Uk: स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान मरीजों को सुरक्षा कवच, निजी अस्पताल नहीं ले सकेंगे अतिरिक्त चार्ज
रुद्रपुर में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। निजी अस्पतालों में कथित अवैध वसूली पर अब निर्णायक प्रहार होने जा रहा है।
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रुद्रपुर में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। निजी अस्पतालों में कथित अवैध वसूली पर अब निर्णायक प्रहार होने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि नए साल से कोई भी निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के मरीजों से किसी भी तरह की वसूली नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए ठोस और प्रभावी योजना तैयार की गई है। इसके तहत निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत आरक्षित प्रत्येक बेड पर अनिवार्य रूप से डिस्प्ले बोर्ड लगाना होगा। इस डिस्प्ले पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखा होगा कि आयुष्मान कार्डधारक मरीजों से इलाज, भर्ती, दवा, जांच, बेड, भोजन या किसी भी अन्य सेवा के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दरअसल, लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों से फाइल चार्ज, दवा चार्ज, जांच शुल्क या अन्य बहानों से रुपये वसूल रहे हैं। कई मामलों में मरीजों को इलाज से इनकार करने या अतिरिक्त राशि न देने पर परेशान किए जाने के आरोप भी सामने आए थे। इन शिकायतों ने विभाग को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। बता दें कि जिले में कई सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर करीब 40 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें औचक करेंगी अस्पतालों का निरीक्षण
नई व्यवस्था के तहत निगरानी तंत्र को भी पहले से ज्यादा मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगी। यदि किसी अस्पताल में आयुष्मान मरीज से वसूली या नियमों की अनदेखी पाई गई तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में संबंधित अस्पताल को आयुष्मान योजना से पूरी तरह बाहर भी किया जा सकता है। डिस्प्ले बोर्ड पर हेल्पलाइन नंबर और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित करनी होगी ताकि मरीज या उनके परिजन सीधे विभाग तक अपनी बात पहुंचा सकें। इस पहल को स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह व्यवस्था एक जनवरी 2026 से लागू होगी। इस फैसले से निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लगेगी और आयुष्मान योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचेगा। निर्धन और कमजोर वर्ग के मरीज अब बिना किसी आर्थिक दबाव और डर के इलाज करा सकेंगे। - डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर