फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Health Problem in UsNagar

Udham Singh Nagar News: गर्भावस्था में लापरवाही बच्चों को बना रही डाउन सिंड्रोम

Mon, 17 Apr 2023 11:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Mon, 17 Apr 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
Health Problem in UsNagar
रुद्रपुर। गर्भावस्था के दौरान लापरवाही बरतने पर बच्चों को कई घातक व लाइलाज बीमारियां अपने शिकंजे में ले रही हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आए हैं। ऊधम सिंह नगर जिले में एक साल में दिल में छेद, डाउन सिंड्रोम, टेड़े-मेड़े पैर, बहरापन, भेेंगापन जैसी जन्मजात गंभीर बीमारियों से 223 बच्चे ग्रसित मिले हैं।
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में आंगनबाड़ी और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले एक से 19 वर्ष उम्र तक के 64 हजार 600 का इलाज किया गया था। इनमें 12 बच्चों की रीड़ की हड्डी अधूरी और आठ बच्चों में डाउन सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित मिले हैं। इसके अलावा आठ बच्चों के जन्म से कटे होंठ, चार के टेड़े-मेड़े पैर, 17 में भेंगापन और 14 बच्चों में बहरेपन की शिकायत मिली हैं, जबकि तीन बच्चों की कमर के नीचे कटोरी नहीं है और 121 बच्चों के दिल में छेद पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं की एएनसी की जांच (एंटीनेटल केयर टेस्ट) न करवाने, शरीर में कैल्सिशय, आयरन और फोलिक एसिड की कमी व उचित खानपान न होने के कारण कई बार बच्चों में विकार पैदा हो जाते हैं। डॉक्टर के अनुसार, इनमें डाउन सिंड्रोम सबसे गंभीर बीमारी है। यह बीमारी आनुवांशिक भी होती है, लेकिन कई बार 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भावस्था पर भी बच्चे डाउन सिंड्रोम से ग्रसित होते हैं। इस बीमारी में बच्चों का मानसिक विकास सही से नहीं हो पाता है।
विज्ञापन




बच्चों के इलाज के लिए पांच अस्पतालों से अनुबंध

रुद्रपुर। जन्मजात गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों के निशुल्क इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांच अस्पतालों से अनुबंध किया है। इनमें तीन अस्पताल उत्तराखंड, एक उत्तर प्रदेश और हरियाणा का अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश, हिमालयन जोलीग्रांट अस्पताल देहरादून मेडिट्रिना अस्पताल देहरादून, श्रीराममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा बरेली और सत्य शाही अस्पताल पलवल शामिल हैं। वर्तमान में ऊधम सिंह नगर जिले के सभी जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों का इलाज इन्हीं अस्पतालों में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की 2022-23 की वार्षिक रिपोर्ट में जिले में बच्चे कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चे मिले हैं। कई बार गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल, स्वास्थ्य जांच व खानपान न होने से भी बच्चों में विकार पैदा होते हैं। कुछ बीमारियां आनुवांशिक भी होती हैं, लेकिन पूर्व सावधानी से इससे बचा जा सकता है। कई बार थ्रीडी अल्ट्रासाउंड से बच्चों की इस जन्मजात बीमारी का पता चल जाता है। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांचों व खानपान में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। -डॉ. हरेंद्र मलिक, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed