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Udham Singh Nagar News: आज और कल तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना
Sat, 26 Sep 2026 01:35 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:35 AM IST
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पंतनगर। उत्तराखंड में मध्य जून से सक्रिय हुए मानसून की विदाई के बाद बंगाल की खाड़ी में उठे अर्णव चक्रवात के कारण मौसम बदल रहा है। प्रदेश में आज और कल तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार बन रहे हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में लैंड स्लाइडिंग और मैदानी क्षेत्रों में फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. अजित सिंह नैन ने बताया कि चक्रवात के असर से विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र में शनिवार और रविवार को भारी बारिश (लगभग 100-120 मिमी) होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पहाड़ों में भूस्खलन की घटनाएं और लैंड मैदानी क्षेत्रों में जल भराव, फसलों के गिरने की आशंका रहेगी।
इनसेट
ऐसे बनता है चक्रवात
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. नैन ने बताया कि जब समुद्र के ऊपर का तापमान 27 डिग्री से अधिक होता है तब गर्म हवा ऊपर उठती है और सतह पर निम्न वायुदाब का केंद्र बनता है। इससे चारों ओर की ठंडी हवाएं तेजी से उस केंद्र की ओर बढ़ती हैं और घूमती हुई हवाओं का विशाल चक्र बनाती हैं। इसे ही चक्रवात कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में चक्रवात की हवाएं घड़ी की सुई के विपरीत जबकि दक्षिणी गोलार्ध में यह घड़ी की दिशा में घूमती हैं। इस बार यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बना है जिसे अर्णव नाम दिया गया है। संवाद
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जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. अजित सिंह नैन ने बताया कि चक्रवात के असर से विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र में शनिवार और रविवार को भारी बारिश (लगभग 100-120 मिमी) होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे पहाड़ों में भूस्खलन की घटनाएं और लैंड मैदानी क्षेत्रों में जल भराव, फसलों के गिरने की आशंका रहेगी।
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ऐसे बनता है चक्रवात
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. नैन ने बताया कि जब समुद्र के ऊपर का तापमान 27 डिग्री से अधिक होता है तब गर्म हवा ऊपर उठती है और सतह पर निम्न वायुदाब का केंद्र बनता है। इससे चारों ओर की ठंडी हवाएं तेजी से उस केंद्र की ओर बढ़ती हैं और घूमती हुई हवाओं का विशाल चक्र बनाती हैं। इसे ही चक्रवात कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध में चक्रवात की हवाएं घड़ी की सुई के विपरीत जबकि दक्षिणी गोलार्ध में यह घड़ी की दिशा में घूमती हैं। इस बार यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बना है जिसे अर्णव नाम दिया गया है। संवाद
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