्कूली बच्चों को भी स्कूलों की छुट्टी के समय जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने फुटपाथों से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। व्यापारियों व समाजसेवियों ने स्कूलों की छुट्टी के समय शहर में सीपीयू की ड्यूटी लगवाने की मांग की।
लोगों ने जिले में भूमाफिया व खनन माफिया की बढ़ती सक्रियता पर चिंता व्यक्त की। कहा कि जिले में नशे के धंधे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। शहर के खेड़ा, रंपुरा, भदईपुरा समेत जगह-जगह कई मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए रंपुरा पुलिस चौकी को थाने में उच्चीकृत करने की मांग की।
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डीजीपी ने शहरवासियों की समस्याएं सुनने के बाद अटरिया मार्ग और रुद्रपुर डिग्री कॉलेज गेट पर पुलिस ड्यूटी लगाने व अन्य समस्याओं का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया। डीजीपी ने कहा कि नशे का धंधा कर रहे लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। सभी गैंगस्टरों की अवैध संपत्ति भी जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों की अवैध पार्किंग, ट्रिपल राइडिंग, बगैर हेलमेट आदि की शिकायत ट्रैफिक आई एप पर कर सकते हैं। वहां डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी मनोज कुमार कत्याल, सीओ अभय सिंह, कोतवाल विक्रम राठौर, अजय तिवारी, अनीत सिंह, मो. जाहिद रजा रिजवी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप बंसल, श्रीकर सिन्हा, संजय जुनेजा, राजकुमार सीकरी, प्रोफेसर डॉ. एके पालीवाल, विकास शर्मा, कमल श्रीवास्तव, पूर्जा शर्मा, ललित बिष्ट, सचिन छाबड़ा आदि थे।
शहरवासियों ने उठाई प्रमुख मांगें
- मेडिकल स्टोरों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- अटरिया मार्ग और रुद्रपुर डिग्री कॉलेज गेट पर तैनात हो पुलिस फोर्स।
- रंपुरा और सिडकुल पुलिस चौकियों को थानों को थानों के रूप में उच्चीकृत किया जाए।
- बाजार क्षेत्र व हाईवे किनारे अवैैध रूप से पार्क वाहनों का चालान किया जाए।
- अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
- भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग से सेल का गठन हो।
- नशे के धंधेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
- शहर के सार्वजनिक क्षेत्रों पर और रात्रि गश्त में पुलिस टीम बढ़ाई जाए।
- बाहरी लोगों का सत्यापन किया जाए।
- ट्रैफिक पुलिस चालान काटने के साथ ही लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करे।
- ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जाए।
नशे के धंधेबाजों को मिले फांसी की सजा
रुद्रपुर। सुभाष कॉलोनी निवासी मृतक सद्दाम के परिजन भी जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने नशे के धंधेबाजों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सद्दाम की हत्या में गिरफ्तार किया गया नवाब युवकों से कूड़ा बिनवाने के बाद उन्हें पैसे देने के बजाय नशीले पदार्थ देता था। इधर, खेड़ा निवासी हिना व उसकी मां संजीदा ने भदईपुरा निवासी एक व्यक्ति पर उनके पैसे हड़पने व फायरिंग कर धमकाने का आरोप लगाते हुए डीजीपी से शिकायत की। डीजीपी ने सीओ रुद्रपुर से इसकी जांच करने को कहा। संवाद
तराई से आतंक का सफाया करने में निभाई थी भूमिका
रुद्रपुर। जनसंवाद कार्यक्रम के आखिर में जनता को संबोधित करने के दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने 90 के दशक में तराई में फैले आतंक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में वह रुद्रपुर में बतौर एसपी तैनात हुए थे। उस समय अविभाजित यूपी के दौरान रुद्रपुर नैनीताल जिले का हिस्सा था।
आतंक का दौर होने के कारण पूरे जिले में लोग शाम पांच बजे के बाद अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। सड़कों पर सुनसानी छा जाती थी। पुलिस अधिकारी भी कड़ी सुरक्षा में रहते थे। आतंकी कभी जंगलों में तो कभी गन्नों के खेतों में छिपकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया करते थे। तराई से आतंक को खत्म करने में पुलिस विभाग ने अपनी पुरजोर ताकत लगा दी थी।
डीजीपी ने कहा कि तराई में आतंक तो खत्म हो चुका है लेकिन वर्तमान में नशे की प्रवृत्ति व अन्य अपराध बढ़ते जा रहे हैं। इन पर रोक लगाने के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्य रह रही हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटना वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए साइबर थाने की पुलिस टीम सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रही हैं। स्कूलों में साइबर अपराध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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रुद्रपुर सिटी क्लब में सुबह करीब 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीजीपी अशोक कुमार के समक्ष लोगों ने शहर की समस्याओं को रखा। सिडकुल के उद्यमियों ने ट्रैफिक जाम व वाहन पार्किंग को प्रमुख समस्या बताते हुए कहा कि अतिक्रमण के कारण फैक्टरियों से कर्मचारियों की छुट्टी के समय जाम की समस्या रहती है। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से सिडकुल पुलिस चौकी को थाने में उच्चीकृत करने व अटरिया मार्ग पर पुलिस ड्यूटी लगाने की मांग की। स्कूली बच्चों को भी स्कूलों की छुट्टी के समय जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने फुटपाथों से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। व्यापारियों व समाजसेवियों ने स्कूलों की छुट्टी के समय शहर में सीपीयू की ड्यूटी लगवाने की मांग की।
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लोगों ने जिले में भूमाफिया व खनन माफिया की बढ़ती सक्रियता पर चिंता व्यक्त की। कहा कि जिले में नशे के धंधे के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। शहर के खेड़ा, रंपुरा, भदईपुरा समेत जगह-जगह कई मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए रंपुरा पुलिस चौकी को थाने में उच्चीकृत करने की मांग की।
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डीजीपी ने शहरवासियों की समस्याएं सुनने के बाद अटरिया मार्ग और रुद्रपुर डिग्री कॉलेज गेट पर पुलिस ड्यूटी लगाने व अन्य समस्याओं का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया। डीजीपी ने कहा कि नशे का धंधा कर रहे लोगों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। सभी गैंगस्टरों की अवैध संपत्ति भी जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि वाहनों की अवैध पार्किंग, ट्रिपल राइडिंग, बगैर हेलमेट आदि की शिकायत ट्रैफिक आई एप पर कर सकते हैं। वहां डीआईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एसपी मनोज कुमार कत्याल, सीओ अभय सिंह, कोतवाल विक्रम राठौर, अजय तिवारी, अनीत सिंह, मो. जाहिद रजा रिजवी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप बंसल, श्रीकर सिन्हा, संजय जुनेजा, राजकुमार सीकरी, प्रोफेसर डॉ. एके पालीवाल, विकास शर्मा, कमल श्रीवास्तव, पूर्जा शर्मा, ललित बिष्ट, सचिन छाबड़ा आदि थे।
शहरवासियों ने उठाई प्रमुख मांगें
- मेडिकल स्टोरों पर अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- अटरिया मार्ग और रुद्रपुर डिग्री कॉलेज गेट पर तैनात हो पुलिस फोर्स।
- रंपुरा और सिडकुल पुलिस चौकियों को थानों को थानों के रूप में उच्चीकृत किया जाए।
- बाजार क्षेत्र व हाईवे किनारे अवैैध रूप से पार्क वाहनों का चालान किया जाए।
- अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
- भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग से सेल का गठन हो।
- नशे के धंधेबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
- शहर के सार्वजनिक क्षेत्रों पर और रात्रि गश्त में पुलिस टीम बढ़ाई जाए।
- बाहरी लोगों का सत्यापन किया जाए।
- ट्रैफिक पुलिस चालान काटने के साथ ही लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करे।
- ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जाए।
नशे के धंधेबाजों को मिले फांसी की सजा
रुद्रपुर। सुभाष कॉलोनी निवासी मृतक सद्दाम के परिजन भी जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने नशे के धंधेबाजों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सद्दाम की हत्या में गिरफ्तार किया गया नवाब युवकों से कूड़ा बिनवाने के बाद उन्हें पैसे देने के बजाय नशीले पदार्थ देता था। इधर, खेड़ा निवासी हिना व उसकी मां संजीदा ने भदईपुरा निवासी एक व्यक्ति पर उनके पैसे हड़पने व फायरिंग कर धमकाने का आरोप लगाते हुए डीजीपी से शिकायत की। डीजीपी ने सीओ रुद्रपुर से इसकी जांच करने को कहा। संवाद
तराई से आतंक का सफाया करने में निभाई थी भूमिका
रुद्रपुर। जनसंवाद कार्यक्रम के आखिर में जनता को संबोधित करने के दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने 90 के दशक में तराई में फैले आतंक पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में वह रुद्रपुर में बतौर एसपी तैनात हुए थे। उस समय अविभाजित यूपी के दौरान रुद्रपुर नैनीताल जिले का हिस्सा था।
आतंक का दौर होने के कारण पूरे जिले में लोग शाम पांच बजे के बाद अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। सड़कों पर सुनसानी छा जाती थी। पुलिस अधिकारी भी कड़ी सुरक्षा में रहते थे। आतंकी कभी जंगलों में तो कभी गन्नों के खेतों में छिपकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया करते थे। तराई से आतंक को खत्म करने में पुलिस विभाग ने अपनी पुरजोर ताकत लगा दी थी।
डीजीपी ने कहा कि तराई में आतंक तो खत्म हो चुका है लेकिन वर्तमान में नशे की प्रवृत्ति व अन्य अपराध बढ़ते जा रहे हैं। इन पर रोक लगाने के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्य रह रही हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटना वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए साइबर थाने की पुलिस टीम सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक कर रही हैं। स्कूलों में साइबर अपराध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

रुद्रपुर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों के सवालों का जवाब देते डीजीपी अशोक कुमार। साथ म?- फोटो : RUDRAPUR